आइए, संगीत और साहित्य की धारा में बहें

इस बार 'एक शाम मेरे नाम की' ब्लॉग-चर्चा

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आपकी शामें कैसे बीतती हैं? नहीं, यह इतना कठिन सवाल नहीं है कि आप सोच में ही पड़ जाएँ। बस यूँ ही पूछ लिया कि क्या आप अपनी शामों को कुछ सुरीली, संगीतमयी औऱ सुरूचिपूर्ण बनाने चाहते हैं। कई ऐसे हैं जो आपको सुरीला सुनाते हैं। शास्त्रीय से लेकर सुगम संगीत तक। सूफी से लेकर लोक संगीत तक।

और तो और जॉज से लेकर रैप तक। लेकिन इन तमाम ब्लॉगों में एक ब्लॉग ऐसा भी है जो संगीत के साथ ही आपको और यात्रा का भी मजा देता है। संगीत सुनिए, कविताएँ पढ़िए, किताबों के बारे में सहज-सरल टिप्पणियाँ पढ़िए और यात्रा संस्मरण के साथ थोड़ा सा घूमने-फिरने का मजा भी ले लीजिए।

यह ब्लॉग है एक शाम मेरे नाम। इसके ब्लॉगर है मनीष कुमार। वे अपने ब्लॉग हैडर पर लिखते हैं कि- जिंदगी यादों का कारवाँ हैं। खट्टी मीठी भूली बिसरी यादें...क्यों न उन्हें जिंदा करें अपने प्रिय गीतों, गजलों और कविताओं के माध्यम से। अगर साहित्य और संगीत की धारा में बहने को तैयार हैं आप तो कीजिए एक शाम मेरे नाम। तो क्या आप तैयार हैं साहित्य और संगीत की इस धारा में बहने के लिए?

यहाँ पर आपको गीत-गजलें-नज्में मिलेंगे, गीतकारों के बारे में जानकारियाँ मिलेंगी। किसी खास औऱ युवा गायक गायिका के बारे में आत्मीय जानकारियाँ और टिप्पणियाँ भी मिलेंगी। नए-पुराने संगीतकारों से लेकर उनकी खासियतों पर राय मिलेंगी। इस ब्लॉग की एक खासियत है इसकी वार्षिक संगीतमाला जिसमें यह ब्लॉगर सन् 2006, 2007 और 2008 के बेहतरीन गानों के बारे में संपूर्ण जानकारी देता है और वह गीत सुनाता भी है। मिसाल के तौर पर यहाँ आप हाल ही में हिट हुई फिल्मों के मधुर गीतों को सुन सकते हैं।

इनमें एक तरफ आशुतोष गोवारीकर की फिल्म जोधा-अकबर के गीत हैं तो आदित्य चोपड़ा की हिट फिल्म रब ने बना दी जोड़ी के गीत हैं। इसके अलावा दोस्ताना के गीत हैं तो साँवरिया के भी और 'टशन' के गीत हैं तो 'तारे जमीं' के भी। इन गीतों को सुनाने के साथ ही यह ब्लॉगर गीतकार, संगीतकार और गायक-गायिका के बारे में रोचक टिप्पणी भी करता चलता है। इसलिए आपको यहाँ गुलजार से लेकर जावेद अख्तर और प्रसून जोशी से लेकर जयदीप साहनी के बारे में दिलचस्प जानकारी भी मिल सकती है।

यही नहीं ख्यात गायकों के साथ एकदम हाल ही में लोकप्रिय हुए गायक-गायिकाओं के बारे में जानकारी मिल सकती है जैसे बांग्लादेश के गायक जेम्स। संगीतकारों में एआर रहमान से लेकर प्रीतम की कम्पोजिशंस की खासियतों के बारे में आत्मीय बातचीत भी है। यहाँ आपको, कहने को जश्ने बहाराँ हैं, दिल हारा हारा, तुझमें रब दिखता है, अदिति गीत, तुम पे ही आके रूकता हूँ, मौला मेरे ले ले मेरी जान जैसे गीत सुने जा सकते हैं।

लेकिन यह ब्लॉग गीत-संगीत के साथ शायरी की बातें भी करता है और इसीलिए यहाँ अहमद फराज से लेकर परवीन शाकिर, जावेद अख्तर औऱ गुलजार की खूबसूरत शायरी मिल जाएगी। और वे पुराने मनभावन गीत भी जिन्हें शायद हम भूलते जा रहे हैं।

लेकिन इस ब्लॉग पर सिर्फ गीत-गजल-नज्में ही नहीं हैं। यहाँ आपको कुछ बेहतरीन किताबों के बारे में पढ़ने को मिलेगा। ये समीक्षा नहीं बल्कि पाठकीय प्रतिक्रियाएँ हैं और इसीलिए इसमें लेखक और किताब के प्रति एक सहज और निश्छल प्रेम औऱ अनुराग दिखाई देता है। यहाँ आपको ख्यात उपन्यासकार मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास कसप पर दिलचस्प लेख मिल जाएगा। जिसे उपन्यास के अंशों से दिलचस्प और पठनीय बना दिया गया है।

इसी तरह अमृता प्रीतम के कहानी संग्रह दो खिड़कियाँ पर परिचयात्मक टिप्पणी है। इसके अलावा एक जल्लाद की डायरी किताब पर लिखा लेख उल्लेखनीय है। यहाँ जलियाँवाला बाग पर भी किताब की चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त बांग्ला के महान कवि-उपन्यासकार रवीन्द्रनाथ ठाकुर के उपन्यास गोरा पर सारगर्भित ढंग से लिखा गया है। चेतन भगत के लोकप्रिय उपन्यास ' द थ्री मिस्टेक्स आफ माय लाइफ' पर भी लेख पढ़ा जा सकता है।

यह ब्लॉगर कविता प्रेमी भी है। इसलिए यहाँ महादेवी, प्रसाद, दिनकर, बच्चन की कविताएँ पढ़ी जा सकती हैं। इसके साथ ही नीरज और भरत व्यास जैसे गीतकारों की कविताएँ भी दी गई हैं। बच्चन की ख्यात कृति मधुशाला को यहाँ मन्ना डे और अमिताभ बच्चन की आवाज में सुना जा सकता। इस सेक्शन में लोकप्रिय गीतकार प्रसून जोशी की एक गैर फिल्मी कविता पढ़ी जा सकती है।

ek sham mere naam
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यहाँ केरल की यात्रा पर लेखों की एक सिरीज पढ़ी जा सकती है जिसमें केरल की खूबसूरती से लेकर वहाँ के दर्शनीय स्थलों के बारे में सरस शैली में लिखा गया है। इसमें केरल में राजा रवि वर्मा के चित्रों के बारे में जानकारियाँ हैं और उनके कुछ चित्रों को भी पोस्ट किया गया है। इसमें रावण द्वारा जटायु वध, ग्वालिन, लैम्प लिए स्त्री और एक बंजारा परिवार चित्र देखने लायक है।

कुल मिलाकर यह एक ऐसा ब्लॉग है जो संगीत, साहित्य और गीत-गजलों की बेहतर प्रस्तुति देता है और आपकी एक शाम को कुछ अधिक संगीतमय, कुछ अधिक सुरीली और कुछ अधिक मार्मिक बना देता है। अपनी शाम को संगीतमय बनाने के लिए आप उनके इस पते पर जा सकते हैं-

रवींद्र व्यास|
http://ek-shaam-mere-naam.blogspot.com/

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