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    <title><![CDATA[सेहत]]></title>
    <link>https://hindi.webdunia.com/health-tips</link>
    <description><![CDATA[Read useful info on Health Tips, Ayurveda, Home Remedies, Fitness Tips, Advice on Health Problems, Health Tips In Hindi on Health Tips channel! पढ़े सेहत, स्वस्थ जीवन, हेल्थ टिप्स, आयुर्वेद, घरेलू नुस्खे, सेक्स लाइफ, जडी-बूटियाँ, आहार और बहुत कुछ ...]]></description>
    <copyright>Copyright webdunia.com</copyright>
    <lastBuildDate>Mon, 15 Jun 2026 11:00:09 +0530</lastBuildDate>
    <language>en-us</language>
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      <title>सेहत</title>
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      <title><![CDATA[इलाज आपकी थाली में, ध्यान नहीं दिया तो साइलेंट किलर साबित हो सकता है एनीमिया]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/treatment-of-anemia-moringa-pods-126061300062_1.html</link>
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      <description><![CDATA[Treatment of anemia: "जिस देश की आधी से अधिक महिलाएं और दो-तिहाई बच्चे खून की कमी से जूझ रहे हों, वहां यह केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि विकास का भी मुद्दा बन जाता है।" भारतीय परिप्रेक्ष्य में एनीमिया आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="Treatment of anemia" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/13/full/1781364094-1903.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Treatment of anemia: "जिस देश की आधी से अधिक महिलाएं और दो-तिहाई बच्चे खून की कमी से जूझ रहे हों, वहां यह केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि विकास का भी मुद्दा बन जाता है।" भारतीय परिप्रेक्ष्य में एनीमिया आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पांच वर्ष से कम उम्र के करीब 67 प्रतिशत बच्चों में भी खून की कमी पाई गई है। यह स्थिति बताती है कि आर्थिक प्रगति और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के बावजूद पोषण संबंधी चुनौतियां अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। हालांकि चिंता से अधिक जरूरत जागरूकता की है, क्योंकि एनीमिया उन समस्याओं में से है जिनकी रोकथाम और उपचार दोनों संभव हैं।</p>
<h3>
	क्या कहते हैं चिकित्सक?</h3>
<p>
	गोरखपुर के वरिष्ठ फिजिशियन <strong>डॉ. आलोक कुमार गुप्ता </strong>कहते हैं कि एनीमिया से बचाव की शुरुआत घर की रसोई और भोजन की थाली से होती है। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, गुड़, बाजरा, तिल, मौसमी फल और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ नियमित रूप से भोजन में शामिल किए जाने चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उनके अनुसार आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन-सी का सेवन शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है। इसलिए नींबू, आंवला, संतरा या अन्य खट्टे फलों का सेवन लाभकारी होता है। वहीं भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी और भोजन के दौरान कोई भी कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण में बाधा बन सकते हैं। </p>
<h3>
	साल में सपरिवार एक बार जरूर लें कृमि नाशक दवा</h3>
<p>
	डॉक्टर आलोक के मुताबिक आयरन की कमी के साथ ही आंतों मे पेट के कीड़ों (कृमि) का संक्रमण भी धीरे धीरे रक्त रिसाव का कारक होता है। इसलिए कम से कम वर्ष मे एक बार पूरे परिवार को कोई कृमि नाशक लेना चाहिए। मासिक के दौरान अधिक रक्तस्राव भी एनीमिया का कारक होता है।</p>
<h3>
	खून की कमी का असर सिर्फ शरीर पर नहीं</h3>
<p>
	एनीमिया केवल एक चिकित्सकीय समस्या नहीं है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं के स्वास्थ्य, श्रमिकों की कार्यक्षमता और देश की उत्पादकता पर पड़ता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन इसे दुनिया की प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल करता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दरअसल एनीमिया एक ऐसी समस्या है जो चुपचाप करोड़ों लोगों की सेहत, कार्यक्षमता और भविष्य को प्रभावित करती है। शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर पर्याप्त ऑक्सीजन अंगों तक नहीं पहुंच पाती। परिणामस्वरूप व्यक्ति को कमजोरी, थकान, चक्कर आना, सांस फूलना और काम करने में परेशानी जैसी समस्याएं होने लगती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसका सबसे गंभीर असर बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ता है। बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। सीखने और याद रखने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। वहीं गर्भवती महिलाओं में समय से पहले प्रसव, कम वजन वाले शिशु के जन्म और मातृ मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है।</p>
<h3>
	उत्तर प्रदेश के लिए और महत्वपूर्ण है यह लड़ाई</h3>
<p>
	उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। इसी कारण यहां बच्चों, किशोरियों और प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या भी सबसे अधिक है। ऐसे में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों की सफलता काफी हद तक एनीमिया पर नियंत्रण पर निर्भर करती है। हाल के वर्षों में राज्य में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की दर में कमी दर्ज की गई है और गंभीर एनीमिया के मामलों में भी गिरावट आई है। इसमें स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	राज्य सरकार पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। पोषण वाटिका और औषधीय वाटिका जैसी पहल इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। इनका उद्देश्य लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना और स्थानीय स्तर पर पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बढ़ाना है।</p>
<h3>
	सहजन : पोषण का पावर हाउस</h3>
<p>
	मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लंबे समय से सहजन (मोरिंगा) के प्रचार-प्रसार पर जोर देते रहे हैं। पोषण विशेषज्ञ भी सहजन को अत्यंत पौष्टिक पौधा मानते हैं। इसकी पत्तियों और फलियों में अनेक प्रकार के विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। तुलनात्मक रूप से देखें तो सहजन में—</p>
<ul>
	<li>
		संतरे की तुलना में अधिक विटामिन-सी</li>
	<li>
		गाजर की तुलना में अधिक विटामिन-ए</li>
	<li>
		दूध की तुलना में अधिक कैल्शियम</li>
	<li>
		केले की तुलना में अधिक पोटैशियम</li>
	<li>
		दही की तुलना में अधिक प्रोटीन पाया जाता है।</li>
</ul>
<p>
	इसी कारण विद्यालयी पोषण कार्यक्रमों और सामुदायिक पोषण योजनाओं में इसके उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार भी राज्यों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को पोषण कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित कर चुकी है।</p>
<h3>
	सरकार की पहल और समाज की भूमिका</h3>
<p>
	केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में "एनीमिया मुक्त भारत" अभियान शुरू किया था। इसके तहत आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों का वितरण, कृमिनाशक दवाओं का सेवन, नियमित जांच और पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से आयरन की गोलियां वितरित की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और हाई-रिस्क मामलों की पहचान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	फिर भी केवल सरकारी योजनाओं के भरोसे इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। परिवार और समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। संतुलित भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण के प्रति जागरूकता ही एनीमिया के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दरअसल एनीमिया केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि मानव संसाधन विकास का भी विषय है। स्वस्थ बच्चे बेहतर विद्यार्थी बनते हैं। स्वस्थ किशोरियां भविष्य में स्वस्थ माताएं बनती हैं। स्वस्थ महिलाएं और पुरुष अधिक उत्पादक होते हैं। इसलिए खून की कमी दूर करना केवल बीमारी से लड़ना नहीं, बल्कि देश की क्षमता को मजबूत करना भी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अच्छी बात यह है कि एनीमिया ऐसी समस्या नहीं है जिसका समाधान असंभव हो। जागरूकता, संतुलित पोषण, नियमित जांच और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से इस चुनौती पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। विकसित भारत की यात्रा में यह याद रखना होगा कि मजबूत राष्ट्र की नींव स्वस्थ नागरिक ही होते हैं। और स्वस्थ नागरिकों के लिए पर्याप्त खून, पर्याप्त पोषण और पर्याप्त जागरूकता सबसे जरूरी है।</p>
<h3>
	एनीमिया के प्रमुख लक्षण</h3>
<p>
	जल्दी थकान, चक्कर आना, चेहरा पीला पड़ना, सांस फूलना, लगातार कमजोरी महसूस होना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। यदि इनमें से कई लक्षण लगातार दिखाई दें तो चिकित्सकीय जांच अवश्य कराएं।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 20:46:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 13 Jun 2026 20:52:00 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>गिरीश पांडेय</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[World Blood Donor Day 2026: विश्व रक्तदान दिवस, कब और क्यों मनाया जाता है?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/world-blood-donor-day-2026-126061100041_1.html</link>
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      <description><![CDATA[Why World Blood Donor Day is celebrated: हर साल 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सम्मान में मनाया जाता है जो बिना किसी स्वार्थ के रक्तदान करके लाखों लोगों की जान बचाने में योगदान देते हैं। साथ ही इसका ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/11/full/1781175393-9773.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>vishwa raktdata divas kyon manaya jata hai:</strong> हर साल पूरी दुनिया में 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। इस दिन को रक्त समूहों की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक Karl Landsteiner की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनके शोध ने आधुनिक रक्ताधान यानी ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रणाली की नींव रखी थी। इसे मनाए जाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य क्या हैं, आइये यहां विस्तार से समझते है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/thick-blood-126033100005_1.html" target="_blank">health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. कब मनाया जाता है और 14 जून ही क्यों चुना गया?</h3>
<p>
	विश्व रक्तदान दिवस, यह खास दिन हर साल 14 जून को मनाया जाता है। इसी दिन मशहूर ऑस्ट्रियाई जीवविज्ञानी और चिकित्सक कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) का जन्मदिन होता है। उन्होने सन 1900 में रक्त के मुख्य समूहों की पहचान की थीं। </p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	2. कार्ल लैंडस्टीनर कौन थे?</h3>
<p>
	कार्ल लैंडस्टीनर ने ही मानव रक्त में ABO ब्लड ग्रुप सिस्टम (A, B, AB और O ब्लड ग्रुप) की खोज की थी। इस क्रांतिकारी खोज के लिए उन्हें साल 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी इस खोज की वजह से ही आज इंसानों में सुरक्षित तरीके से ब्लड ट्रांसफ्यूजन अर्थात् एक व्यक्ति का खून दूसरे को चढ़ाना, संभव हो पाया है। उनके इसी योगदान को सम्मान देने के लिए डब्ल्यूएचओ (WHO) ने 14 जून के दिन को चुना।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. क्यों मनाया जाता है? (मुख्य उद्देश्य/कारण)</h3>
<p>
	विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) ने साल 2004 में इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। इसके पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>रक्तदाताओं का आभार जताना: </strong>जो लोग बिना किसी पैसे या स्वार्थ के, स्वैच्छिक रूप से (voluntarily) अपना खून दान करते हैं, उन्हें धन्यवाद कहना और उनके इस जीवनदायी योगदान की सराहना करना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>जागरूकता फैलाना:</strong> दुनिया भर में लोगों को यह समझाना कि सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों- जैसे प्लाज्मा, प्लेटलेट्स की आवश्यकता हर समय बनी रहती है, चाहे वह सर्जरी हो, प्रसव/ चाइल्ड बर्थ हो के दौरान होने वाला रक्तस्राव हो या कोई बड़ा हादसा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना: </strong>समाज में, खासकर युवाओं में, नियमित रूप से रक्तदान करने की आदत को बढ़ावा देना ताकि अस्पतालों में खून की कमी से किसी की जान न जाए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>एक जरूरी बात:</strong> बहुत से लोग सोचते हैं कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है, जबकि सच यह है कि एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा दान किया गया खून शरीर में महज 24 से 48 घंटों के भीतर फिर से बन जाता है। आपका किया हुआ एक (1) यूनिट रक्तदान, तीन (3) अलग-अलग लोगों की जान बचा सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/indore/indore-the-champion-of-cleanliness-has-also-set-a-remarkable-record-in-eye-donation-126061000068_1.html" target="_blank">स्‍वच्‍छता के सिरमौर इंदौर ने नेत्रदान में भी किया गजब का रिकॉर्ड कायम</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:20:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 13 Jun 2026 15:20:58 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Blood Donation Quotes: रक्तदान के लिए प्रेरित करेंगे ये शानदार 25 स्लोगन, संदेश और प्रेरक पंक्तियां]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/important-days-and-dates/inspirational-blood-donation-quotes-126061200043_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/12/thumb/1_1/1781259282-4995.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Blood Donation Awareness Messages: रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि यह ऐसा दान है जो सीधे किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का काम करता है। दुनिया भर में हर दिन लाखों मरीजों को दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव, थैलेसीमिया, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="A single unit of your blood can save many lives; an image conveying the message of saving lives through blood donation" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/12/full/1781259282-4995.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>Blood Donation Slogans: </strong>दुनिया भर में हर दिन हजारों मरीजों को दुर्घटनाओं, सर्जरी, कैंसर उपचार, प्रसव और गंभीर बीमारियों के दौरान रक्त की आवश्यकता होती है। कई बार रक्त की कमी के कारण मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। ऐसे में लोगों को नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित करने और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हमें मात्र 1 दिन इसे मनाने की आवश्‍यकता नहीं है। स्वैच्छिक रक्तदान न केवल मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/thick-blood-126033100005_1.html" target="_blank">health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	यहां पढ़ें रक्तदान पर बेहतरीन स्लोगन्स, भावुक संदेश और प्रेरक पंक्तियां, जो आपको रक्तदान करने के लिये प्रेरित करेंगी...</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	रक्तदान पर स्लोगन</h3>
<p>
	1. रक्तदान करें, जीवन बचाएं।</p>
<p>
	2. रक्त की हर बूंद किसी के लिए अमृत समान।</p>
<p>
	3. आपका रक्त, किसी की नई उम्मीद।</p>
<p>
	4. रक्तदान है महान, इससे बचते हैं कई प्राण।</p>
<p>
	5. आज रक्तदान, कल जीवनदान।</p>
<p>
	6. एक कदम मानवता की ओर, करें रक्तदान।</p>
<p>
	7. रक्तदान सबसे बड़ा उपहार है।</p>
<p>
	8. रक्तदान करें, मुस्कान बांटें।</p>
<p>
	9. स्वस्थ रहें, रक्तदान करें।</p>
<p>
	10. रक्तदान है सच्ची समाज सेवा।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	प्रेरक संदेश</h3>
<p>
