सिनेमाघरों में इस समय सन्नाटा छाया हुआ है। कमजोर फिल्में प्रदर्शित हो रही हैं इस वजह से दर्शक सिनेमाघरों से दूरी बनाए हुए हैं।
26 सितंबर को ‘रफूचक्कर : फन ऑन द रन’, ‘हरी पुत्तर : ए कॉमेडी ऑफ टेरर्स’, ‘मल्लिका : द फायर’, ‘खेल खिलाड़ी का’ (डब) और ‘एक इल्जाम’ (डब) जैसी फिल्में प्रदर्शित हुईं।
एक भी फिल्म ऐसी नहीं है जिसे देखने के लिए दर्शक सिनेमाघरों में जाए। इन सभी फिल्मों में मुख्य है रफूचक्कर और हरी पुत्तर। दोनों फिल्मों की शुरुआत बेहद कमजोर हुई और किसी तरह ये एक सप्ताह पूरा कर पाएँगी। रफूचक्कर न हँसा पाती है और न ही हरि पुत्तर के कारनामे देखने में किसी को रूचि है।
19 सितंबर को ‘वेलकम टू सज्जनपुर’, ‘सास बहू और सेंसेक्स’, ‘हल्ला’, ‘बी हैप्पी बिंदास’ (डब), ‘रंगीला ज़ोहान (डब) और ‘द ग्रेट कालीचरण’ (डब) प्रदर्शित हुई थीं। ‘वेलकम टू सज्जनपुर’ ने लगभग 9 करोड़ का व्यवसाय किया, जिसे फिल्म की लागत को देखते हुए ठीक-ठाक माना जा सकता है। सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों के मुकाबले मल्टीप्लैक्स में इसका व्यवसाय बेहतर रहा।
‘सास बहू और सेंसेक्स’ के हाल बेहद बुरे रहे। दूसरे दिन ही कई मल्टीप्लेक्सेस में इसके शो कम कर दिए गए। किसी तरह इस फिल्म ने एक सप्ताह पूरा किया। ‘हल्ला’ तो बॉक्स ऑफिस पर फुसफुसाहट भी नहीं मचा पाई। फिल्म के कलेक्शन को देखते हुए लगता है कि इसका प्रचार का खर्चा भी नहीं निकल पाएगा। पूरे देश में बमुश्किल इस फिल्म ने करीब आठ लाख का व्वयसाय किया।
‘1920’ दूसरे सप्ताह में नीचे आ गई। ‘रॉक ऑन’ और ‘ए वेडनेसडे’ अभी जमी हुई हैं। ‘द लास्ट लियर’ गिने-चुने शहरों में चल रही है।
सारी निगाहें अब ‘द्रोण’ और ‘किडनैप’ पर लगी हुई है। दोनों फिल्मों को अच्छी शुरुआत मिलने की उम्मीद है। दो अक्टूबर को छुट्टी होने के कारण ये फिल्में गुरुवार को ही प्रदर्शित हो रही हैं। संजय और इमरान अच्छी शुरुआत लेते हैं या अभिषेक, इसका निर्णय दो तारीख को होगा।