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मुख पृष्ठ मनोरंजन » बॉलीवुड » आलेख » शाहिद कपूर : ओवर रेटेड स्टार

शाहिद कपूर की उम्मीद फिर धराशायी हो गई। हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘तेरी मेरी कहानी’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल है। एक स्टार की जिम्मेदारी होती है कि वह कम से कम फिल्म की ओपनिंग जोरदार करवाए, लेकिन शाहिद इसमें भी नाकाम रहे।


शाहिद को हिट फिल्म दिए हुए अरसा हो गया है। पिछले पांच वर्षों में उनकी ग्यारह फिल्में रिलीज हुई है और उसमें से जब वी मेट (2007) और बदमाश कंपनी (2010) ही अपनी लागत से ज्यादा वसूलने में कामयाब हो पाई। जब वी मेट भी इतनी बड़ी हिट नहीं थी जितना इसे प्रचारित किया गया था।

कमीने (2009) के बारे में भी कहा जाता है कि यह सफल फिल्म है, जबकि हकीकत ये है कि इस फिल्म के निर्माण में यूटीवी को घाटा हुआ। हां, इस फिल्म को प्रशंसा जरूर मिली। लगातार फ्लॉप फिल्म देने के बावजूद शाहिद को अच्छे बैनर, सोलो हीरो वाली फिल्म और टॉप हीरोइनों का साथ मिलता रहा, लेकिन इसका कोई विशेष फायदा शाहिद को नहीं मिला।

शाहिद कपूर
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दरअसल शाहिद ओवर रेटेड स्टार हैं, यानी उनकी बॉक्स ऑफिस पर स्टार वैल्यू से ज्यादा मान उन्हें मिलता है। अपने रोमांस को लेकर वे हमेशा सुर्खियों में रहते हैं और निर्माताओं को ये भ्रम हो जाता है कि उनमें भीड़ खींचने का माद्दा है और उन्हें फिल्म में हीरो बना दिया जाता है।

शाहिद की स्टार वैल्यू सीमित है। उनसे आप सौ करोड़ रुपये के बिजनेस की उम्मीद नहीं कर सकते। ज्यादा से ज्यादा उनकी फिल्म तीस से चालीस करोड़ रुपये का व्यवसाय कर सकती है, इसलिए शाहिद की फिल्मों की लागत पन्द्रह से बीस करोड़ रुपये होनी चाहिए, लेकिन कुछ निर्माताओं ने शाहिद को लेकर मौसम, दिल बोले हडिप्पा और कमीने जैसी महंगी फिल्म बनाई और उन्हें मुंह की खानी पड़ी। बदमाश कंपनी सीमित बजट में बनी थी इसलिए हिट रही।

ऐसा ही ओवर रेटिंग बहुत पहले विवेक ओबेरॉय का हुआ था। सनसनी को ही लोकप्रियता मानकर निर्माताओं ने विवेक को लेकर महंगी फिल्म बना डाली और इससे सभी को घाटा हुआ। यही बात शाहिद के साथ दोहराई जा रही है।

इसमें कोई शक नहीं है कि शाहिद के भी कई प्रशंसक हैं, लेकिन जिस तरह की फिल्म में उन्हें फैंस देखना चाहते हैं वैसी फिल्में उन्होंने नहीं चुनी। फिल्म चुनने के मामले में वे हमेशा कमजोर निकले और मिलेंगे मिलेंगे, चांस पे डांस और दिल बोले हडिप्पा जैसी फिल्में उन्होंने की।

शाहिद के समकालीन नायक इमरान खान, इमरान हाशमी, रणबीर कपूर उनसे आगे निकल गए हैं। यहां तक की रणवीर सिंह जैसा नया-नवेला हीरो भी शाहिद की तुलना में आगे नजर आता है। जरूरत है शाहिद को सोच-विचार की। सही फिल्म करने की। उनको लेकर फिल्म बना रहे निर्माताओं को शाहिद की सही स्टार वैल्यू का आंकलन कर फिल्म बनाना होगी, तभी शाहिद को लेकर सक्सेसफुल प्रोजेक्ट बनाया जा सकता है। उम्र शाहिद के पक्ष में है। अभी भी उनके पास अपने करियर को निर्णायक दिशा देने का क्षमता और समय है।
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