	1. आपका थोड़ा सा समय और रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	2. रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि मानवता के प्रति आपकी जिम्मेदारी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	3. जब आप रक्तदान करते हैं, तब आप किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में आशा की किरण बनते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	4. रक्तदान करने से न केवल किसी की जान बचती है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना का संदेश भी फैलता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	5. आपका एक यूनिट रक्त तीन लोगों तक की जान बचाने में मदद कर सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	प्रेरक पंक्तियां</h3>
<p>
	1. खून की हर बूंद में छिपी है किसी की जिंदगी की कहानी।</p>
<p>
	2. जो रक्तदान करता है, वह जीवनदान देता है।</p>
<p>
	3. इंसानियत की सबसे खूबसूरत पहचान है रक्तदान।</p>
<p>
	4. किसी के चेहरे की मुस्कान बनना है, तो रक्तदान करना है।</p>
<p>
	5. जीवन का सबसे अनमोल उपहार है- रक्तदान।</p>
<p>
	6. रक्तदान का संकल्प लें, मानवता का सम्मान करें।</p>
<p>
	7. आपका रक्त किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है।</p>
<p>
	8. रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, क्योंकि यह सीधे जीवन से जुड़ा है।</p>
<p>
	9. हर स्वस्थ व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह नियमित रक्तदान करे।</p>
<p>
	10. रक्तदान करें और किसी के जीवन का हीरो बनें।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	संदेश</h3>
<p>
	<strong>&#39;आइए दुनिया के सभी लोग यह संकल्प लें कि हम नियमित रक्तदान करेंगे और जरूरतमंद लोगों के जीवन की रक्षा में अपना योगदान देंगे। रक्तदान महादान है, क्योंकि इससे किसी को जीवन का दूसरा अवसर मिलता है।&#39;</strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	उपरोक्त पंक्तियों का उपयोग पोस्टर, बैनर, सोशल मीडिया कैप्शन, व्हाट्सऐप स्टेटस और जागरूकता अभियानों में किया जा सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/world-blood-donor-day-2026-126061100041_1.html" target="_blank">World Blood Donor Day 2026: विश्व रक्तदान दिवस, कब और क्यों मनाया जाता है?</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 13:25:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 13 Jun 2026 15:20:31 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Important Days and Dates]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या गर्मियों में आपकी त्वचा सांवली हो गई है? रात को सोने से पहले 'यह' घरेलू पेस्ट लगाएं]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/summer-tan-removal-home-remedy-night-paste-126061000037_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/summer-tan-removal-home-remedy-night-paste-126061000037_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/10/thumb/1_1/1781082599-3223.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/10/thumb/1_1/1781082599-3223.jpg</image>
      <description><![CDATA[गर्मियों की तेज धूप, पसीना और प्रदूषण के कारण चेहरे पर टैनिंग (Tanning) होना और त्वचा का रंग दबा हुआ दिखना बहुत आम बात है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो महंगे केमिकल वाले प्रोडक्ट्स की जगह रात को सोने से पहले यह जादुई घरेलू पेस्ट आजमाएं। यह ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p>
		<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
			<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
				<img align="center" alt="summer tan removal home remedy night paste" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/10/full/1781082599-3223.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="summer tan removal home remedy night paste" width="1200" /></p>
		</p>
		गर्मियों की तेज धूप, पसीना और प्रदूषण के कारण चेहरे पर टैनिंग (Tanning) होना और त्वचा का रंग दबा हुआ दिखना बहुत आम बात है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो महंगे केमिकल वाले प्रोडक्ट्स की जगह रात को सोने से पहले यह जादुई घरेलू पेस्ट आजमाएं। यह पेस्ट पूरी तरह नेचुरल है और रात भर आपकी त्वचा को रिपेयर करने का काम करता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		जादुई एंटी-टैनिंग पेस्ट (Tomato & Sandalwood Pack)</h3>
	<p>
		यह पेस्ट गर्मियों के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि यह त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ कालेपन को तेजी से काटता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		आवश्यक सामग्री:</h3>
	<p>
		<strong>चंदन पाउडर (Sandalwood Powder): </strong>1 बड़ा चम्मच (यह त्वचा को ठंडक देता है और रंग साफ करता है)</p>
	<p>
		<strong>टमाटर का रस (Tomato Juice): </strong>1 चम्मच (इसमें मौजूद लाइकोपीन और ब्लीचिंग एजेंट टैनिंग को हटाते हैं)</p>
	<p>
		<strong>कच्चा दूध या गुलाब जल (Raw Milk or Rose Water): </strong>पेस्ट बनाने के अनुसार (दूध में लैक्टिक एसिड होता है जो ग्लो बढ़ाता है)</p>
	<p>
		<strong>हल्दी (Turmeric): </strong>सिर्फ एक चुटकी (एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए)</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		बनाने और लगाने की विधि:</h3>
	<ul>
		<li>
			एक कटोरी में चंदन पाउडर, टमाटर का रस और एक चुटकी हल्दी मिलाएं।</li>
		<li>
			अब इसमें आवश्यकतानुसार कच्चा दूध (अगर त्वचा रूखी है) या गुलाब जल (अगर त्वचा तैलीय/Oily है) मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें।</li>
		<li>
			रात को सोने से पहले अपने चेहरे को किसी माइल्ड फेस वॉश से अच्छी तरह धो लें।</li>
		<li>
			इस पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं।</li>
		<li>
			इसे 15-20 मिनट के लिए सूखने दें।</li>
		<li>
			जब यह हल्का सूख जाए, तो हाथों में थोड़ा सा पानी लेकर चेहरे की हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में मसाज करते हुए इसे साफ पानी से धो लें।</li>
		<li>
			चेहरा पोंछने के बाद अपना रेगुलर मॉइस्चराइजर या एलोवेरा जेल लगाकर सो जाएं।</li>
	</ul>
	<h3>
		यह पेस्ट रात में ही क्यों लगाएं?</h3>
	<p>
		रात के समय हमारी त्वचा &#39;सेलुलर रिपेयर मोड&#39; में होती है। इस समय धूप या धूल-मिट्टी का डर नहीं होता, जिससे त्वचा को इस नेचुरल पेस्ट के पोषक तत्वों को सोखने का पूरा समय मिलता है। सुबह उठकर आपको अपना चेहरा साफ और चमकदार महसूस होगा।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		गर्मियों के लिए कुछ और जरूरी बातें:</h3>
	<p>
		<strong>हफ्ते में दो बार: </strong>इस पेस्ट का इस्तेमाल सप्ताह में 2 से 3 बार करें। पहले ही इस्तेमाल से त्वचा में फर्क दिखने लगेगा।</p>
	<p>
		<strong>पैच टेस्ट: </strong>अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, तो चेहरे पर लगाने से पहले इसे गर्दन या हाथ पर लगाकर पैच टेस्ट जरूर कर लें।</p>
	<p>
		<strong>सनस्क्रीन है जरूरी: </strong>रात को आप चाहे जो भी केयर करें, लेकिन दिन में बिना सनस्क्रीन (SPF 30 या उससे ज्यादा) लगाए धूप में न निकलें, नहीं तो टैनिंग दोबारा लौट आएगी।</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 14:36:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 10 Jun 2026 14:40:16 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[home remedies]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Environment and Health: पर्यावरण और सेहत का क्या है कनेक्शन, जानें दोनों क्यों हैं एक-दूजे के लिए जरूरी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/environment-day-special/what-is-the-connection-between-the-environment-and-health-126060400033_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/environment-day-special/what-is-the-connection-between-the-environment-and-health-126060400033_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/04/thumb/1_1/1780570503-2261.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/04/thumb/1_1/1780570503-2261.jpg</image>
      <description><![CDATA[Health and Nature Connection: आज के दौर में स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जिस पानी को पीते हैं और जिस वातावरण में रहते हैं, उसका सीधा प्रभाव हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="The picture gives information related to environment and health, the caption gives the message of healthy environment and safe life." class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/04/full/1780570503-2261.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>swasthya aur prakriti sambandh: </strong>पर्यावरण और हमारी सेहत के बीच का रिश्ता शरीर और सांस जैसा है। जैसे बिना सांस के शरीर का कोई अस्तित्व नहीं है, ठीक वैसे ही एक स्वस्थ पर्यावरण के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम जो हवा सांस में लेते हैं, जो पानी पीते हैं और जो भोजन खाते हैं—वह सब हमें पर्यावरण से ही मिलता है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/environment-day-special/world-environment-day-message-to-save-the-earth-126053000043_1.html" target="_blank">विश्व पर्यावरण दिवस 2026: &#39;कमिटमेंट नहीं, अब एक्शन का समय&#39;, यही है धरती बचाने का सबसे बड़ा संदेश</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	हाल के वर्षों में जिस तरह ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और बीमारियां बढ़ी हैं, उसने यह साफ कर दिया है कि &#39;अगर प्रकृति बीमार होगी, तो इंसान कभी स्वस्थ नहीं रह सकता।&#39;</p>
<p>
	 </p>
<p>
	1. पर्यावरण और सेहत का सीधा कनेक्शन</p>
<p>
	2. मानसिक सेहत पर पर्यावरण का असर</p>
<p>
	3. दोनों क्यों हैं &#39;एक-दूजे के लिए जरूरी&#39;?</p>
<p>
	4. एक स्वस्थ भविष्य के लिए हम क्या कर सकते हैं?</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>आइए विस्तार से समझते हैं कि इन दोनों का आपस में क्या कनेक्शन है और ये एक-दूसरे के लिए क्यों जरूरी हैं।</strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. पर्यावरण और सेहत का सीधा कनेक्शन</h3>
<p>
	हमारा शरीर पंचतत्वों यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है, और ये सभी तत्व पर्यावरण का हिस्सा हैं। जब पर्यावरण में असंतुलन होता है, तो उसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>हवा और सांसों का रिश्ता: </strong>स्वच्छ हवा हमारे फेफड़ों और दिल को मजबूत रखती है। इसके विपरीत, वायु प्रदूषण (Air Pollution) के कारण आज अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का कैंसर और दिल के दौरे (Heart Attacks) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>जल और पाचन तंत्र: </strong>साफ पानी जीवन का आधार है। लेकिन जब नदियां और भूमिगत जल प्रदूषित होते हैं, तो हैजा, टाइफाइड, पीलिया (Jaundice) और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां हमें घेर लेती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मिट्टी और हमारा पोषण: </strong>हम जो अनाज, फल और सब्जियां खाते हैं, वे मिट्टी से उगती हैं। रासायनिक खादों और कीटनाशकों (Pesticides) के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे हमारे भोजन में पोषक तत्व कम हो रहे हैं और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>बदलती जलवायु और नए वायरस: </strong>जंगलों की कटाई और बढ़ते तापमान (Climate Change) के कारण कई ऐसे वायरस और बैक्टीरिया इंसानों के संपर्क में आ रहे हैं, जो पहले सिर्फ जंगलों तक सीमित थे। कोरोना, मंकीपॉक्स या नए तरह के फ्लू इसके बड़े उदाहरण हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/environment-day-special/essay-on-world-environment-day-2026-126052900042_1.html" target="_blank">World Environment Day Essay: विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष निबंध</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. मानसिक सेहत पर पर्यावरण का असर</h3>
<p>
	पर्यावरण का संबंध सिर्फ हमारी शारीरिक सेहत से नहीं, बल्कि मानसिक सुकून से भी है:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>तनाव में कमी:</strong> कंक्रीट के जंगलों यानी शहरी चकाचौंध के बीच रहने वाले लोगों की तुलना में जो लोग पार्क, बाग-बगीचों या प्रकृति के करीब समय बिताते हैं, उनमें तनाव और डिप्रेशन का स्तर बहुत कम होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>ध्वनि प्रदूषण और चिड़चिड़ापन: </strong>वाहनों और कारखानों का शोर हमारे मानसिक संतुलन को बिगाड़ता है। इससे अनिद्रा, उच्च रक्तचाप और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। प्रकृति की शांति हमारे दिमाग को &#39;रीबूट&#39; करने का काम करती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. दोनों क्यों हैं &#39;एक-दूजे के लिए जरूरी&#39;?</h3>
<p>
	यह एक &#39;इकोसिस्टम&#39; यानी पारिस्थितिकी तंत्र है, जहां दोनों का अस्तित्व एक-दूसरे पर निर्भर करता है:</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इंसानों के लिए पर्यावरण क्यों जरूरी है?</h3>
<p>
	प्रकृति हमें मुफ्त में ऑक्सीजन, शुद्ध पानी, भोजन और जड़ी-बूटियां/ दवाइयां देती है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तो अस्पताल जाने की जरूरत आधी हो जाएगी। एक स्वच्छ वातावरण हमारी औसत उम्र को बढ़ाता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	पर्यावरण के लिए इंसान क्यों जरूरी है?</h3>
<p>
	प्रकृति ने धरती पर इंसानों को सबसे बुद्धिमान जीव बनाया है। आज पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान इंसानों ने ही पहुंचाया है, इसलिए इसे बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। अगर इंसान पेड़ लगाएगा, नदियों को साफ रखेगा और प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करेगा, तो पर्यावरण दोबारा खुद को हरा-भरा कर लेगा।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. एक स्वस्थ भविष्य के लिए हम क्या कर सकते हैं?</h3>
<p>
	&#39;प्रकृति के पास हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए सब कुछ है, लेकिन हमारे लालच को पूरा करने के लिए कुछ भी नहीं।&#39; - महात्मा गांधी</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अगर हम खुद को और अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ देखना चाहते हैं, तो हमें आज से ही अपनी आदतें बदलनी होंगी:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं:</strong> अपने जन्मदिन या विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देखभाल करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>प्लास्टिक को कहें &#39;ना&#39;: </strong>सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें और जूट या कपड़े के थैलों को अपनाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>पानी और बिजली बचाएं:</strong> जरूरत न होने पर लाइट-पंखे बंद करें और पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सस्टेनेबल लाइफस्टाइल अपनाएं: </strong>कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें। इससे पर्यावरण भी बचेगा और आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	संक्षेप में कहा जाए तो पर्यावरण की रक्षा करना कोई सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि खुद को जीवित रखने और स्वस्थ रखने की बुनियादी जरूरत है। जब तक धरती हरी-भरी रहेगी, तब तक हमारी सांसें सुरक्षित रहेंगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/environment-day-special/on-world-environment-day-take-a-true-pledge-to-make-the-earth-green-126060200031_1.html" target="_blank">विश्व पर्यावरण दिवस पर लें धरती को हरा-भरा बनाने का सच्चा संकल्प</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:38:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 04 Jun 2026 16:37:20 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[environment special]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-get-rid-of-calf-pain-learn-5-useful-things-126060200046_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-get-rid-of-calf-pain-learn-5-useful-things-126060200046_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780051529-0118.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780051529-0118.jpg</image>
