विश्‍व कप : कौन रचेगा इतिहास न्यूजीलैंड या इंग्लैंड, फाइनल में होगी भिड़ंत

Last Updated: शनिवार, 13 जुलाई 2019 (17:46 IST)
लंदन। करीब डेढ़ महीने के रोमांच के बाद अब आईसीसी विश्व कप का समापन होने जा रहा है और लंदन के लार्ड्स मैदान पर न्यूजीलैंड और मेज़बान इंग्लैंड के बीच रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में जीत किसी भी टीम की हो इतिहास बनना तय है। लगातार दूसरी बार आईसीसी विश्वकप के फाइनल में पहुंची केन विलियम्सन की निगाहें अपनी कीवी टीम को पहली बार चैंपियन बनाने के लिए मैदान पर कमर कस उतरेंगे तो दूसरी ओर इयोन मोर्गन पर इंग्लैंड को अपने घरेलू मैदान पर आईसीसी विश्वकप के इतिहास में पहली बार चैंपियन का तमगा दिलाने का दबाव है।



इंग्लिश टीम के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव इसलिए भी अधिक है कि क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले इस देश को ही विश्व कप के फाइनल में पहुंचने में 27 वर्षों का समय लग गया और अब अपनी घरेलू परिस्थितियों में उससे हर हाल में इस सुनहरे मौके को भुनाने की अपेक्षा की जा रही है। न्यूजीलैंड के लिए मौजूदा विश्व कप काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है और टीम ने नंबर एक वनडे टीम और लीग चरण में शानदार प्रदर्शन के साथ तालिका में शीर्ष पर रही विराट कोहली की भारतीय टीम को सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बनाई जबकि खुद उसके लिए आखिरी लीग चरण मुकाबले हारने के बाद एक समय सेमीफाइनल तक के लिए क्वालीफाई करना मुश्किल हो गया था।

हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में कीवी टीम ने बड़ा उलटफेर करते हुए भारत को वर्षा बाधित मुकाबले में रिजर्व डे 18 रन से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। इस मैच में भारतीय टीम के शीर्ष क्रम को कीवी टीम के गेंदबाज़ों ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था और एक समय 92 रन पर 6 विकेट निकालकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। इस मैच में कीवी बल्लेबाज़ों ने गेंद के साथ बल्ले से भी संयम से खेल दिखाया, जबकि उसकी कसी हुई फील्डिंग ने मजबूत माने जाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ों को रन बनाने का एक भी आसान मौका नहीं दिया।

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के कप्तानों मोर्गन और विलियम्सन ने प्रेरणादायी प्रदर्शन करते हुए अपनी-अपनी टीमों को फाइनल में पहुंचाया और एक जीत से दोनों में से किसी का नाम भी इतिहास में स्वर्णांक्षरों में दर्ज हो सकता है। इंग्लैंड पर इस मुकाबले में उम्मीदों का दबाव सबसे अधिक रहेगा्र, हालांकि मेज़बान टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अब तक दमदार प्रदर्शन किया है।




इंग्लैंड ने जिस तरह सेमीफाइनल में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को ध्वस्त किया वह न्यूजीलैंड के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ों जॉनी बेयरस्टो और जेसन रॉय कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी ओपनिंग साझेदारियों ने टीम को लगातार मजबूती दी है। एक समय इंग्लैंड विश्व कप से बाहर होने के कगार पर पहुंच गया था लेकिन टीम ने वापसी करते हुए अपने आखिरी 2 और फिर सेमीफाइनल शानदार अंदाज़ में जीता।



बेयरस्टो टूर्नामेंट में 496 रन, रॉय 426, जो रूट 549, बेन स्टोक्स 381, इयोन मोर्गन 362 और जोस बटलर 253 रन बना चुके हैं। ये 6 बल्लेबाज़ ऐसे हैं जो अपनी टीम का पहली बार विश्व विजेता बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। रॉय ने तो सेमीफाइनल में 85 रन की तूफानी पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया के अरमानों को चकनाचूर कर दिया। न्यूजीलैंड को यदि बल्लेबाज़ों को रोकना है तो उसके तेज़ गेंदबाज़ों को विशेष प्रदर्शन करना होगा।

गेंदबाज़ी में भी इंग्लैंड के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रहा है। तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर 19 विकेट, मार्क वुड 17 विकेट और क्रिस वोक्स 13 विकेट ले चुके हैं। वोक्स ने ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को झकझोरा था, जबकि आर्चर की तेज़ी को झेलना इस टूर्नामेंट में बल्लेबाज़ों के लिए काफी मुश्किल काम साबित हो रहा है।



न्यूजीलैंड की उम्मीदों का दारोमदार भी कप्तान विलियम्सन पर निर्भर करेगा जो शानदार फार्म में हैं और 2 शतकों तथा 2 अर्धशतकों के बीच 548 रन बना चुके हैं। रॉस टेलर ने 335, जेम्स नीशाम ने 213 और कॉलिन डी ग्रैंडहोम ने 174 रन बनाए लेकिन मुकाबला विलियम्सन और इंग्लिश गेंदबाज़ों के बीच रहेगा। विलियम्सन की छवि कैप्टन कूल की है और वह विपरीत हालात में भी शांत अंदाज़ में अपनी टीम का नेतृत्व करते हैं। इस बात को उन्होंने भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में साबित किया।




न्यूजीलैंड का सबसे प्रबल पक्ष उसकी गेंदबाज़ी है। लॉकी फग्युर्सन 18 विकेट, ट्रेंट बोल्ट 17 विकेट, मैट हेनरी 13 विकेट और जेम्स नीशाम 12 विकेट ले चुके हैं। हेनरी की गेंदबाज़ी ने ही भारत के शीर्ष क्रम की कमर तोड़ी थी। भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में हेनरी ने रोहित शर्मा और लोकेश राहुल तथा बोल्ट ने दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज़ विराट को आउट कर भारत का संघर्ष ही समाप्त कर दिया। न्यूजीलैंड के पास मिशेल सेंटनर के रूप में एक ऐसा लेफ्ट आर्म स्पिनर है जो मध्य ओवरों में बल्लेबाज़ों को बांध देता है।




सेंटनर के ऊपर इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाज़ों को बांधने की जिम्मेदारी रहेगी। सेंटनर ने भारत के खिलाफ 2 विकेट हासिल किए थे और भारतीयों पर अंकुश लगाया था। सेंटनर ने इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ों रॉय और बेयरस्टो को रोकने की विशेष रणनीति तैयार की है।



विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची चारों टीमों में न्यूजीलैंड एकमात्र ऐसी टीम थी, जिसके फाइनल में पहुंचने को लेकर कोई दांव नहीं लगा रहा था, लेकिन इस टीम ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर किया और प्रबल दावेदार भारत को लुढ़काकर फाइनल में पहुंच गई। न्यूजीलैंड पिछले विश्व कप में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मात खा गया था लेकिन कीवी टीम इस बार मौका नहीं चूकना चाहेगी। उसके खिलाड़ी आत्मविश्वास से लबरेज़ नज़र आ रहे हैं और लार्ड्स में इतिहास रचने को तैयार हैं।



विश्व कप को 23 साल बाद नया चैंपियन मिलने जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने 5 बार, वेस्टइंडीज़ और भारत ने 2-2 बार तथा पाकिस्तान और श्रीलंका ने एक-एक बार यह खिताब जीता है। इस सूची में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में से किसका नाम शामिल होगा यह रविवार को ऐतिहासिक लार्ड्स मैदान पर बेहद रोमांचक मुकाबले के बाद सामने आ जाएगा।

 
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