नए निर्देशकों को अवसर देने की परंपरा यशराज फिल्म्स में जारी है। इसी का निर्वाह करते हुए आदित्य चोपड़ा ने ‘आजा नच ले’ के निर्देशन का भार अनिल मेहता को सौंपा। बॉलीवुड में अनिल एक बेहतर सिनेमाटोग्राफर के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने ‘लगान’, ‘कभी अलविदा ना कहना और ‘कल हो ना हो’ जैसी फिल्मों का फिल्मांकन किया है। ‘वीर जारा’ की शूटिंग के दौरान आदित्य चोपड़ा ने बातों ही बातों में अनिल को एक कहानी बताई और पूछ लिया कि क्या वे निर्देशक बनना पसंद करेंगे और अनिल निर्देशक बन गए।
आसान नहीं है निर्देशन निर्देशक को जहाज का कप्तान की संज्ञा दी जाती है। फिल्म का कप्तान होने के नाते सारी जिम्मेदारी उसी के सिर पर होती है। अनिल को ‘आजा नच ले’ के निर्देशन करते समय यह बात अच्छी तरह समझ में आ गई। उनके अनुसार निर्देशन की बजाय कैमरा संभालना आसान काम है क्योंकि फिल्म का निर्देशन करते समय जबरदस्त एकाग्रता की जरूरत होती है। अनिल ने इसीलिए ‘आजा नच ले’ के फिल्मांकन की जिम्मेदारी मोहनन को सौंपी ताकि वे अपना पूरा ध्यान निर्देशन पर लगा सकें।
माधुरी की वापसी माधुरी की अंतिम फिल्म पाँच वर्ष पहले प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म के जरिए वह अपनी वापसी कर रही हैं। इसलिए यह फिल्म अनिल के साथ-साथ माधुरी के लिए भी महत्वपूर्ण है। अनिल ने पहले कभी माधुरी के साथ काम नहीं किया, लेकिन पहली बार माधुरी के साथ काम करते हुए उनका अनुभव बेहद अच्छा रहा। अनिल के मुताबिक माधुरी बेहद सरल इंसान और महान कलाकार हैं और उनके साथ काम करते हुए कोई परेशानी महसूस नहीं हुई। अपने जमाने की सुपरस्टार रह चुकी माधुरी नृत्य में प्रवीण हैं। उनके इस गुण को फिल्म में प्रमुखता से दर्शाया गया है और फिल्म के शीर्षक से ही यह जाहिर होता है। कहा जा रहा है कि फिल्म में माधुरी का नृत्य देखने लायक होगा।
आजा नच ले आदित्य चोपड़ा की कहानी पर पटकथा जयदीप साहनी ने लिखी है, जिनके द्वारा लिखी गई फिल्म ‘चक दे इंडिया’ इस वर्ष की सफलतम फिल्मों में से एक है। यह एक छोटे शहर की कहानी है। इसमें माधुरी न्यूयार्क से वापस लौटकर अपने गुरु की निशानी ‘अजंता थिएटर्स’ को बचाने की कोशिश करती है। उसका मुकाबला स्थानीय राजनीतिज्ञ से है जो मौके की जमीन को हथियाना चाहता है। अनिल को कहानी पसंद आई इसीलिए उन्होंने निर्देशन की जिम्मेदारी ली। अनिल के मुताबिक उन्होंने विषय के साथ न्याय करने की कोशिश की है और फिल्म सभी को पसंद आएगी। चूँकि फिल्म की कहानी में छोटे शहर को प्रमुखता दी गई है, इसलिए अनिल भारत के छोटे शहरों में रहने वाले लोगों की फिल्म के बारे में प्रतिक्रिया जानने के लिए उत्सुक हैं।
माधुरी नाराज? पिछले दिनों यह खबर चर्चा का केन्द्र बनी थी कि माधुरी दीक्षित फिल्म से खुश नहीं है। इसी वजह से वह बजाय प्रचार करने के अमेरिका चली गई और हाल ही में आदित्य चोपड़ा के कहने से भारत आई। अनिल इन खबरों का खंडन करते हुए कहते हैं कि इस तरह की खबरें निराधार हैं। उनके अनुसार जब फिल्म का पहला प्रिंट आया तब माधुरी अमेरिका में थी और उन्होंने फिल्म देखी भी नहीं थी, ऐसे में माधुरी के नाराज होने का सवाल ही नहीं उठता।
आजा नच ले : 'अजंता' को बचाने का संघर्ष
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