      <description><![CDATA[Calf Pain Relief Tips: पिंडलियों में दर्द (Calf Pain) एक बहुत ही आम समस्या है। यह दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, थकान, शरीर में पानी की कमी या पोषक तत्वों की कमी के कारण हो सकता है। कभी-कभी दिनभर की भागदौड़ या गलत फुटवियर भी इसका कारण बनते हैं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt=" Photo showing ways to relieve calf pain" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/full/1780051529-0118.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
</p>
<p>
	<strong>Calf Pain: </strong>पिंडलियों में दर्द एक बहुत ही आम समस्या है। यह दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, थकान, शरीर में पानी की कमी या पोषक तत्वों की कमी के कारण हो सकता है। कभी-कभी दिनभर की भागदौड़ या गलत फुटवियर भी इसका कारण बनते हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/thick-blood-126033100005_1.html" target="_blank">health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>अगर आप भी पिंडलियों के दर्द से परेशान हैं, तो राहत पाने के लिए ये 5 बेहद काम की बातें नोट कर लें:</strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. &#39;R.I.C.E.&#39; फॉर्मूला अपनाएं</h3>
<p>
	मांसपेशियों के दर्द और खिंचाव से तुरंत राहत पाने के लिए मेडिकल साइंस में यह फॉर्मूला सबसे बेस्ट माना जाता है:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>R - Rest (आराम): </strong>दर्द होने पर पैरों को आराम दें और भारी वजन उठाने या ज्यादा चलने से बचें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>I - Ice (बर्फ की सिकाई):</strong> पिंडलियों पर 15-20 मिनट के लिए बर्फ को कपड़े में लपेटकर सेकें। यह सूजन और दर्द को तुरंत कम करता है। (ध्यान रखें, अगर दर्द पुरानी जकड़न के कारण है तो गर्म सिकाई करें, लेकिन अचानक उठे दर्द या मोच पर हमेशा बर्फ लगाएं)।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>C - Compression (पट्टिका):</strong> पैर पर थोड़ा सा दबाव बनाने के लिए क्रेप बैंडेज (किन्शियोलॉजी टेप) बांधें, इससे मांसपेशियों को सपोर्ट मिलता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>E - Elevate (पैर ऊपर रखें):</strong> बैठते या लेटते समय पैरों के नीचे 1-2 तकिए रख लें, ताकि पैर दिल के स्तर से थोड़े ऊपर रहें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और दर्द कम होता है।</p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	2. सरसों या तिल के तेल की मालिश</h3>
<p>
	हल्के गुनगुने तेल से मालिश करने से पिंडलियों की जकड़ी हुई नसें खुलती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>तरीका:</strong> सरसों के तेल में 2-3 कली लहसुन की पका लें। जब तेल गुनगुना रह जाए, तो इससे पिंडलियों की नीचे से ऊपर की ओर (एड़ी से घुटने की तरफ) हल्के हाथों से मालिश करें। मालिश कभी भी बहुत जोर से नीचे की तरफ न करें।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. सेंधा नमक (Epsom Salt) के पानी की सिकाई</h3>
<p>
	सेंधा नमक में भारी मात्रा में मैग्नीशियम होता है, जो त्वचा के जरिए एब्जॉर्ब होकर मांसपेशियों को तुरंत रिलैक्स करता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>तरीका: </strong>एक बाल्टी या टब में गुनगुना पानी लें और उसमें 2 चम्मच सेंधा नमक डाल लें। इस पानी में अपने पैरों को 15 से 20 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इससे पैरों की सारी थकान और दर्द गायब हो जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. स्ट्रेचिंग और हल्का वॉक</h3>
<p>
	दर्द के डर से पैरों को पूरी तरह जाम न करें। हल्की स्ट्रेचिंग मांसपेशियों के लैक्टिक एसिड (जिससे दर्द होता है) को रिलीज करने में मदद करती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दीवार का सहारा लेकर स्ट्रेचिंग: दीवार से थोड़ी दूरी पर खड़े होकर अपने हाथ दीवार पर टिकाएं। एक पैर आगे और दर्द वाला पैर पीछे रखें। पीछे वाले पैर की एड़ी को जमीन पर दबाते हुए आगे की तरफ झुकें। इससे पिंडली की नसें खिंचेंगी और आराम मिलेगा।</p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	5. डाइट में शामिल करें पोटैशियम और मैग्नीशियम</h3>
<p>
	कई बार शरीर में जरूरी मिनरल्स और पानी की कमी से पिंडलियों में &#39;क्रैम्प्स&#39; (बायत/ऐंठन) आने लगते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>हाइड्रेशन: </strong>दिनभर में कम से कम 8-10 ग्लास पानी पिएं। नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>पोषक तत्व: </strong>अपनी डाइट में केला, सेब, पालक, नट्स (बादाम-अखरोट) और दूध-दही शामिल करें। इनमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम नसों के दर्द को जड़ से खत्म करते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कब जाएं डॉक्टर के पास?</h3>
<p>
	अगर आपकी पिंडलियों में दर्द के साथ-साथ तेज सूजन है, पैर छूने पर बहुत गर्म लग रहा है या वह हिस्सा लाल/नीला पड़ गया है, तो यह DVT (डीप वेन थ्रोम्बोसिस) या ब्लड क्लॉट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों के बजाय तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।<br />
	<br />
	<p>
		अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/healthy-food/sprouts-chaat-5-health-benefits-126060100047_1.html" target="_blank">पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas</a></strong></p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:09:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 02 Jun 2026 17:10:27 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/healthy-food/sprouts-chaat-5-health-benefits-126060100047_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/healthy-food/sprouts-chaat-5-health-benefits-126060100047_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/01/thumb/1_1/1780310441-1397.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Best Healthy Breakfast: सुबह-सुबह वही पोहा और समोसा खाकर बोर हो चुके हैं? टेस्ट तो बढ़िया है, लेकिन रोज़-रोज़ का तला-भुना या हैवी नाश्ता आपको सुस्त बना सकता है। अगर आप अपने ब्रेकफास्ट में कुछ चटपटा, रिफ्रेशिंग और बेहद हेल्दी ढूंढ रहे हैं, तो ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="The message in the picture explains the benefits of eating sprouts chaat, a healthy breakfast" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/01/full/1780310441-1397.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>Sprouts Chaat: </strong>सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है। ज्यादातर लोग नाश्ते में पोहा, समोसा, पराठा या अन्य पारंपरिक व्यंजन खाना पसंद करते हैं। हालांकि रोज-रोज एक ही तरह का नाश्ता खाने से न केवल स्वाद में बोरियत आने लगती है, बल्कि कई बार शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। ऐसे में यदि आप स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन चाहते हैं, तो स्प्राउट्स चाट को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/thick-blood-126033100005_1.html" target="_blank">health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	स्प्राउट्स चाट अंकुरित दालों, ताजी सब्जियों, नींबू और हल्के मसालों से तैयार की जाती है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, नियमित रूप से स्प्राउट्स का सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है, वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यदि आप पोहा और समोसा जैसे पारंपरिक नाश्तों से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो स्प्राउट्स चाट एक हेल्दी और पौष्टिक विकल्प साबित हो सकती है। आइए जानते हैं स्प्राउट्स चाट खाने के 5 बड़े फायदे और क्यों इसे अपनी मॉर्निंग डाइट में शामिल करना चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	अंकुरित मूंग, चना, बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, नींबू का रस और थोड़ा सा चाट मसाला... बस तैयार हो गया आपका सुपरफूड!</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. प्रोटीन का पावरहाउस</h3>
<p>
	तलने-भूनने से खाने के पोषक तत्व कम हो जाते हैं, लेकिन अनाज को अंकुरित (Sprout) करने से उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू कई गुना बढ़ जाती है। स्प्राउट्स चाट प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स है। यह आपकी मांसपेशियों (Muscles) को मजबूत रखता है और शरीर को दिनभर के लिए एनर्जी देता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. वेट लॉस में मददगार</h3>
<p>
	अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो समोसे को बाय-बाय कहने का समय आ गया है। स्प्राउट्स चाट में कैलोरी की मात्रा बहुत कम और फाइबर भरपूर होता है। इसे खाने के बाद आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे आप चटर-पटर खाने से बच जाते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. डाइजेशन (पाचन) रहता है दुरुस्त</h3>
<p>
	भारी या ऑयली नाश्ता करने से अक्सर एसिडिटी या ब्लोटिंग होने लगती है। अंकुरित अनाज में एक्टिव एंजाइम्स होते हैं, जो पाचन क्रिया को आसान बनाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज (Constipation) की समस्या को दूर करता है और पेट को साफ रखता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. स्किन पर आता है नेचुरल ग्लो</h3>
<p>
	स्प्राउट्स में विटामिन C, विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह आपके शरीर से टॉक्सिन्स यानी हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। नतीजा? अंदर से साफ शरीर और चेहरे पर एक नेचुरल, हेल्दी ग्लो!</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	5. दिल की सेहत के लिए वरदान</h3>
<p>
	पोहा-समोसा में मौजूद एक्स्ट्रा कार्ब्स और बैड फैट्स के मुकाबले स्प्राउट्स चाट आपके दिल का ख्याल रखती है। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL के स्तर को कम करने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करती है, जिससे हार्ट डिसीज का खतरा कम होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>Quick Tip: </strong>स्प्राउट्स चाट को और ज्यादा टेस्टी बनाने के लिए आप इसमें थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ गाजर, खीरा या अनार के दाने भी मिला सकते हैं। यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि इसे और भी ज्यादा न्यूट्रिशियस बना देगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	तो कल सुबह की शुरुआत बोरिंग नाश्ते से नहीं, बल्कि इस क्रंची और हेल्दी स्प्राउट्स चाट से करें!</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-health-remedies-2026-126060100011_1.html" target="_blank">Nautapa Health Tips : नौतपा में सेहत का रखें खास ध्यान, अपनाएं ये आसान उपाय</a></strong></p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 01 Jun 2026 16:13:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[healthy food]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nautapa Health Tips : नौतपा में सेहत का रखें खास ध्यान, अपनाएं ये आसान उपाय]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-health-remedies-2026-126060100011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-health-remedies-2026-126060100011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/thumb/1_1/1779439989-0509.jpg"/>
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      <description><![CDATA[nautapa me suraksha ke upay: नौतपा की तेज गर्मी में थोड़ी सी सावधानी आपको लू, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याओं से बचा सकती है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के उपाय अपनाकर आप इस मौसम को आसानी से झेल सकते हैं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/full/1779439989-0509.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
</p>
<p>
	<strong>Nautapa 2026, Extreme Heat Safety Tips: </strong>गर्मी का सबसे तीखा दौर यानी नौतपा में बाहरी तापमान तेजी से बढ़ते रहता है। इस दौरान सूरज की तपिश इतनी तेज होती है कि घर के अंदर भी बेचैनी महसूस होने लगती है। ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि खानपान, कपड़ों और दिनचर्या में कुछ खास सावधानियां अपनाई जाएं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-and-health-special-precautions-for-children-and-the-elderly-126052200006_1.html" target="_blank">Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	अगर आप नौतपा के दिनों में खुद को फिट और सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो ये जरूरी हेल्थ टिप्स जरूर अपनाएं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नौतपा में अपनाएं ये 5 जरूरी सावधानियां</h3>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	1. शरीर को रखें हाइड्रेटेड</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से निकलता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। साथ ही नारियल पानी, छाछ, लस्सी, आम पना, जलजीरा और फलों का रस जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. हल्का और सुपाच्य भोजन लें</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन गर्मी में पाचन बिगाड़ सकता है। ऐसे में हल्का, ताजा और जल्दी पचने वाला भोजन ही खाएं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. धूप में निकलते समय शरीर को ढंककर रखें</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए सिर, कान और चेहरे को कपड़े से ढंकें। आंखों पर सनग्लास जरूर लगाएं और खुले शरीर धूप में निकलने से बचें।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/importance-of-nautapa-know-its-effect-on-environment-and-health-126052100007_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. सूती और आरामदायक कपड़े पहनें</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	नरम और सूती कपड़े शरीर को ठंडक देते हैं और पसीना सोखने में मदद करते हैं। इससे शरीर का तापमान संतुलित बना रहता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	5. प्याज का सेवन जरूर करें</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	नौतपा में लू से बचाव के लिए प्याज बेहद फायदेमंद माना जाता है। रोजाना भोजन में प्याज शामिल करें और बाहर जाते समय जेब में छोटा प्याज रखना भी लाभकारी माना जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/when-is-a-doctors-advice-necessary-during-nautapa-126052800010_1.html" target="_blank">Nautapa and Health: नौतपा और स्वास्थ्य: डॉक्टर की सलाह कब है जरूरी?</a></strong></p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 09:57:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 01 Jun 2026 10:54:47 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[World No Tobacco Day: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/disease/vishwa-tambaku-nishedh-divas-2026-126052700053_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/disease/vishwa-tambaku-nishedh-divas-2026-126052700053_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/27/thumb/1_1/1779882467-6457.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/27/thumb/1_1/1779882467-6457.jpg</image>
      <description><![CDATA[Tobacco Addiction Awareness day: 'एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर।' विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) के लिए यह एक बहुत प्रभावशाली और प्रेरणादायक स्लोगन है। इसे पोस्टर, बैनर, रैली, भाषण और सोशल मीडिया कैप्शन में आसानी से ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Images showing awareness about good health on World No Tobacco Day" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/27/full/1779882467-6457.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>Harmful Effects of Tobacco: </strong>&#39;एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर&#39;- यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और दीर्घायु जीवन जीने का मूलमंत्र है। तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट या गुटखा जैसी चीजें इंसान को शुरुआत में एक अस्थायी आनंद या राहत का अहसास कराती हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत एक जानलेवा जाल बन जाती है। जब कोई व्यक्ति तंबाकू छोड़ने का &#39;एक कदम&#39; उठाता है, तो उसका शरीर और जीवन &#39;हजारों कदम&#39; खुशहाली की ओर बढ़ा देते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	आइए जानते हैं कि तंबाकू से दूरी बनाते ही आपके स्वास्थ्य में क्या चमत्कारी बदलाव आते हैं:</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	तंबाकू छोड़ते ही शरीर में बदलाव की टाइमलाइन</h3>
