एक बार घोंचू पोंचू के गांव गया। वहां उसने देखा कि पोंचू के दादाजी दादीजी को बड़े प्यार से स्वीटी, डार्लिंग, माई लव कह कर बुला रहे हैं।घोंचू ने पूछा : दादाजी अभी तक आप दादीजी को इतना प्यार करते हो!दादाजी ने कहा : असल में बात यह है कि मैं सालों पहले ही इसका असली नाम भूल गया था। पूछने की कभी हिम्मत नहीं हुई, इसलिए इन्हीं नामों से बुलाकर इसे खुश करता रहता हूं।