11 अप्रैल वाले सप्ताह से बॉलीवुड वालों को बड़ी उम्मीदें थीं, क्योंकि इस दिन दो बड़ी फिल्में ‘यू, मी और हम’ तथा ‘क्रेजी 4’ प्रदर्शित हुईं, परंतु दोनों फिल्मों की निराशाजनक रिपोर्ट ने सभी को निराश कर दिया। यह मुकाबला कमजोर साबित हुआ।
दोनों फिल्मों के निर्देशक नए हैं और दोनों ही फिल्मों में मुख्य किरदार किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त हैं। अजय देवगन की ‘यू, मी और हम’ को ‘क्रेजी 4’ के मुकाबले धीमी शुरुआत मिली।
फिल्म की धीमी गति और कमजोर ड्रामे के कारण यह फिल्म ज्यादातर दर्शकों को पसंद नहीं आ रही है। इस बात की उम्मीद कम है कि यह फिल्म धीरे-धीरे रफ्तार पकड़े।
इस समय दर्शक हास्य फिल्म देखना चाहते हैं, इसलिए दर्शकों को ‘क्रेजी 4’ से कुछ ज्यादा ही आशाएँ थीं। राकेश रोशन द्वारा लिखी गई कहानी में हास्य की भरपूर गुंजाइश थी, लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म हँसाती कम, बोर ज्यादा करती है। बॉक्स ऑफिस पर ‘क्रेजी 4’ शायद ही कमाल दिखा सके।
4 अप्रैल को ढेर सारी फिल्में प्रदर्शित हुई थीं, लेकिन सभी फ्लॉप हो गईं। ‘शौर्य’ का शौर्य बॉक्स ऑफिस पर कुछ काम नहीं आया। देशभर के 97 सिनेमाघरों के उपलब्ध आँकड़ों के मुताबिक इस फिल्म ने लगभग 98 लाख 88 हजार का व्यवसाय किया।
‘भ्रम’ के हाल तो और भी बुरे रहे। इस फिल्म का ठीक से प्रचार भी नहीं किया गया और प्रदर्शित कर दिया गया। बमुश्किल इस फिल्म ने लगभग 23 लाख का व्यवसाय किया। आँकड़े इतने शर्मनाक हैं कि कई सिनेमाघरों ने यह बताने से इंकार कर दिया।
‘खुदा के लिए’ की भरपूर प्रशंसा की गई, लेकिन दर्शकों ने इस फिल्म से दूर रहना ही बेहतर समझा। इस फिल्म का सबसे बेहतर प्रदर्शन मुंबई में रहा। ‘एक चतुर नार’, ‘बारिश - द सीज़न ऑफ लव’ जैसी फिल्में कुछ शहरों में प्रदर्शित हुईं और किसी तरह एक सप्ताह इन फिल्मों ने पूरा किया।
दूसरे सप्ताह में ‘वन टू थ्री’ के कलेक्शन और नीचे आ गिरे। 196 सिनेमाघरों में इस फिल्म ने पौने तीन करोड़ का व्यवसाय किया। ‘रेस’ ने तीसरे सप्ताह में लगभग तीन करोड़ 98 लाख का व्यवसाय किया।
टॉप फाइव फिल्म्स (4 से 10 अप्रैल 2008) 1) रेस (तीसरा सप्ताह) 2) वन टू थ्री (दूसरा सप्ताह) 3) शौर्य (पहला सप्ताह) 4) खुदा के लिए (पहला सप्ताह) 5) जोधा अकबर (आठवाँ सप्ताह)
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