<p>
	<strong>जैसे ही आप तंबाकू से दूरी बनाते हैं, आपका शरीर खुद को ठीक (Heal) करना शुरू कर देता है:</strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>20 मिनट में: </strong>ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कनें सामान्य होने लगती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>12 घंटे में: </strong>खून में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर घटकर सामान्य हो जाता है और ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2 से 12 हफ्ते में: </strong>फेफड़ों की कार्यक्षमता सुधरती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>1 वर्ष में: </strong>दिल की बीमारी (Heart Attack) का खतरा तंबाकू का सेवन करने वालों की तुलना में आधा हो जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>10 वर्ष में:</strong> फेफड़ों के कैंसर से होने वाली मृत्यु का जोखिम लगभग आधा हो जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	&#39;हजार कदम स्वास्थ्य की ओर&#39; के बड़े फायदे</h3>
<p>
	<strong>कैंसर और गंभीर बीमारियों से मुक्ति: </strong>तंबाकू छोड़ने से मुंह, गले, फेफड़ों और पेट के कैंसर का खतरा लगभग खत्म हो जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मजबूत दिल और फेफड़े:</strong> सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना बंद हो जाता है। स्टेमिना बढ़ता है और आप खुद को ऊर्जावान महसूस करते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मानसिक स्पष्टता और कम तनाव: </strong>यह एक मिथक है कि तंबाकू तनाव कम करता है। वास्तव में, निकोटीन की लत तनाव बढ़ाती है। इसे छोड़ने से नींद बेहतर होती है और मानसिक शांति मिलती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>आर्थिक और पारिवारिक खुशहाली: </strong>तंबाकू पर होने वाला रोज का खर्च बचता है। सबसे बड़ी बात, आपका परिवार एक ऐसी अनहोनी के डर से मुक्त हो जाता है जो तंबाकू के कारण किसी भी वक्त आ सकती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	तंबाकू से दूरी बनाने के 4 आसान उपाय</h3>
<p>
	यदि आप या आपका कोई प्रिय इस लत को छोड़ना चाहता है, तो इन बातों पर अमल करें:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>&#39;क्विट डेट&#39; (Quit Date) तय करें: </strong>कैलेंडर में एक तारीख तय करें कि इस दिन से मुझे तंबाकू को हाथ नहीं लगाना है। 31 मई को &#39;विश्व तंबाकू निषेध दिवस&#39; (World No Tobacco Day) आ रहा है, इस सफर को शुरू करने के लिए इससे बेहतर दिन कोई नहीं हो सकता।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>ट्रिगर्स को पहचानें: </strong>जब भी तंबाकू की तलब (Crave) उठे, तो तुरंत अपना ध्यान भटकाएं। सौंप, इलायची, लौंग या चुइंगम चबाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>खूब पानी पिएं: </strong>पानी पीने से शरीर में जमा निकोटीन और टॉक्सिन्स तेजी से बाहर निकलते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>&#39;नो&#39; कहना सीखें: </strong>जब दोस्त या सहकर्मी आपको तंबाकू ऑफर करें, तो पूरी दृढ़ता से मुस्कुराते हुए मना कर दें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>आज ही संकल्प लें: </strong>मौत के इस धीमे जहर को अपनी जिंदगी से बाहर निकालें। तंबाकू से दूरी बनाने का आपका आज का एक छोटा सा फैसला, आपके कल को सेहतमंद और मुस्कुराता हुआ बना सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/home-remedies/heatwave-protection-tips-126052700006_1.html" target="_blank">10 things about Nautapa: नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 30 May 2026 12:20:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 30 May 2026 16:11:08 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[disease]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सनातन परंपरा का यह एक नियम, जिसे अब मान रही है मॉडर्न साइंस; रोज सुबह करने से बीमारियां रहेंगी कोसों दूर]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/ayurveda/modern-science-ushapana-in-ayurveda-126052900056_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/ayurveda/modern-science-ushapana-in-ayurveda-126052900056_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780055882-2992.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780055882-2992.jpg</image>
      <description><![CDATA[हमारी सनातन संस्कृति में ऋषि-मुनियों ने जितने भी नियम बनाए, उनके पीछे केवल धार्मिक कारण नहीं थे, बल्कि गहरा विज्ञान छिपा था। आज पश्चिमी देश और मॉडर्न मेडिकल साइंस जिन चीज़ों को 'हॉलिस्टिक हीलिंग' या 'वेलनेस हैक्स' कहकर प्रमोट कर रहे हैं, वे हमारे ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/full/1780055882-2992.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="ushapana Detoxification" width="1200" /></p>
	</p>
	हमारी सनातन संस्कृति में ऋषि-मुनियों ने जितने भी नियम बनाए, उनके पीछे केवल धार्मिक कारण नहीं थे, बल्कि गहरा विज्ञान छिपा था। आज पश्चिमी देश और मॉडर्न मेडिकल साइंस जिन चीज़ों को &#39;हॉलिस्टिक हीलिंग&#39; या &#39;वेलनेस हैक्स&#39; कहकर प्रमोट कर रहे हैं, वे हमारे घरों में सदियों से अपनाई जा रही हैं। ऐसा ही एक बेहद साधारण लेकिन चमत्कारी नियम है- &#39;उषःपान&#39; (रोज सुबह बासी मुंह तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना)। आज मॉडर्न साइंस भी मान चुकी है कि अगर कोई इंसान रोज सुबह उठकर इस नियम का पालन करता है, तो आधी से ज्यादा बीमारियां उसके शरीर के पास भी नहीं फटकेंगी। आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक सच।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. पेट बनता है &#39;सुपरक्लीन&#39; (Detoxification)</h3>
<p>
	आयुर्वेद कहता है कि हर बीमारी की जड़ हमारा पेट है। रातभर जब तांबे के लोटे में पानी रखा रहता है, तो तांबा पानी में मिलकर उसे &#39;एल्केलाइन&#39; (Alkaline) बना देता है।</p>
<p>
	साइंस क्या कहती है? सुबह बासी मुंह यह पानी पीने से पेट का एसिड लेवल कम होता है और आंतों की सफाई होती है। यह शरीर के सारे टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को फ्लश आउट कर देता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं जड़ से खत्म हो जाती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. तांबे का &#39;ऑलिगोडायनेमिक&#39; प्रभाव (Natural Antibiotic)</h3>
<p>
	सनातन परंपरा में तांबे (Copper) के बर्तनों को सबसे शुद्ध माना गया है।</p>
<p>
	साइंस क्या कहती है? मेडिकल रिसर्च के अनुसार, तांबे में &#39;ऑलिगोडायनेमिक&#39; (Oligodynamic) गुण होते हैं। जब पानी को 8 घंटे तक तांबे के बर्तन में रखा जाता है, तो उसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और फंगस अपने आप मर जाते हैं। यह पानी शरीर की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बूस्ट करता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. वेट लॉस और चमकदार त्वचा (Anti-Aging & Weight Loss)</h3>
<p>
	अक्सर लोग वजन घटाने के लिए महंगी दवाइयां या सप्लीमेंट्स लेते हैं, जबकि इसका समाधान सुबह के इस एक नियम में है।</p>
<p>
	साइंस क्या कहती है? तांबा शरीर के एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में मेटाबॉलिज्म की मदद करता है। इसके अलावा, कॉपर में बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो चेहरे की झुर्रियों को रोकते हैं और नई कोशिकाओं (Cells) के निर्माण में मदद करते हैं, जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।</p>
<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="modern science ushapana in ayurveda" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/full/1780055994-4563.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="ushapana in ayurveda" width="1200" /></p>
	</p>
</p>
<h3>
	उषापान करने का सही तरीका (जो आपको पता होना चाहिए):</h3>
<ul>
	<li>
		पानी को रात में ही तांबे के लोटे या जग में ढककर रख दें।</li>
	<li>
		सुबह उठते ही, बिना ब्रश किए (बासी मुंह) बैठकर घूंट-घूंट करके इस पानी को पीएं। (सुबह की लार में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पेट के लिए बहुत फायदेमंद हैं)।</li>
	<li>
		पानी को कभी भी गर्म न करें, इसे नॉर्मल रूम टेम्परेचर पर ही पीएं।</li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>बॉटम लाइन:</strong></p>
<p>
	सनातन परंपरा का यह &#39;वॉटर थेरेपी&#39; नियम आज के दौर की सबसे सस्ती और सबसे असरदार दवा है। दवाओं पर पैसे खर्च करने से बेहतर है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें। आज ही से इसे आजमाएं और खुद बदलाव महसूस करें!</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:20:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 29 May 2026 17:30:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Ayurveda]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पैरों की पिंडलियों को सुडौल और पतला करने हेतु आजमाएं ये 6 असरदार उपाय]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/calf-slimming-exercises-at-home-126052900046_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/calf-slimming-exercises-at-home-126052900046_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780051529-0118.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780051529-0118.jpg</image>
      <description><![CDATA[Slim Calves Tips: अधिकांश लोग अपने पैरों की मोटी पिंडलियों से परेशान रहते हैं, और सोचते हैं कि इसे केवल जीन की वजह से ही बदला नहीं जा सकता। लेकिन सही व्यायाम, डाइट, और जीवनशैली में बदलाव के जरिए पिंडलियों को पतला और शेप में लाना संभव है। जानें घर पर ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Effective exercises and tips to slim down your calves" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/full/1780051529-0118.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>How to slim calves: </strong>आजकल फिटनेस और सुंदर शरीर की चाह हर व्यक्ति की प्राथमिकता बन गई है। महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए पैरों की पिंडलियां (Calves) पतली और टोंड होना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। पतली और आकर्षक पिंडलियां सिर्फ सौंदर्य बढ़ाती हैं बल्कि चलने, दौड़ने और एक्सरसाइज में सहूलियत भी देती हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/thick-blood-126033100005_1.html" target="_blank">health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	पैरों की पिंडलियां (Calves/Calf) भारी या मोटी होने के दो मुख्य कारण होते हैं- या तो वहां वसा (Fat) जमा है, या फिर मांसपेशियों (Muscles) का आकार बढ़ गया है, जो कि अक्सर हाई हील्स पहनने या गलत पोस्चर के कारण होता है। अत: पिंडलियों को सुडौल और पतला करने के लिए आपको ऐसी एक्सरसाइज और आदतों को अपनाना होगा जो वहां की मांसपेशियों को बड़ा (Bulky) बनाने के बजाय उन्हें लंबा और टोन (Lean & Elongated) करें। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	1. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (Stretching)</p>
<p>
	2. कार्डियो का सही चुनाव (Right Cardio)</p>
<p>
	3. बॉडीवेट एक्सरसाइज (कम वजन, ज्यादा रैप्स)</p>
<p>
	4. हाई हील्स (High Heels) से दूरी बनाएं</p>
<p>
	5. मसाज और फोम रोलर (Massage n Foam Rolling)</p>
<p>
	6. खान-पान में बदलाव (Diet Tips)</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	यहां आपके लिए नीचे दिए गए उपाय बेहद असरदार हैं:</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (Stretching)</h3>
<p>
	पिंडलियों की मांसपेशियों को लंबा और पतला करने के लिए स्ट्रेचिंग सबसे जरूरी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>डाउनवर्ड डॉग पोज (अधोमुख श्वानासन):</strong> योग का यह आसन पिंडलियों के लिए वरदान है। इसमें हाथों और पैरों के बल वी (V) शेप बनाना होता है और एड़ियों को जमीन से छूने की कोशिश करनी होती है। इससे पिंडलियों पर गहरा खिंचाव आता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>वॉल स्ट्रेच (Wall Stretch): </strong>दीवार के सामने खड़े हो जाएं। एक पैर आगे और एक पीछे रखें। पीछे वाले पैर की एड़ी को जमीन पर टिकाए रखते हुए आगे की तरफ झुकें। 20-30 सेकंड रुकें और फिर पैर बदलें।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. कार्डियो का सही चुनाव (Right Cardio)</h3>
<p>
	हर तरह का कार्डियो पिंडलियों को पतला नहीं करता। आपको भारी रेजिस्टेंस वाले वर्कआउट से बचना चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>लंबी वॉक या धीमी रनिंग: </strong>समतल जमीन पर (बिना चढ़ाई के) लंबी वॉक या हल्की रनिंग करने से पैर पतले होते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>इनक्लाइन वॉक से बचें: </strong>ट्रेडमिल पर चढ़ाई (Incline) बढ़ाकर चलने या पहाड़ों पर चढ़ने से पिंडलियों की मांसपेशियां और भारी हो जाती हैं। इसलिए सपाट सतह पर ही चलें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>तैराकी (Swimming):</strong> स्विमिंग पूरे शरीर की चर्बी घटाने और पैरों को बिना किसी दबाव के टोन करने का बेहतरीन तरीका है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/disease/ways-to-live-a-healthy-life-126012900034_1.html" target="_blank">Health tips: स्वस्थ जीवन के लिए 10 सरल और असरदार उपाय</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. बॉडीवेट एक्सरसाइज (कम वजन, ज्यादा रैप्स)</h3>
<p>
	यदि आप जिम जाते हैं या घर पर वर्कआउट करते हैं, तो भारी वजन उठाने के बजाय अपने शरीर के वजन का इस्तेमाल करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>काफ रेजेस (Calf Raises): </strong>सीधे खड़े होकर एड़ियों को ऊपर उठाएं (पंजे के बल आएं) और फिर नीचे लाएं। ध्यान रहे, इसमें कोई एक्स्ट्रा वजन (Dumbbells) न लें। इसके 20 से 25 रैप्स के 3 सेट करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>स्क्वाट्स और लंजेस</strong>: ये एक्सरसाइज जांघों के साथ-साथ पिंडलियों को भी सही शेप में लाती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. हाई हील्स (High Heels) से दूरी बनाएं</h3>
<p>
	जब आप हाई हील्स पहनती हैं, तो आपकी पिंडलियों की मांसपेशियां लगातार सिकुड़ी (Contracted) हुई स्थिति में रहती हैं। लगातार ऐसा होने से वे छोटी और मोटी होने लगती हैं। जितना हो सके फ्लैट फुटवियर पहनें ताकि मांसपेशियों को स्वाभाविक रूप से फैलने का मौका मिले।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	5. मसाज और फोम रोलर (Massage n Foam Rolling)</h3>
<p>
	कई बार पिंडलियों में भारीपन &#39;फ्लूइड रिटेंशन&#39; (पानी जमा होना) या मांसपेशियों के कड़े होने के कारण होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	रोजाना रात को नीचे से ऊपर की ओर (एड़ी से घुटने की तरफ) सरसों या नारियल के तेल से मालिश करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	फोम रोलर का इस्तेमाल करके पिंडलियों की टाइटनेस को कम करें, इससे वहां का ब्लड सर्कुलेशन सुधरेगा और पैर पतले दिखेंगे।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	6. खान-पान में बदलाव (Diet Tips)</h3>
<p>
	अगर शरीर में फैट प्रतिशत ज्यादा है, तो वह पिंडलियों पर भी दिखेगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>नमक की मात्रा कम करें:</strong> ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकता है (Water Retention), जिससे पैर और पिंडलियां सूजी हुई दिखाई देती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>पोटैशियम युक्त चीजें खाएं: </strong>केला, पालक और एवोकैडो जैसी चीजें खाएं, ये शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी को बाहर निकालने में मदद करती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>भरपूर पानी पिएं: </strong>सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जितना ज्यादा पानी पिएंगे, शरीर उतना ही कम पानी होल्ड करेगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>एक जरूरी सलाह: </strong>यदि आपकी पिंडलियों में अचानक से बहुत ज्यादा सूजन आ गई है या दर्द रहता है, तो यह केवल फैट नहीं बल्कि किसी मेडिकल स्थिति (जैसे वैरिकोज वेन्स या वॉटर रिटेंशन) का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/benefits-of-eating-cashews-daily-126051900021_1.html" target="_blank">Cashew health effects: प्रतिदिन 5 काजू खाने से क्या होगा सेहत पर असर</a></strong></p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:36:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 29 May 2026 16:24:02 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला']]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/eggs-consumption-benefits-lowers-alzheimers-dementia-risk-brain-health-126052900026_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/eggs-consumption-benefits-lowers-alzheimers-dementia-risk-brain-health-126052900026_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780041655-8377.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/thumb/1_1/1780041655-8377.jpg</image>
