गीता बसरा इन दिनों गुस्से से उबल रही हैं। क्रिकेट खिलाड़ी हरभजनसिंह के साथ उनका नाम जोड़ा जा रहा है और यही उनकी परेशानी का कारण है। पिछले कुछ दिनों से हरभजन और गीता के बारे में लगातार खबरें आ रही हैं। हद तो तब हो गई जब मुंबई के एक समाचार पत्र ने गीता और हरभजन के बारे में ऐसी खबर प्रकाशित कर दी कि गीता अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाईं।
‘मैं इंडस्ट्री में तीन वर्षों से हूँ और लगातार मेरे बारे में गलत खबरें प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन अब तो हद हो गई है। इन खबरों को पढ़कर मैं कैसे अपने करियर पर ध्यान दे सकती हूँ।‘ गीता कहती हैं।
‘गीता होटल में हरभजन के कमरे में जाती हुई देखी गईं’ यह खबर एक समाचार-पत्र ने प्रकाशित की। इस बारे में गीता का कहना है ‘क्या उस पत्रकार को मेरे अलावा और लोग नहीं दिखाई दिए जो कमरे में थे। यह घटिया पत्रकारिता का नमूना है।‘
क्या आपको पता था कि इस तरह की खबर छपने जा रही है? पूछने पर गीता कहती हैं ‘मुझे पता था। उस पत्रकार ने मुझसे फोन कर पूछा था कि हरभजन के रूम में जाने के पीछे मेरा क्या उद्देश्य था? मैंने उससे सिर्फ इतना कहा था कि भज्जी मेरा अच्छा दोस्त है और हम अकसर एक-दूसरे से मिलते हैं। मैंने उससे यह भी कहा था कि हमारे दोस्तों के साथ मेरे परिवार के कुछ सदस्य भी वहाँ मौजूद थे।‘
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए गीता कहती हैं ‘उस पत्रकार ने इस तरह खबर लिखी मानो मेरे और भज्जी के अलावा कोई और वहाँ नहीं था। उसने उन लोगों के बारे में कुछ भी नहीं लिखा। मैंने उससे जो कुछ भी कहा उसका उल्लेख भी नहीं किया गया। अपनी कहानी को मसालेदार बनाने के लिए किसी व्यक्ति की इमेज या प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।‘
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हरभजनसिंह ने गीता से इस मामले में शांत रहने के लिए कहा है। हरभजन का कहना है कि ऐसी बातें तो होती रहती हैं और सारे मामले की सच्चाई हमारे करीबी लोग जानते हैं, लेकिन गीता का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है।
‘मैं यू.के. से आई हूँ। आधुनिक विचारधारा की हूँ। इसका ये मतलब नहीं है कि इसका फायदा उठाया जाए। यदि मेरा कोई बॉयफ्रेंड हुआ तो मैं उसे छुपाऊँगी नहीं। आपके पास कलम की ताकत है तो इसका ये मतलब नहीं निकलता कि आप जो चाहें वो लिख दें। यह घटिया पत्रकारिता का नमूना है। मैं इसके लिए मीडिया को दोष नहीं देती, लेकिन दो-चार लोग भी ऐसा करेंगे तो मैं चुप नहीं रहूँगी।‘ गीता चेतावनी देते हुए कहती हैं।