यदि आप सोच रहे हैं कि राहुल बोस ने अभिनय से संन्यास ले लिया है तो गलत सोच रहे हैं। राहुल ने अपने प्रिय खेल रग्बी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलविदा कह दिया है। वे अब किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में भाग नहीं लेंगे। राहुल रग्बी की भारतीय टीम के नियमित सदस्य थे।
रग्बी ने सिखाई तीन बातें भावुक होकर राहुल कहते हैं कि उन्हें रग्बी के जरिए तीन बातें सीखने को मिलीं, जो उनके माता-पिता ने भी नहीं सिखाई थी।
वे कहते हैं, ‘पहली बात जो मैंने इस खेल से सीखी वह यह कि कैसे अपना 100 प्रतिशत खेल को दिया जाता है, भले ही आप हारें या जीतें। हार को स्वीकारना और परिणाम की बजाय खेल का आनंद उठाना मैंने इससे ही सीखा।
दूसरी बात जो मैंने सीखी कि एक टीम के रूप में मिल-जुलकर कैसे काम किया जाता है क्योंकि मेरा स्वभाव अकेले रहने का है। यदि आप अकेले खेलेंगे तो चोट लगने की संभावना ज्यादा रहती है।
तीसरी बात यह कि दिल बड़ा और दिमाग ठंडा रखना चाहिए। ये तीन बातें मैंने रग्बी खेल से सीखीं, जो मेरे माता-पिता ने नहीं सिखाई थीं।
क्यों छोड़ा रग्बी राहुल कहते हैं, ‘मुझे दु:ख है कि मैंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल को छोड़ दिया है। इस खेल को जितना समय दिया जाना चाहिए उतना समय मेरे पास नहीं है। इस खेल से अलग होने की दूसरी वजह यह है कि हमारी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी की उम्र मात्र 18 वर्ष है। यह इस बात का सूचक है कि मैं अपने दोस्तों के बच्चों के साथ खेलूँ, इसके पहले मुझे हट जाना चाहिए। मुझे लगता है कि खेलना तब छोड़ देना चाहिए जब लोग पूछे क्यों, न कि क्यों नहीं।
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