      <description><![CDATA[Eggs lowers Alzheimers risk: आज के दौर में खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण भूलने की बीमारी यानी 'अल्ज़ाइमर' (Alzheimers) और डिमेंशिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया भर के डॉक्टर और वैज्ञानिक इसे 'भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य चुनौती' मान रहे हैं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Eggs lowers Alzheimers risk" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/29/full/1780041655-8377.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Eggs lowers Alzheimers risk: आज के दौर में खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण भूलने की बीमारी यानी &#39;अल्ज़ाइमर&#39; (Alzheimers) और डिमेंशिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया भर के डॉक्टर और वैज्ञानिक इसे &#39;भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य चुनौती&#39; मान रहे हैं। लेकिन हाल ही में हुए वैज्ञानिक शोधों में एक बेहद चौंकाने वाला और राहत देने वाला सच सामने आया है। दिमागी कमजोरी के हजारों मरीजों का इलाज कर चुके मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. डेल ब्रेडिसन के अनुसार, हमारे किचन में मौजूद एक बेहद साधारण-सी चीज &#39;अंडा&#39; अल्जाइमर से बचाने और दिमाग को बूस्ट करने में सबसे बड़ा मददगार साबित हो सकता है।</p>
<h3>
	हफ्ते में सिर्फ 1 अंडा खाइए</h3>
<p>
	प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल &#39;द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन&#39; में हाल ही में  प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो लोग हफ्ते में एक या उससे अधिक अंडे का सेवन करते हैं, उनमें अंडा न खाने वालों (या महीने में एक बार खाने वालों) की तुलना में अल्जाइमर रोग होने का खतरा 47 प्रतिशत तक कम पाया गया। यही नहीं, नियमित अंडा खाने वाले लोगों ने प्लानिंग, फोकस (एकाग्रता) और सही समय पर सही निर्णय लेने (Decision-making) से जुड़े दिमागी टेस्ट में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।</p>
<h3>
	आखिर अंडे में ऐसा क्या है?</h3>
<p>
	अल्जाइमर और दिमागी कमजोरी से जूझ रहे मरीजों के मस्तिष्क में आमतौर पर दो जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी देखी जाती है—पहला &#39;कोलीन&#39; (Choline) और दूसरा ओमेगा-3 फैट का एक प्रकार &#39;डीएचए&#39; (DHA)। अंडा दुनिया के उन गिने-चुने सुपरफूड्स में से है जिसमें ये दोनों तत्व एक साथ भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>&#39;कोलीन&#39; का पावरहाउस : </strong>अल्जाइमर के खतरे को कम करने में अकेले &#39;कोलीन&#39; की 39% भूमिका होती है। पुरुषों को रोजाना 550 मिलीग्राम और महिलाओं को 425 मिलीग्राम कोलीन की जरूरत होती है। महज एक उबले अंडे से शरीर को लगभग 150 मिलीग्राम कोलीन मिल जाता है। यह दिमाग की कोशिकाओं (Brain Cells) की बाहरी परत को मजबूत करता है और याददाश्त को बढ़ाने वाले न्यूरोट्रांसमीटर का निर्माण करता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>एंटीऑक्सीडेंट्स की ढाल : </strong>अंडे में ल्यूटिन (Lutein) जैसे एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं को डैमेज होने और सूजन (Inflammation) से बचाते हैं।</p>
<h3>
	&#39;मेटाबॉलिक सिंड्रोम&#39; से भी बचाता है अंडा</h3>
<p>
	डॉ. डेल ब्रेडिसन का कहना है कि अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव के कारण होने वाला &#39;मेटाबॉलिक सिंड्रोम&#39; ही आगे चलकर अल्जाइमर का कारण बनता है। बुजुर्गों के लिए अंडा एक बेहतरीन डाइट है क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर है, पचाने में आसान है और शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता। हेल्थ एक्सपर्ट्स दिमाग में कोलीन की मात्रा बढ़ाने के लिए अंडों के साथ सब्जियों और पनीर को मिलाकर खाने की सलाह देते हैं।</p>
<p>
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala </p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 29 May 2026 13:25:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 29 May 2026 13:31:15 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[International News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[नौतपा की 'आग' उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-avoid-heat-stroke-126052600005_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-avoid-heat-stroke-126052600005_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/26/thumb/1_1/1779769639-1348.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/26/thumb/1_1/1779769639-1348.jpg</image>
      <description><![CDATA[Nautapa Heatwave  Protection Tips: गर्मी का सबसे तीखा दौर यानी नौतपा शुरू होते ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। इस दौरान सूरज की तपिश इतनी तेज होती है कि घर के अंदर भी बेचैनी महसूस होने लगती है। ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Golden rules of Nautapa, photo showing ways to avoid scorching heat, heat wave and strong sunlight" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/26/full/1779769639-1348.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>Summer Safety Tips:</strong> हर साल जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में एंट्री मारते हैं, तो शुरू होता है साल का सबसे गर्म हफ्ता- &#39;नौतपा&#39;। इन 9 दिनों में सूरज आसमान से आग उगलने लगता है। तीखी धूप और थपेड़े मारती लू इंसान को घर के अंदर हो या बाहर, दोनों जगह बेचैन कर देती है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-and-health-special-precautions-for-children-and-the-elderly-126052200006_1.html" target="_blank">Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	इस प्रचंड गर्मी में जरा सी लापरवाही आपको अस्पताल पहुंचा सकती है। इसलिए, खुद को कूल और हाइड्रेटेड रखने के लिए आपको कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नौतपा की 5 अचूक सावधानियां, जो आपको रखनी हैं याद:</h3>
<p>
	अगर नौतपा के दौरान घर से बाहर निकलना बेहद जरूरी है, तो इन 5 बातों का कड़ाई से पालन करें:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>1. कवर-अप गेम ऑन रखें: </strong>कभी भी खुले शरीर धूप में न जाएं। बाहर निकलने से पहले सिर और कान को कॉटन के कपड़े से ढंकें और आंखों पर अच्छी क्वालिटी का सनग्लास (धूप का चश्मा) जरूर लगाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. जेब में रखें &#39;कवच&#39;:</strong> दादी-नानी का यह नुस्खा आज भी सुपरहिट है। रोजाना खाने में प्याज का इस्तेमाल करें और घर से बाहर निकलते समय अपनी जेब में एक छोटासा कच्चा प्याज जरूर रखें, यह लू से बचाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. लिक्विड डाइट को बनाएं दोस्त:</strong> इन दिनों सादे पानी के अलावा अपनी डाइट में नारियल पानी, गन्ने का रस, फलों का जूस, जलजीरा, लस्सी, आम पना, दही और जीरा छाछ को भरपूर जगह दें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>4. पानी से नो कॉम्प्रोमाइज: </strong>प्यास न भी लगे, तो भी हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें। शरीर से पसीना बहने पर तापमान को बैलेंस करने के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>5. फैब्रिक का रखें ख्याल: </strong>सिंथेटिक कपड़ों को बाय-बाय कहें। इन 9 दिनों में सिर्फ ढीले, हल्के और मुलायम सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके और स्किन खुलकर सांस ले सके।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html" target="_blank">Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां</a></strong></p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	नौतपा के गोल्डन टिप्स, जानें 10 सबसे काम की बातें</h3>
<p>
	<strong>1. क्या है नौतपा?</strong></p>
<p>
	जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करता है, तो शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है। यह पूरे साल का सबसे गर्म समय माना जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. खाली पेट बाहर जाना मना है:</strong></p>
<p>
	नौतपा के दौरान सूरज की किरणें सीधे पृथ्वी पर आती हैं। सुबह कितना भी जल्दी हो, बिना कुछ खाए-पिए घर से कदम बाहर न निकालें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. ग्लूकोज से मिलेगी इंस्टेंट एनर्जी:</strong></p>
<p>
	पसीने के रास्ते शरीर के जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इसलिए समय-समय पर ग्लूकोज या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें और अपनी एनर्जी को फालतू कामों में वेस्ट न करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>4. अच्छे मानसून का संकेत:</strong></p>
<p>
	सनातन मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के ये 9 दिन जितनी शिद्दत से तपेंगे, आने वाले मानसून में उतनी ही झमाझम और अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>5. इमरजेंसी में घरेलू उपाय या डॉक्टर:</strong></p>
<p>
	अगर चक्कर आना, उल्टी या तेज सिरदर्द जैसे लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत घरेलू उपाय (जैसे आम पना) अपनाएं या बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>6. एसी (AC) से निकलते ही सावधानी:</strong></p>
<p>
	अगर आप ऑफिस या घर में लगातार एसी में बैठते हैं, तो एसी से निकलते ही तुरंत कड़कड़ाती धूप में न जाएं। शरीर के तापमान को धीरे-धीरे नॉर्मल होने दें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>7. मेहंदी का नेचुरल कूलिंग इफेक्ट:</strong></p>
<p>
	जिन लोगों को गर्मी ज्यादा सताती है या तलवों में जलन होती है, वे अपने हाथ-पैर और सिर में प्राकृतिक मेहंदी जरूर लगाएं। यह शरीर की गर्मी को खींचकर आपको अंदर से तरोताजा रखती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>8. पसीने को सोखना है जरूरी:</strong></p>
<p>
	सूती कपड़े पहनने से शरीर का तापमान मेंटेन रहता है और घमौरियों या स्किन एलर्जी का खतरा नहीं रहता।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>9. लाइट और इजी मील:</strong></p>
<p>
	दोपहर और रात के खाने में ऐसा भोजन लें जो जल्दी पच जाए- जैसे खिचड़ी, दलिया, लौकी-तोरई की सब्जी। लिक्विड चीजों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>10. ऑयली फूड से तौबा:</strong></p>
<p>
	इन नौ दिनों में समोसे, कचोरी और हैवी मसालेदार भोजन से बिल्कुल दूर रहें। भारी खाना इस मौसम में आपके डाइजेशन सिस्टम यानी पाचन क्रिया को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/importance-of-nautapa-know-its-effect-on-environment-and-health-126052100007_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 29 May 2026 10:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 29 May 2026 16:27:48 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nautapa and Health: नौतपा और स्वास्थ्य: डॉक्टर की सलाह कब है जरूरी?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/when-is-a-doctors-advice-necessary-during-nautapa-126052800010_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/28/thumb/1_1/1779947173-8955.jpg"/>
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      <description><![CDATA[summer health warning signs: नौतपा (Heat Exhaustion / Heat Stress) आमतौर पर गर्मियों में शरीर के तापमान और पानी की कमी के कारण होता है। हल्के मामलों में घर पर आराम और तरल पदार्थ लेने से राहत मिल सकती है, लेकिन कभी-कभी यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="The picture shows a scene informing a patient about seeking medical advice during Nautapa" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/28/full/1779947173-8955.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>heatstroke symptoms and treatment:</strong> नौतपा की भीषण गर्मी में शरीर एक सीमा तक ही तापमान को नियंत्रित कर पाता है। कई बार हम सामान्य थकान या सिरदर्द समझकर उन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो वास्तव में मेडिकल इमरजेंसी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-avoid-heat-stroke-126052600005_1.html" target="_blank">नौतपा की &#39;आग&#39; उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	यहां वे मुख्य लक्षण और स्थितियां दी गई हैं जब आपको बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए:</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) के गंभीर संकेत</h3>
<p>
	यह सबसे खतरनाक स्थिति है। यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखें, तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>तेज बुखार:</strong> शरीर का तापमान 103°F (39.4°C) या उससे अधिक हो जाना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>पसीना बंद होना:</strong> त्वचा का गर्म और लाल होना, लेकिन पसीना बिल्कुल न आना (यह संकेत है कि शरीर की कूलिंग प्रणाली फेल हो गई है)।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>भ्रम या बेहोशी: </strong>व्यक्ति का लड़खड़ाना, भ्रमित होना (Confusion), चिड़चिड़ापन या बेहोश हो जाना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>तेज धड़कन: </strong>दिल की धड़कन का असामान्य रूप से तेज और भारी महसूस होना।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. गंभीर डिहाइड्रेशन (Dehydration)</h3>
<p>
	यदि पानी पीने के बाद भी स्थिति न सुधरे और निम्नलिखित लक्षण बने रहें:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>पेशाब की कमी:</strong> 6-8 घंटे से अधिक समय तक पेशाब न आना या पेशाब का रंग बहुत गहरा पीला होना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मुंह और आंखों का सूखना: </strong>होंठों का फटना और विशेषकर बच्चों में रोते समय आंखों से आंसू न निकलना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>अत्यधिक सुस्ती: </strong>बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना कि उठना भी मुश्किल लगे।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-and-health-special-precautions-for-children-and-the-elderly-126052200006_1.html" target="_blank">Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. लगातार उल्टियां और दस्त</h3>
<p>
	गर्मी में &#39;फूड पॉइजनिंग&#39; या लू के कारण बार-बार उल्टियां हो सकती हैं। यदि व्यक्ति कुछ भी खा-पी नहीं पा रहा है और बार-बार उल्टी हो रही है, तो शरीर में नमक और पानी का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके लिए अस्पताल में IV Fluids (ड्रिप) की आवश्यकता हो सकती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. मांसपेशियों में ऐंठन (Heat Cramps)</h3>
<p>
	यदि हाथ-पैर या पेट की मांसपेशियों में तेज दर्द और ऐंठन हो रही हो जो आराम करने और तरल पदार्थ लेने के 1 घंटे बाद भी ठीक न हो, तो यह गंभीर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	5. पुराना रोग होने पर</h3>
<p>
	यदि आपको या परिवार में किसी को निम्नलिखित बीमारियां हैं, तो नौतपा में थोड़ी भी अस्वस्थता होने पर डॉक्टर से पूछें:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>हृदय रोग (Heart Disease): </strong>गर्मी दिल पर अधिक दबाव डालती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>किडनी की समस्या: </strong>डिहाइड्रेशन किडनी के लिए घातक हो सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मधुमेह (Diabetes): </strong>शुगर के मरीजों को डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	डॉक्टर के पास जाने से पहले क्या करें? (First Aid)</h3>
<p>
