राजेश खन्ना-एक अभिनेता, जिसने करोड़ों प्रशंसकों का बेपनाह प्यार पाया। एक सितारा, जिसकी राहों में लड़कियां अपने आंचल को बिछाती रही, एक कलाकार,जिसके अभिनय की खुशबू को युवतियां अपने लॉकेट में बसाती रही। आज खामोश हो गया।
अपने उत्तरार्ध में राजेश खन्ना गुमनामी के अंधेरे-उजाले से निपटते रहे लेकिन करियर की ऊंचाई पर जो चौंका देने वाली लोकप्रियता उन्होंने अर्जित की वह किसी और को नसीब नहीं हुई। बाद में सफल स्टार तो कई बने लेकिन बतौर रोमांटिक अभिनेता उनकी तुलना राजेश से संभव नहीं।
राजेश के लिए युवतियों की दीवानगी का आलम यह था कि सैकड़ों की संख्या में उनके निवास पर भीड़ हर समय, हर मौसम में बनी रहती थी। अपनी लुभावनी मुस्कान, चंचल शरारतें और चमकदार चेहरे से राजेश ने जो जगह उस वक्त युवाओं के दिल में बनाई उसे आज के दौर में समझ पाना मुश्किल है।
उन दिनों हर युवा होती लड़की की आंखों में सिर्फ राजेश बसे थे और हर जवान होते लड़के के लिए राजेश जैसा दिखने की कठिन चुनौती थी। उस वक्त की यंग जनरेशन राजेश की हेयर स्टाइल, ड्रेसिंग सेंस और संवाद अदायगी की कायल थी।
70 के दशक की मुमताज व शर्मिला टेगौर से लेकर 80 के दौर की श्रीदेवी तक उनका जलवा कायम रहा। करियर के अंतिम दिनों में गुमनामी का दंश उन्हें सालता रहा जो कई बार फिल्मी समारोहों में उनकी जुबान पर भी आया।
साथी अभिनेत्रियों से लगाव और पत्नी डिंपल से अलगाव दोनों तरह की खबरें ही मीडिया में सुर्खियां बटोरती रही। हालांकि उनकी बेटियां खास मुकाम हासिल ना कर सकी लेकिन राजेश के अतीत की चमकदार लोकप्रियता कभी भी भुलाई नहीं जा सकेगी। आनंद, अमरप्रेम, आराधना और कटी पतंग जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने यादगार अभिनय की अमिट छाप छोड़ी।
राजेश खन्ना नहीं रहे, यह खबर एक दौर विशेष की महिला प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं। 'जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं...' गुनगुनाते हुए राजेश चल पड़े एक अंतहीन सफर पर... उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।