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आखिर दाफ्ने कारूआना गैलिजिया कौन थी?

बुधवार,अक्टूबर 18, 2017
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नोटबंदी और जीएसटी की मार से आम आदमी के कराहने, छोटे और मध्यम कारोबारी तबके का कारोबार ठप होने, किसानों की आत्महत्या का ...
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दीपावली उत्सव के समीप हम पहुंच रहे हैं। समय है भारतीय और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की समीक्षा/ आकलन का। इस लेख में हम ...
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा की तरह इस बार भी जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्मदिन पर उन्हें अपनी पार्टी ...
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दिवाली यानी रोशनी, मिठाइयां, खरीदारी, खुशियां और वो सबकुछ जो एक बच्चे से लेकर बड़ों तक के चेहरे पर मुस्कान लेकर आती है। ...
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पाकिस्तान में हिन्दू, सिख, बौद्ध एवं ईसाई ही नहीं, शियाओं और अहमदियों का अस्तित्व भी खतरे में हो चला है। पाकिस्तान में ...
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किसी भी देश, समाज, सभ्यता या धर्म को नुकसान सबसे अधिक कोई पहुंचा सकता है तो वे उसके अपने ही बाशिंदे, अपने ही सदस्य और ...
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1974 के जिस बिहार आंदोलन ने देश में दूसरी आजादी को स्थापित किया, उसकी कल्पना जयप्रकाश नारायण की अगुआई के बिना नहीं की ...
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मानसून वापसी पर है…इस बीच यह कई बार धड़ाके से बरसा तो कई बार आँखों को तरसाता रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि मध्य भारत ...
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पिछले वर्ष के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए बॉब डिलन को लेकर हुए विवाद के बाद इस वर्ष के विजेता का नाम एक हद तक ...
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'अगर सत्ताधारी ताकतें गलत हों तो लोगों का सही होना खतरे से खाली नहीं होता।’ फ्रांस के क्रांतिकारी दार्शनिक वॉल्टेयर का ...
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुराना हथकंडा अख्तियार कर लिया है। एक दौर था, जब नाक में दम ...
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रावण को हराने के लिए पहले खुद राम बनना पड़ता है। विजयादशमी यानी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि जो कि विजय का ...
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आत्मकथाओं के बड़े ढेर से अलग है गांधीजी की आत्मकथा, जो बिलकुल अधूरी होते हुए भी सच पूरा बताती है। भारतीय भाषाओं में आज ...
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इन दिनों देश में गुजरात के विधानसभा चुनाव चर्चा का विषय बने हुए हैं, राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं, चुनाव आयोग ...
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बाढ़ की त्रासदी अब देश की नियति हो गई है। जो जल जीवन के लिए जीवनदायी वरदान है, वही अभिशाप साबित हो रहा है। बाढ़ जैसी ...
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पिघलते ग्लेशियर, दहकती ग्रीष्म, दरकती धरती, उफनते समुद्र, घटते जंगल, फटते बादल प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के परिणाम हैं। ...
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ये कहां जा रहे हम..!

सोमवार,सितम्बर 18, 2017
'जिस दलदल से निकलने के लिए हम पाकिस्तानी छटपटा रहे हैं, आप हिंदुस्तानी उसी दलदल में गाजे-बाजे के साथ उतर रहे ...
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अगर दक्षिण एशिया में जलवायु परिवर्तन की मार इतनी ही तेज होती गई तो वह दिन दूर नहीं जब इस क्षेत्र की गरीब आबादी भूखे ...
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अब तक सभी यह मानते थे कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल की कीमतें घटती हैं तो असर भारत में भी दिखता है। लेकिन अब यह ...
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