मनीषा कोईराला इन दिनों शांति की तलाश में हैं और वे एक योगा ग्रुप में शामिल हुई हैं। मनीषा का फिल्मी करियर लगभग समाप्त हो गया है और इन दिनों वे बी और सी ग्रेड फिल्मों में यदाकदा दिखाई देती हैं।
दिल के मामले में भी उनका हाल बुरा रहा। उनके प्रेमियों की सूची इतनी लंबी है कि वे भी गिनती भूल गई होंगी। प्यार के मामले में असफल रही मनीषा ने शराब में सुकून ढूँढा और जब नहीं मिला तो वे शांति को अध्यात्म और योग में ढूँढ रही हैं।
मनीषा कोइराला को एक समय बेहद प्रतिभाशाली नायिका माना गया था। सुभाष घई की फिल्म ‘सौदागर’ से अपना करियर शुरू करने वाली मनीषा ने कुछ फिल्मों में यादगार अभिनय किया। गोविंदा ने तो उनकी तुलना मीना कुमारी से की थी। प्रतिभाशाली होने के साथ-साथ काम के प्रति जिम्मेदार होना भी जरूरी होता है, जिसकी मनीषा में कमी थी। अपने घोर लापरवाह रवैये के कारण मनीषा ने कई फिल्मों की शूटिंग लटकाई और निर्माताओं को तंग किया, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
उनकी समकालीन अभिनेत्री माधुरी दीक्षित एकदम व्यावसायिक थीं, जिसका लाभ उन्हें मिला। विधु विनोद चोपड़ा और संजय लीला भंसाली जैसे निर्देशकों ने मनीषा के साथ काम करने के बाद दोबारा काम करना पसंद नहीं किया।
मनीषा के शराब पीने के भी कई किस्से प्रचारित हुए। रातभर जागकर वे इतनी शराब पीती थीं कि दूसरे दिन शूटिंग पर उनकी सूजी आँखों को देख निर्देशक अपना सिर पीट लेता था।
जब उनसे बड़े निर्माता-निर्देशकों ने किनारा कर लिया तो मनीषा ‘एक छोटी सी लव स्टोरी’, ‘तुम’ और ‘चाहत : एक नशा’ जैसी फूहड़ फिल्मों में नजर आईं। निर्माता बनकर उन्होंने ‘पैसा वसूल’ (2004) नामक फिल्म बनाकर पैसा गँवाया।
खबर है कि वे एक बार फिर अपनी जोरदार वापसी करना चाहती हैं, लेकिन सोचने से कुछ नहीं होता। उसके लिए कटिबद्ध होकर प्रयास करना भी जरूरी है और मनीषा में हमेशा इसी बात की कमी रही है। वे अपने प्रति भी कभी गंभीर नहीं रहीं।
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