आमिर खान के लिए तमाम पापुलर अवॉर्ड्स पाना 'बेकार' लगता है। आमिर कहते हैं- ये सब बेकार हैं। ऑस्कर जीतने की ख्वाहिश उनके मन में है, जिसके करीब वे एक-दो बार पहुँच चुके हैं।
आमिर काम करते समय घड़ी नहीं देखते। जब तक काम पूरा नहीं होता वे चैन से नहीं बैठते।
निर्माता परिवार से जुड़े होने की वजह से आमिर की हमेशा यह कोशिश रहती है कि जो भी फिल्म मिले उससे निर्माता को जरुर फायदा होना चाहिए। इसी वजह से वे कला फिल्मों को पसंद नहीं करते।
दिलीप कुमार, शम्मी कपूर, अमिताभ बच्चन, नसीरुद्दीन शाह के साथ-साथ गोविंदा भी आमिर के पसंदीदा अभिनेता हैं।
आमिर का मानना है कि सफलता पाने के लिए स्वयं के नियम बनाइए और उन पर सख्ती से कायम रहिए।
मुंबइया फिल्मी दुनिया की अनुशासनहीनता और बेतरतीब कार्यप्रणाली के आमिर खान शुरू से विरोधी रहे हैं।
कुछ असफल फिल्मों के बाद आमिर ने दिलीप कुमार स्टाइल में एक या दो फिल्मों में काम करने का संकल्प लिया है और अब तक वे उसका पालन कर रहे हैं।
आमिर हर काम बहुत सोच-समझकर करते हैं और किसी फिल्म के लिए उनके मुँह से हाँ निकलवाना बहुत कठिन काम माना जाता है।
शाहरुख खान के साथ आमिर फिल्म करना चाहते हैं, लेकिन दोनों सुपरस्टार्स के अहं के चलते यह संभव नहीं लगता।
आमिर खान और सनी देओल की तीन बार फिल्में एक साथ प्रदर्शित हुई हैं। घायल और दिल, घातक और राजा हिन्दुस्तानी, गदर और लगान। तीनों बार दोनों की फिल्में कामयाब हुई हैं।