	जब तक आप डॉक्टर तक पहुंचते हैं या मदद आती है, तब तक ये कदम उठाएं:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	मरीज को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उनके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें या स्प्रे करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पंखे या कूलर की हवा सीधे उन पर डालें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यदि वे सचेत हैं, तो उन्हें धीरे-धीरे पानी या ओआरएस (ORS) पिलाएं। ध्यान रहें कि बेहोश व्यक्ति के मुंह में कुछ न डालें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सावधानी: </strong>नौतपा में अपनी मर्जी से कोई भी &#39;एंटीबायोटिक&#39; या भारी दवा न लें, क्योंकि गर्मी में कुछ दवाएं डिहाइड्रेशन को और बढ़ा सकती हैं। हमेशा डॉक्टर के परामर्श का पालन करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html" target="_blank">Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 28 May 2026 11:20:57 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[10 things about Nautapa: नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/heatwave-protection-tips-126052700006_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/heatwave-protection-tips-126052700006_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/thumb/1_1/1779424032-0311.jpg"/>
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      <description><![CDATA[How to Avoid Heat Stroke: नौतपा भले ही तेज गर्मी लेकर आता हो, लेकिन भारतीय परंपरा में इसे अच्छी बारिश और समृद्ध खेती का संकेत भी माना गया है। इसलिए यह समय केवल तपिश का नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन और आने वाले मानसून की तैयारी का भी प्रतीक है। आइए ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Picture giving information about the days of Nautapa" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/full/1779424032-0311.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
</p>
<p>
	<strong>Summer Health Care: </strong>गर्मियों का सबसे तपता दौर यानी नौतपा भारतीय मौसम और लोकमान्यताओं में बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है, जिससे धरती खूब गर्म होती है और आगे चलकर मानसून मजबूत बनता है। ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और मौसम विज्ञान- तीनों में नौतपा का विशेष महत्व बताया गया है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-avoid-heat-stroke-126052600005_1.html" target="_blank">नौतपा की &#39;आग&#39; उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!</a></strong></p>
<h3>
	आइए जानते हैं नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें, जो इसे सामान्य गर्मी से अलग बनाती हैं।</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	1. सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा की शुरुआत मानी जाती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	2. नौतपा के शुरुआती नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में गिने जाते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	3. इस दौरान सूरज की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी अधिक बढ़ जाती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	4. खाली पेट धूप में निकलना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए कुछ खाकर ही बाहर जाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	5. शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए समय-समय पर ग्लूकोज या इलेक्ट्रोलाइट्स लेते रहें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	6. मान्यता है कि नौतपा अच्छी तरह तपे तो मानसून में अच्छी बारिश होती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	7. लू लगने के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या घरेलू उपाय अपनाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	8. एसी से सीधे तेज धूप में निकलने से बचें, इससे शरीर पर अचानक असर पड़ सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	9. इन दिनों पेय पदार्थों और पानी की मात्रा सामान्य दिनों से ज्यादा रखें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	10. जिन लोगों को गर्मी अधिक परेशान करती है, वे हाथ-पैरों और सिर पर मेहंदी लगाकर शरीर को ठंडक दे सकते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नौतपा की तेज गर्मी में थोड़ी सी सावधानी आपको लू, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याओं से बचा सकती है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के उपाय अपनाकर आप इस मौसम में आसानी से सेहत संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/importance-of-nautapa-know-its-effect-on-environment-and-health-126052100007_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव</a></strong></p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 27 May 2026 10:04:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 27 May 2026 10:47:32 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[home remedies]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[summer cooling tips: नौतपा में आग उगलेगी धरती, जानें Nautapa में घर पर राहत पाने के 7 घरेलू तरीके]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/relief-from-heatstroke-at-home-126052500013_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/relief-from-heatstroke-at-home-126052500013_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/25/thumb/1_1/1779684187-1697.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/25/thumb/1_1/1779684187-1697.jpg</image>
      <description><![CDATA[relief from heatstroke at home: नौतपा की तपन से बचने के लिए केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि अपने आस-पास के वातावरण को भी ठंडा रखना जरूरी है। बिना एसी (AC) के भी आप कुछ पारंपरिक और देसी घरेलू तरीकों से अपने घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रख सकते हैं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="A scene showing home remedies to keep the house cool during Nautapa" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/25/full/1779684187-1697.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>stay hydrated in summer:</strong> गर्मी और उमस के कारण शरीर में हीट स्ट्रेस (नौतपा) होना आम बात है। नौतपा केवल थकान या पसीना नहीं है, बल्कि यह शरीर के तापमान और हाइड्रेशन बैलेंस को प्रभावित करता है। सही समय पर राहत न मिले तो यह हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है। घर पर कुछ सरल घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने शरीर को ठंडा और स्वस्थ रख सकते हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html" target="_blank">Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	यहां नौतपा से राहत पाने के प्रभावी तरीके दिए गए हैं:</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. खिड़की और दरवाजों का सही प्रबंधन</h3>
<p>
	दिन में बंद, रात में खुला: सुबह 10 बजे के बाद घर की सभी खिड़कियां और दरवाजे बंद कर दें और भारी पर्दे डाल दें। शाम 7 बजे के बाद, जब बाहर की हवा ठंडी हो जाए, तब खिड़कियां खोलें ताकि Cross-Ventilation (क्रॉस-वेंटिलेशन) से घर की गर्म हवा बाहर निकल सके।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सफेद पर्दों का प्रयोग: </strong>गहरे रंग के पर्दे गर्मी को सोखते हैं। हल्के रंग या सफेद सूती पर्दों का उपयोग करें, ये सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट (Reflect) कर देते हैं।</p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	2. खस और गीले कपड़ों का देसी नुस्खा</h3>
<p>
	खस के पर्दे: पुराने समय में खिड़कियों पर खस की टट्टियां या चटाइयां लगाई जाती थीं। आप अपनी खिड़की के पर्दों पर पानी का छिड़काव कर सकते हैं। जब बाहर की गर्म हवा गीले कपड़े से छनकर आती है, तो वह कमरे को प्राकृतिक कूलर की तरह ठंडा कर देती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गीली चादर: रात में सोने से पहले अगर कमरे की खिड़की पर एक गीली चादर टांग दी जाए, तो कमरे का तापमान 2-3 डिग्री तक कम हो सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. फर्श की कूलिंग (Mopping)</h3>
<p>
	दिन में कम से कम दो-तीन बार फर्श पर पोछा लगाएं। फर्श पर पानी रहने से वाष्पीकरण (Evaporation) होता है, जो कमरे की गर्मी खींच लेता है। पोछे के पानी में थोड़ा नमक या नीम का तेल मिलाने से ताजगी भी बनी रहती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants)</h3>
<p>
	घर के अंदर ऐसे पौधे लगाएं जो हवा को शुद्ध और ठंडा रखते हैं। एलोवेरा, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और एरेका पाम प्राकृतिक रूप से कमरे की नमी बनाए रखते हैं और ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाते हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-nakshatra-sign/sun-transit-in-rohini-nakshatra-2026-dos-and-donts-126052200011_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	5. कूलर के लिए स्मार्ट ट्रिक</h3>
<p>
	अगर आप कूलर का उपयोग कर रहे हैं, तो उसमें बर्फ डालने के बजाय उसकी घास (Honey-comb pads) को अच्छे से साफ रखें। कूलर को खिड़की पर ऐसी जगह लगाएं जहां से उसे ताजी हवा मिले; बंद कमरे में कूलर केवल उमस (Humidity) बढ़ाता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	6. किचन की गर्मी को कंट्रोल करें</h3>
<p>
	नौतपा के दौरान दोपहर में भारी खाना पकाने या लंबे समय तक गैस जलाने से बचें। खाना बनाने के बाद एग्जॉस्ट फैन (Exhaust Fan) जरूर चलाएं ताकि किचन की गर्म हवा पूरे घर में न फैले।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	7. छत को ठंडा रखें</h3>
<p>
	यदि आप सबसे ऊपर वाली मंजिल (Top Floor) पर रहते हैं, तो शाम के समय छत पर पानी का छिड़काव करें। इससे छत की तपिश कम होगी और रात को कमरा जल्दी ठंडा होगा। सफेद &#39;चूना&#39; या &#39;हीट रिफ्लेक्टिव पेंट&#39; भी छत पर लगवाना एक बेहतरीन स्थायी समाधान है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	एक मजेदार टिप: &#39;Ice Fan&#39; हैक</h3>
<p>
	एक बड़े कटोरे में ढेर सारी बर्फ लें और उसे टेबल फैन (Table Fan) के ठीक सामने रख दें। पंखे की हवा जब बर्फ से टकराकर आप तक आएगी, तो आपको बिल्कुल एसी जैसी ठंडक का अहसास होगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नौतपा के इन 9 दिनों में ये छोटे बदलाव आपको लू और बेचैनी से बचा सकते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-and-health-special-precautions-for-children-and-the-elderly-126052200006_1.html" target="_blank">Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 25 May 2026 10:05:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 25 May 2026 10:18:38 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[home remedies]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/what-is-nautapa-learn-about-its-causes-and-symptoms-126050800004_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/what-is-nautapa-learn-about-its-causes-and-symptoms-126050800004_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778213814-239.jpg"/>
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      <description><![CDATA[What is Nautapa: नौतपा भारतीय ज्योतिष और लोक परंपरा का एक ऐसा शब्द है, जो भीषण गर्मी का प्रतीक माना जाता है। जब सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है और धरती 'भट्टी' की तरह तपने लगती है, तब उस समय को नौतपा कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p>
		<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
			<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
				<img align="center" alt="नौतपा के दौरान प्रचंड गर्मी और सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश संबंधी जानकारी देता फोटो" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778213814-239.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
		</p>
	</p>
	<p>
		<strong>Nautapa causes and symptoms:</strong> नौतपा भारतीय ज्योतिष और खगोल विज्ञान की एक ऐसी अवधारणा है, जो गर्मी के भीषणतम दिनों को परिभाषित करती है। जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है, तो उस अवधि को &#39;नौतपा&#39; कहा जाता है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में रहने के शुरुआती 9 दिन जो सबसे अधिक गर्म माने जाते हैं, जिन्हें &#39;नौतपा&#39; कहा जाता है। इस वर्ष यह 25 मई 2026 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक जारी रहेगा।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/nautapa-2026-rohini-nakshatra-kab-se-kab-tak-rahega-date-timing-126050400019_1.html" target="_blank">नौतपा 2026: रोहिणी नक्षत्र कब से शुरू होगा और कितने दिन तक रहेगा? जानिए पूरी जानकारी</a></strong></p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		आइए इसके वैज्ञानिक कारण, ज्योतिषीय आधार और शरीर पर दिखने वाले लक्षणों को विस्तार से समझते हैं। </h3>
	<p>
		 </p>
	<p>
		1. नौतपा क्या है?</p>
	<p>
		2. नौतपा के लक्षण</p>
	<p>
		3. नौतपा के खगोलीय एवं वैज्ञानिक कारण</p>
	<p>
		4. ज्योतिषीय कारण</p>
	<p>
		5. सावधानी की सलाह</p>
	<h3>
		 </h3>
	<h3>
		1. नौतपा क्या है?</h3>
	<p>
		नौतपा का शाब्दिक अर्थ है &#39;नौ दिनों का ताप&#39;। हिंदी कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उस समय के शुरुआती 9 दिनों को &#39;नौतपा&#39; कहा जाता है। यह आमतौर पर मई के अंत या जून की शुरुआत में आता है। मान्यता है कि यदि इन 9 दिनों में खूब गर्मी पड़े, तो मानसून के दौरान बारिश बहुत अच्छी होती है।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		2. नौतपा के लक्षण</h3>
	<p>
		जब नौतपा शुरू होता है, तो वातावरण में निम्नलिखित बदलाव और लक्षण दिखाई देते हैं:</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>भीषण गर्मी और लू: </strong>तापमान अपने सामान्य स्तर से 2 से 5 डिग्री तक ऊपर चला जाता है। गर्म हवाएं (लू) तेज हो जाती हैं।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>नमी की कमी: </strong>हवा में रूखापन बढ़ जाता है, जिससे त्वचा में खिंचाव और होंठ सूखने जैसी समस्याएं होती हैं।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>जल स्रोतों का सूखना: </strong>तालाबों और नदियों का जलस्तर तेजी से गिरता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>अचानक आंधी-तूफान: </strong>शाम के समय धूल भरी आंधी या गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होना भी इसका एक लक्षण है, जो बढ़ती गर्मी के कारण बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Zone) की वजह से होता है।</p>
	<h3>
		 </h3>
	<h3>
		3. नौतपा के कारण</h3>
	<p>
		नौतपा के पीछे वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों कारण महत्वपूर्ण हैं:</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		खगोलीय एवं वैज्ञानिक कारण</h3>
	<p>
		इस दौरान पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध (Northern Hemisphere) पर सूर्य की किरणें लंबवत (Vertical) पड़ती हैं।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम महसूस होती है।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		वायुमंडल में नमी कम हो जाती है और शुष्क हवाएं (लू) चलने लगती हैं, जिससे धरती का तापमान तेजी से बढ़ता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		4. ज्योतिषीय कारण</h3>
	<p>
		सूर्य को &#39;अग्नि&#39; का कारक और चंद्रमा को &#39;शीतलता&#39; का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जो शीतलता का प्रतीक है। जब सूर्य (अग्नि तत्व) रोहिणी नक्षत्र में आता है, तो वह चंद्रमा की शीतलता को सोख लेता है। शीतलता के अभाव में पृथ्वी पर ताप अत्यधिक बढ़ जाता है।</p>
	<h3>
		 </h3>
	<h3>
		5. सावधानी की सलाह</h3>
	<p>
		नौतपा के दौरान निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान अधिक से अधिक पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html" target="_blank">Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां</a></strong></p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:05:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 23 May 2026 16:43:48 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[astrology articles]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/importance-of-nautapa-know-its-effect-on-environment-and-health-126052100007_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/importance-of-nautapa-know-its-effect-on-environment-and-health-126052100007_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777977938-8706.jpg"/>
