रक्तदान करने से पहले जानिए 13 बातें...

नम्रता जायसवाल|
प्रस्तुति: नम्रता जायसवाल

जनवरी क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय रक्तदाता माह के रूप में, जानिए 13 बातें...

जीवन का उपहार है रक्तदान

1970 से प्रतिवर्ष जनवरी महीने को 'राष्ट्रीय रक्तदाता माह' के रूप में मनाया जाता है। इस महीने में 'अमेरिकी रेड क्रॉस' जैसे संगठन, उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं, जो हर वर्ष करते है और जरूरतमंदों को जीवन का उपहार देने के लिए दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। रक्त हमारे शरीर का वह तरल पदार्थ है जो शरीर की कोशिकाओं को आवश्यक पोषक तत्व व ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। रक्त की कमी के कारण देशभर में लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं।

1.एक औसत व्यक्ति के शरीर में 10 यूनिट यानि (5-6 लीटर) रक्त होता है।
2. रक्तदान में केवल 1 यूनिट रक्त ही लिया जाता है।

3. कई बार केवल एक कार एक्सीडेंट (दुर्घटना) में ही 100 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ जाती है।
4. एक बार रक्तदान से आप 3 लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं।
5. भारत में सिर्फ 7 प्रतिशत लोगों का ब्लड ग्रुप 'O नेगेटिव' है।
6. 'O नेगेटिव' ब्लड ग्रुप यूनिवर्सल डोनर कहलाता है, इसे किसी भी ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को दिया जा सकता है।
7. इमरजेंसी के समय जैसे जब किसी नवजात बालक या अन्य को खून की आवश्यकता हो और उसका ब्लड ग्रुप ना पता हो तब उसे
'O नेगेटिव' ब्लड दिया जा सकता है।
8. ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया काफी सरल होती है और रक्त दाता को इसमें कोई खास मुश्किल नहीं हैं।

9. आप 18 से 60 वर्ष की आयु तक रक्तदान कर सकते हैं।

10. रक्त दाता का वजन, पल्स रेट, ब्लड प्रेशर, बॉडी टेम्परेचर आदि चीजों के सामान्य पाए जाने पर ही डॉक्टर्स या ब्लड डोनेशन टीम के सदस्य आपका ब्लड लेते हैं।

11. पुरुष 3 महीने और महिलाएं 4 महीने के अंतराल में नियमित रक्तदान कर सकती हैं।
12. हर कोई रक्तदान नहीं कर सकता। यदि आप स्वस्थ हैं, आपको किसी प्रकार का बुखार या बीमारी नहीं हैं, तो ही आप रक्तदान कर सकते हैं।
13. अगर कभी रक्तदान के बाद आपको चक्कर आना, पसीना आना, वजन कम होना या किसी भी अन्य प्रकार की समस्या लंबे समय तक बनी हुई हो तो आप रक्तदान ना करें।


एक रिसर्च में पाया गया की रक्तदान के कई फायदे भी होते हैं। जैसे हार्ट अटैक, मधुमेह, कैंसर की आशंका कम होना। शरीर में कोलेस्टॉल की मात्रा घटना। शरीर में ज्यादा आयरन होना भी शरीर के लिए हानिकारक हो जाता है। रक्तदान करने से आयरन की मात्रा शरीर में नियंत्रित रहती है। रक्तदान महादान है। इससे किसी की जिंदगी को बचाने में आप सहयोग करते हैं, जिसकी खुशी को बयां नहीं किया जा सकता, केवल महसूस किया जा सकता है।




हमें चाहिए कि हम रक्त दाताओं का सम्मान करें, रक्त ड्राइव आयोजित करें, दूसरों को रक्त देने के लिए प्रोत्साहित करें।

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