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      <description><![CDATA[nautapa health care: इस बार 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहने वाला है। नौतपा केवल थकावट या पसीने की समस्या नहीं है; यह शरीर के हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस पर भी असर डालता है। यदि समय रहते सावधानियां न बरती जाएं, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="The picture provides information regarding health stability during Nautapa" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777977938-8706.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
</p>
<p>
	<strong>what is heat exhaustion: </strong>नौतपा, जिसे आम बोलचाल में गर्मी या हीट स्ट्रेस कहा जाता है, शरीर का वह स्थिति है जब अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण शरीर अपनी सामान्य कार्यक्षमता खो देता है। यह मुख्यतः हीट एक्सॉस्टेशन (Heat Exhaustion) और हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) जैसी स्थितियों की शुरुआत हो सकती है। वर्ष 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक जारी रहेगा तथा इन 9 दिनों तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/what-is-nautapa-learn-about-its-causes-and-symptoms-126050800004_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	नौतपा केवल थकावट या पसीने की समस्या नहीं है; यह शरीर के हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस पर भी असर डालता है। यदि समय रहते सावधानियां न बरती जाएं, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में बदल सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नौतपा का महत्व: </h3>
<p>
	आयुर्वेद और लोक मान्यताओं के अनुसार, &#39;जितना तपेगा नौतपा, उतनी होगी वर्षा&#39;। यानी नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी और कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, समुद्र से उठने वाली मानसूनी हवाएं उतनी ही तेजी से मैदानी इलाकों की ओर बढ़ेंगी, जिससे भविष्य में अच्छी फसल और वर्षा की संभावना बढ़ जाती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नौतपा के प्रभाव और लक्षण (Symptoms)</h3>
<p>
	भीषण गर्मी के कारण प्रकृति और मानव शरीर पर स्पष्ट प्रभाव दिखाई देते हैं:</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	पर्यावरण में लक्षण:</h3>
<p>
	तेज लू (Heat Waves): गर्म और शुष्क हवाओं का चलना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>जल स्तर में गिरावट:</strong> नदियों, तालाबों और कुओं के जल स्तर का तेजी से नीचे जाना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>आंधी-तूफान: </strong>अत्यधिक गर्मी के कारण कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनता है, जिससे शाम के समय धूल भरी आंधियां चलने लगती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	शरीर पर प्रभाव (Health Symptoms):</h3>
<p>
	अत्यधिक तापमान के कारण शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>डिहाइड्रेशन:</strong> शरीर में पानी की भारी कमी होना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सनस्ट्रोक (लू लगना): </strong>तेज बुखार, सिर चकराना और बेहोशी महसूस होना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>त्वचा की समस्याएं:</strong> सनबर्न, घमौरियां और अत्यधिक पसीना आना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>पाचन तंत्र में गड़बड़ी</strong>: भूख कम लगना और जी मिचलाना।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html" target="_blank">Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 11:57:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 23 May 2026 16:38:34 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/ayurveda/ayurvedic-summer-drinks-126051200029_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/ayurveda/ayurvedic-summer-drinks-126051200029_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/12/thumb/1_1/1778580804-2274.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/12/thumb/1_1/1778580804-2274.jpg</image>
      <description><![CDATA[summer health care: आयुर्वेद में पेय का महत्व सिर्फ प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के वात, पित्त और कफ (त्रिदोष) के संतुलन और स्वास्थ्य सुधार में मदद करता है। यह शरीर की ताजगी, पाचन शक्ति, और ऊर्जा बढ़ाने के लिए उपयुक्त होता है। यहां ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="हेल्थ से संबंधित आयुर्वेदिक पेय, समर डाइट प्लान के अंतर्गत भोजन की जानकारी देता फोटो" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/12/full/1778580804-2274.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 732px; height: 715px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>stay cool in summer:</strong> आयुर्वेद के अनुसार, ज्येष्ठ की भीषण गर्मी और नौतपा के दौरान शरीर में &#39;पित्त&#39; दोष बढ़ जाता है। इसे शांत करने के लिए &#39;शीतवीर्य&#39; यानी ठंडी तासीर वाले आहार और विहार की आवश्यकता होती है। यहां गर्मी से लड़ने के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान दिया गया है:<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/ways-to-avoid-heat-wave-126042000012_1.html" target="_blank">Summer Health: लू से बचना है? तो ये 5 &#39;देसी ड्रिंक्स&#39; हैं आपके रक्षक</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	1. सर्वोत्तम आयुर्वेदिक पेय (Ayurvedic Drinks)</p>
<p>
	2. आदर्श समर डाइट प्लान (Diet Plan)</p>
<p>
	3. आयुर्वेद के अनुसार कुछ &#39;खास&#39; टिप्स</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. सर्वोत्तम आयुर्वेदिक पेय (Ayurvedic Drinks)</h3>
<p>
	ये पेय न केवल प्यास बुझाते हैं, बल्कि शरीर को भीतर से ठंडा रखते हैं:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>आम पन्ना: </strong>कच्चे आम को उबालकर बनाया गया यह पेय &#39;लू&#39; का काल है। यह विटामिन C और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>बेल का शरबत: </strong>बेल (Stone Apple) पेट की गर्मी को शांत करता है और पाचन तंत्र को लू से बचाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>चंदन और खस का शरबत: </strong>चंदन और खस की तासीर अत्यंत ठंडी होती है। यह घमौरियों और शरीर की जलन को कम करता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मिश्री-सौंफ का पानी:</strong> रात भर सौंफ को पानी में भिगो दें, सुबह मिश्री मिलाकर छानकर पिएं। यह आंखों की जलन और एसिडिटी के लिए रामबाण है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>ताजा मट्ठा (छाछ):</strong> आयुर्वेद में मट्ठे को &#39;धरती का अमृत&#39; कहा गया है। इसमें थोड़ा भुना जीरा और काला नमक मिलाकर पीने से पाचन सुधरता है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/indian-food-recipe/healthy-sattu-dishes-126041500006_1.html" target="_blank">Summer Food: समर स्पेशल सत्तू के 5 हेल्दी और स्वादिष्ट व्यंजन</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. आदर्श समर डाइट प्लान (Diet Plan)</h3>
<p>
	गर्मी में आपका भोजन &#39;हल्का, ताजा और जलयुक्त&#39; होना चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	सुबह का समय (7:00 AM - 9:00 AM)</h3>
<p>
	रात भर भीगे हुए बादाम या किशमिश से दिन की शुरुआत करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नाश्ते में जौ का दलिया, पोहा या ताजे फलों का सेवन करें। जौ (Barley) शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सर्वश्रेष्ठ अनाज है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	दोपहर का भोजन (12:00 PM - 1:30 PM)</h3>
<p>
	भोजन में लौकी, तोरई, टिंडा और कद्दू जैसी पानी वाली सब्जियां शामिल करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दाल में मूंग की दाल का प्रयोग करें क्योंकि यह सबसे सुपाच्य होती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गेहूं की रोटी में थोड़ा जौ का आटा मिलाकर खाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	खाने के साथ खीरा और ककड़ी का सलाद अवश्य लें।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	शाम का नाश्ता (4:00 PM - 5:00 PM)</h3>
<p>
	नारियल पानी या मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा या अंगूर लें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	तली-भुनी चीजों की जगह सत्तू का शरबत पिएं।</p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	रात का भोजन (7:30 PM - 8:30 PM)</h3>
<p>
	रात का खाना बहुत हल्का रखें। मूंग की दाल की खिचड़ी या दलिया सबसे अच्छा विकल्प है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच गुलकंद मिलाकर पिएं। यह गहरी नींद लाने और पित्त शांत करने में मदद करता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	आयुर्वेद के अनुसार कुछ &#39;खास&#39; टिप्स</h3>
<p>
	<strong>मिट्टी के घड़े का पानी: </strong>फ्रिज के बर्फ जैसे ठंडे पानी के बजाय मटके का पानी पिएं। यह प्राकृतिक रूप से शीतल और क्षारीय (Alkaline) होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>विरुद्ध आहार से बचें: </strong>जैसे दूध के साथ नमक या खट्टे फल न लें। इससे स्किन एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मसालों पर नियंत्रण: </strong>लाल मिर्च, लहसुन और अदरक का प्रयोग कम करें। इनके स्थान पर धनिया, पुदीना और हरी इलायची का प्रयोग बढ़ाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>याद रखें: </strong>आयुर्वेद कहता है कि &#39;जैसा अन्न, वैसा मन&#39;। अत्यधिक गर्मी में शांति और धैर्य बनाए रखने के लिए शीतल आहार बहुत जरूरी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/sweets-dishes/refreshing-cool-drinks-126050400011_1.html" target="_blank">Summer drinks recipe: घर पर बनाएं प्री-मिक्स से मिनटों में तैयार करें ये खास 5 कूल-कूल ड्रिंक्स</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 22 May 2026 16:04:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 23 May 2026 16:39:02 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Ayurveda]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/astrology-nakshatra-sign/sun-transit-in-rohini-nakshatra-2026-dos-and-donts-126052200011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/astrology-nakshatra-sign/sun-transit-in-rohini-nakshatra-2026-dos-and-donts-126052200011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/thumb/1_1/1779439989-0509.jpg"/>
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      <description><![CDATA[rohini nakshatra mein surya ka gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर के समय सुबह जल्दी उठकर सूर्य दर्शन और हल्का जल पीना शुभ होता है। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026 के समय नौतपा के पहले 9 दिनों में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="The pictures depict the burning sun, the time of Rohini Nakshatra, the scorching earth, people taking shelter from the sun and people performing charitable acts" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/full/1779439989-0509.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>surya ka gochar 2026:</strong> साल 2026 में 25 मई से 2 जून तक रहने वाला नौतपा इस बार बेहद खास होने वाला है। जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में गोचर करते हैं, तो पृथ्वी पर गर्मी अपने चरम पर होती है। इस भीषण तपन के दौरान खुद को सुरक्षित रखने और कुंडली में सूर्य-चंद्रमा की स्थिति को मजबूत करने के लिए शास्त्रों और आयुर्वेद में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। आइए इसे थोड़ा आसान भाषा में समझते हैं...<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/nautapa-start-date-and-end-date-2026-126052200004_1.html" target="_blank">Navtapa 2026 dates: कब से कब तक रहेगा नौतपा?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण: </h3>
<p>
	हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो नौतपा की शुरुआत होती है। रोहिणी नक्षत्र को चंद्रमा का नक्षत्र माना जाता है, जो शीतलता का प्रतीक है। जब ब्रह्मांड का सबसे गर्म ग्रह (सूर्य), शीतलता के प्रतीक (रोहिणी) के घर में आता है, तो वह उसकी ठंडक को पूरी तरह सोख लेता है। इसके कारण पृथ्वी का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी, इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी के इस हिस्से (भारतीय उपमहाद्वीप) पर बिल्कुल सीधी और लंबवत (Vertical) पड़ती हैं, जिससे गर्मी अपने चरम पर होती है।</p>
<h3>
	आइए जानते हैं कि नौतपा के इन 9 दिनों में आपको क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए:</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या करें (Dos during Nautapa)</h3>
<h3>
	1. धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय</h3>
<p>
	<strong>जल का दान करें:</strong> नौतपा के दौरान प्यासे इंसानों और पशु-पक्षियों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाएं या मटके का दान करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>इन चीजों का दान है शुभ:</strong> इस समय सत्तू, आम, तरबूज, खरबूजा, दूध, दही, छाछ, और सूती कपड़ों का दान करने से सूर्य और चंद्रमा दोनों ग्रहों के दोष शांत होते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सूर्य देव की उपासना: </strong>रोज सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करें। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।</p>
<h3>
	2. सेहत और खान-पान के नियम</h3>
<p>
	<strong>तरल पदार्थों का अधिक सेवन: </strong>शरीर में पानी की कमी न होने दें। पानी के साथ-साथ नींबू पानी, ओआरएस (ORS), छाछ, लस्सी, नारियल पानी और पना का सेवन करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>हल्के सूती कपड़े पहनें: </strong>धूप और गर्मी से बचने के लिए ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>आंखों और सिर को ढकें: </strong>जब भी बहुत जरूरी होने पर बाहर निकलें, तो सिर पर टोपी या स्कार्फ बांधें और धूप का चश्मा (Sunglasses) जरूर लगाएं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या न करें (Donts during Nautapa)</h3>
<h3>
	1. खान-पान में बरतें ये सावधानी</h3>
<p>
	<strong>तले-भुने और मसालेदार भोजन से बचें: </strong>नौतपा के दौरान पाचन अग्नि पहले से ही संवेदनशील होती है। ज्यादा तेल, मिर्च-मसाले, फास्ट फूड और गरिष्ठ (भारी) भोजन खाने से पेट खराब हो सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>बासी भोजन न खाएं: </strong>अत्यधिक गर्मी के कारण खाना बहुत जल्दी खराब होता है। इन 9 दिनों में भूलकर भी बासी भोजन न खाएं, इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>कैफीन और अल्कोहल से दूरी: </strong>चाय, कॉफी और शराब का सेवन कम से कम करें, क्योंकि ये शरीर को अंदर से डिहाइड्रेट (पानी की कमी) करते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. व्यावहारिक और शारीरिक गलतियां</h3>
<p>
	<strong>दोपहर में बाहर निकलने से बचें: </strong>दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज बिल्कुल सिर पर होता है, अनावश्यक रूप से घर या ऑफिस से बाहर न निकलें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>धूप से आते ही न पिएं ठंडा पानी: </strong>तेज धूप या गर्मी से तुरंत लौटकर फ्रिज का एकदम ठंडा पानी या बर्फ का पानी न पिएं। इससे &#39;सर्द-गर्म&#39; हो सकता है और आप बीमार पड़ सकते हैं। पहले शरीर का तापमान सामान्य होने दें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>मांगलिक कार्यों से बचें:</strong> हालांकि नौतपा में पूजा-पाठ वर्जित नहीं है, लेकिन अत्यधिक गर्मी और सूर्य के उग्र स्वभाव के कारण इन दिनों में बड़े मांगलिक कार्य या लंबी यात्राएं टालने की सलाह दी जाती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>विशेष टिप:</strong> नौतपा के दौरान अपने घर की छत या बालकनी में मिट्टी के बर्तनों में दाना-पानी जरूर रखें। बेजुबान पक्षियों को इस भीषण गर्मी में आपकी छोटी सी मदद से नया जीवन मिल सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/what-is-nautapa-learn-about-its-causes-and-symptoms-126050800004_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:05:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 22 May 2026 14:28:57 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[nakshatra sign]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-and-health-special-precautions-for-children-and-the-elderly-126052200006_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/nautapa-and-health-special-precautions-for-children-and-the-elderly-126052200006_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/thumb/1_1/1779440633-6676.jpg"/>
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      <description><![CDATA[nautapa me bachchon aur bujurgon ke liye vishesh savdhaniyan: नौतपा की भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता या Immunity और शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता वयस्कों की तुलना में कम ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p>
		<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
			<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
				<img align="center" alt="View of heat relief and precautions for children and elderly during Nautapa" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/22/full/1779440633-6676.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
		</p>
	</p>
	<p>
		<strong>summer health tips: </strong>नौतपा/ Heat Exhaustion या Heat Stress यह केवल वयस्कों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इन उम्र के लोगों में शरीर की गर्मी सहन करने की क्षमता कम होती है और पानी की कमी या गर्मी के असर जल्दी दिखते हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/importance-of-nautapa-know-its-effect-on-environment-and-health-126052100007_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव</a></strong><br />
		<br />
		<strong>आइए यहां जानते हैं बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानियां...</strong><br />
		 </p>
	<h3>
		1. बच्चों के लिए विशेष सावधानियां</h3>
	<p>
		बच्चे अक्सर खेल-कूद में गर्मी और प्यास को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे वे जल्दी &#39;हीट स्ट्रोक&#39; का शिकार हो जाते हैं।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>बाहर जाने पर पाबंदी:</strong> दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच बच्चों को घर के अंदर ही रहने दें। उन्हें घर के भीतर खेले जाने वाले खेलों (In-door games) के लिए प्रोत्साहित करें।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>हाइड्रेशन का ध्यान: </strong>बच्चों को हर एक घंटे में पानी, नींबू पानी या ताजे फलों का रस दें। छोटे बच्चों के मामले में ओआरएस (ORS) का घोल घर पर रखें।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>हल्के और ढीले कपड़े: </strong>उन्हें केवल सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनाएं जो पसीना सोख सकें। टाइट इलास्टिक या सिंथेटिक कपड़ों से बचें, क्योंकि इनसे घमौरियां हो सकती हैं।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>आहार: </strong>उन्हें जंक फूड या अधिक मीठी चीजों के बजाय खीरा, तरबूज और दही दें। रात को सोने से पहले ठंडा दूध देना फायदेमंद होता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>नहलाने का तरीका:</strong> दिन में दो बार ताजे पानी से नहलाएं। ध्यान रहें कि पानी न बहुत ठंडा और न ही गरम हो। बाहर से आते ही तुरंत न नहलाएं, शरीर का तापमान सामान्य होने दें।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html" target="_blank">Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां</a></strong></p>
	<h3>
		 </h3>
	<h3>
		2. बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां</h3>
	<p>
		बढ़ती उम्र के साथ शरीर की पसीना निकालने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे बुजुर्गों को गर्मी का अहसास देर से होता है, जो खतरनाक हो सकता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>नियमित चेकअप: </strong>गर्मी में ब्लड प्रेशर (BP) ऊपर-नीचे हो सकता है। यदि वे बीपी या शुगर की दवा ले रहे हैं, तो नियमित जांच करें।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स: </strong>बुजुर्गों को प्यास कम लगती है, इसलिए उन्हें याद दिलाकर पानी और तरल पदार्थ पिलाते रहें। नारियल पानी उनके लिए सबसे अच्छा है क्योंकि यह पोटेशियम और खनिजों की पूर्ति करता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>हल्का व्यायाम: </strong>योग या व्यायाम केवल सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद घर के अंदर ही करें।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>अकेला न छोड़ें: </strong>अत्यधिक गर्मी के दौरान बुजुर्गों पर नजर रखें। यदि वे भ्रमित लगें, अधिक सुस्त हों या उन्हें बोलने में दिक्कत हो, तो यह &#39;हीट एग्जॉशन&#39; के लक्षण हो सकते हैं।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>दवाओं का भंडारण: </strong>सुनिश्चित करें कि उनकी दवाएं ठंडी और सूखी जगह पर रखी हों, क्योंकि अधिक गर्मी से दवाओं का असर कम हो सकता है।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		इमरजेंसी के लिए &#39;रेड फ्लैग&#39; लक्षण</h3>
	<p>
		यदि बच्चे या बुजुर्ग में निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>तेज बुखार (103°F से अधिक) लेकिन पसीना न आना।</strong></p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>लगातार उल्टियां होना।</strong></p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>बेहोशी या चक्कर आना।</strong></p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		<strong>मांसपेशियों में ऐंठन या तेज सिरदर्द।</strong></p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		छोटा सा सुझाव</h3>
	<p>
		नौतपा के दौरान अपने घर की खिड़कियों पर खस के पर्दे या मोटे पर्दे लगाएं और शाम को खिड़कियां खोलें ताकि ठंडी हवा अंदर आ सके। पक्षियों के लिए भी छत या बालकनी पर पानी रखना न भूलें।<br />
		<br />
		<p>
			अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/what-is-nautapa-learn-about-its-causes-and-symptoms-126050800004_1.html" target="_blank">Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण</a></strong></p>
	</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 22 May 2026 11:58:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 22 May 2026 14:42:17 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Cashew health effects: प्रतिदिन 5 काजू खाने से क्या होगा सेहत पर असर]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/benefits-of-eating-cashews-daily-126051900021_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/benefits-of-eating-cashews-daily-126051900021_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/19/thumb/1_1/1779181531-1477.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/19/thumb/1_1/1779181531-1477.jpg</image>
      <description><![CDATA[Eating cashews daily: काजू न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। यह एक पौष्टिक मेवा है जिसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, मिनरल्स और विटामिन्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि प्रतिदिन 5–6 ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="कैप्शन सेहत के लिए 'स्मार्ट इन्वेस्टमेंट' है काजू, जानें 5 फायदे" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/19/full/1779181531-1477.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>Cashew Nuts:</strong> काजू एक पौष्टिक मेवा है, जिसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। हालांकि मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि ज्यादा खाने से कैलोरी बढ़ सकती है। प्रतिदिन 5 काजू खाना आपकी सेहत के लिए एक &#39;स्मार्ट इन्वेस्टमेंट&#39; की तरह है। काजू न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि पोषण का पावरहाउस भी हैं। अगर आप रोज नियम से सिर्फ 5 काजू खाते हैं, तो आपके शरीर में ये 5 मुख्य बदलाव देखने को मिल सकते हैं:<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/10-effective-ways-to-avoid-the-heat-in-the-summer-sun-126042800050_1.html" target="_blank">Summer health tips: गर्मी में धूप से बचने के 10 प्रभावी उपाय</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. दिल की सेहत होगी दुरुस्त (Heart Health)</h3>
<p>
	काजू में ओलेइक एसिड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. दिमाग होगा तेज (Brain Booster)</h3>
<p>
	काजू में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम और विटामिन B6 होता है। मैग्नीशियम नसों को शांत रखता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है। साथ ही, यह याददाश्त (Memory) बढ़ाने और एकाग्रता में सुधार करने में मददगार है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. वजन घटाने में मददगार (Weight Management)</h3>
<p>
	सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन सीमित मात्रा में (जैसे 5 काजू) खाने से वजन नहीं बढ़ता। इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे आप फालतू की स्नैकिंग से बच जाते हैं।</p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	4. मजबूत हड्डियां और चमकदार त्वचा</h3>
<p>
	काजू कॉपर और फास्फोरस का अच्छा स्रोत है। कॉपर शरीर में कोलेजन बनाने में मदद करता है, जो आपकी त्वचा को जवान रखता है और हड्डियों को मजबूती देता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	5. आंखों की रोशनी के लिए बेहतर</h3>
<p>
	काजू में ज़ेक्सैंथिन (Zeaxanthin) नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह आंखों की रेटिना को सुरक्षित रखता है और उम्र के साथ होने वाली नजर की कमजोरी को रोकने में मदद करता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	सावधानियां: जो आपको पता होनी चाहिए</h3>
<p>
	<strong>ज्यादा न खाएं:</strong> काजू में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए 5-10 से ज्यादा खाना वजन बढ़ा सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>भूनने का तरीका:</strong> हमेशा सादे या सूखे भुने (dry roasted) काजू खाएं। नमक वाले या तला हुआ (fried) काजू खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>एलर्जी: </strong>कुछ लोगों को काजू से एलर्जी होती है, इसलिए पहली बार खा रहे हों तो ध्यान दें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>प्रो टिप: </strong>अगर आप काजू को रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाते हैं, तो यह पचने में और भी आसान हो जाते हैं और इनके पोषक तत्व शरीर को बेहतर तरीके से मिलते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/heat-stroke-se-bachne-ke-5-tarike-lakshan-aur-prabhav-126051900012_1.html" target="_blank">भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचने के 5 तरीके, जानिए लक्षण और प्रभाव</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 19 May 2026 15:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 19 May 2026 15:07:38 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचने के 5 तरीके, जानिए लक्षण और प्रभाव]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/heat-stroke-se-bachne-ke-5-tarike-lakshan-aur-prabhav-126051900012_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/heat-stroke-se-bachne-ke-5-tarike-lakshan-aur-prabhav-126051900012_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/19/thumb/1_1/1779174856-195.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/19/thumb/1_1/1779174856-195.jpg</image>
      <description><![CDATA[हीट स्ट्रोक से बचने के 5 तरीके: हाइड्रेटेड रहें, तेज धूप से बचने के लिए टोपी, स्कार्फ या छाता, सनस्क्रीन और सनग्लासेज जरूर इस्तेमाल करें, भारी भोजन से परहेज करें, प्याज का प्रयोग करें, बर्फ या ठंडी पट्टियों का प्रयोग करें, सूती कपड़े पहनें। हीट ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="In the image, a girl wiping away sweat, with the sun in the background, and the caption: '5 Ways to Avoid Heatstroke'." class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/19/full/1779174856-195.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Home Remedies For Heat Stroke" width="1200" /></p>
	</p>
	मई के इस माह में भीषण गर्मी पड़ रही है। लू की लपट चल रही है जिसके चलते कई लोगों को डिहाइड्रेशन हो चला है तो कुछ को तो लू लगने के चलते अस्पताल तक में भर्ती होने की नौबत तक आ गई है। वर्तमान में भारत के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के आसपास है। ऐसे में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए आजमाएं 5 तरीके। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/home-remedies/safar-mein-garmi-se-bachne-ke-5-desi-upay-126042900008_1.html" target="_blank">सफर में गर्मी से बचना है? अपनाएं ये 5 आसान देसी उपाय, नहीं होगा हीट स्ट्रोक</a></strong></p>
</p>
<h3>
	हीट स्ट्रोक के लक्षण और प्रभाव: </h3>
<ul>
	<li>
		अचानक शरीर का तापमान बढ़ जाना</li>
	<li>
		सिर में तेज दर्द</li>
	<li>
		लू लगने से दिमाग, किडनी और दिल की कार्यक्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। </li>
	<li>
		नाड़ी या सांस की गति तेज हो जाती है। </li>
	<li>
		त्वचा पर लाल दाने हो जाते हैं </li>
	<li>
		बार बार पेशाब आना </li>
	<li>
		शरीर में जकड़न होना </li>
	<li>
		बुखार, त्वचा का रूखा होना, गर्म होना, नम होना, </li>
	<li>
		चक्कर आना, जी-मिचलाना, घबराहट होना, </li>
	<li>
		अधिक पसीना आना और बेहोश होना आदि।</li>
	<li>
		लू लगने के कार डायरिया होने, पेचिस और उल्टियां होने की संभावना बढ़ जाती है।</li>
	<li>
		कई बार सिर में खून के गर्म होने से व्यक्ति की जान भी चली जाती है।</li>
</ul>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/ways-to-avoid-heat-wave-126042000012_1.html" target="_blank">Summer Health: लू से बचना है? तो ये 5 &#39;देसी ड्रिंक्स&#39; हैं आपके रक्षक</a></strong></p>
</p>
<h3>
	हीट स्ट्रोक से बचने के 5 तरीके:</h3>
<p>
	<strong>1. हाइड्रेटेड रहें: </strong>खूब पानी पिएं। नींबू पानी, नारियल पानी, बेल का शरबत, खस का शरबत, आम पन्ना और छाछ जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। नींबू पानी, ORS या ग्लूकोज लेते रहें। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. तेज धूप से बचें: </strong>दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। यदि जाना ही हो तो सिर पर मोटा सूती कपड़ा बांधकर जाएंगे। या, बाहर निकलते समय टोपी, स्कार्फ या छाता और सनग्लासेज जरूर इस्तेमाल करें। जेब में एक प्याज रखें और साथ में ORS या ग्लूकोज मिला पानी भी रखें। सूती कपड़े पहनें जो शरीर को ठंडक दें। घर से बाहर निकलने से 20 मिनट पहले कम से कम SPF 30 वाली सनस्क्रीन लगाएं। यह आपकी त्वचा को हानिकारक UV किरणों और टैनिंग से बचाती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. भारी भोजन से परहेज करें: </strong>हल्का और सुपाच्य भोजन करें। भोजन में ककड़ी, प्याज, छाछ और दही की मात्रा बढ़ा दें। ताजे फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा खाएं। तली-भुनी और मसालेदार चीजों से बचें। ये शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/healthy-food/summer-health-tips-n-drinks-126040700047_1.html" target="_blank">Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स</a></strong></p>
</p>
<p>
	<strong>4. प्याज का प्रयोग करें: </strong>प्याज लू से बचाव में बहुत असरदार होता है। एक प्याज को काटकर उसके रस को पैरों के तलवों पर या कान के पीछे रगड़ें। कच्चा प्याज भी खाने में शामिल करें। बाहर जाते समय एक कटा प्याज जेब में रखें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>5. बर्फ या ठंडी पट्टियों का प्रयोग करें: </strong>अगर बहुत ज्यादा गर्मी लग रही हो, तो एक गीला रुमाल अपनी गर्दन या माथे पर रखें। यह शरीर के तापमान को तुरंत कम करने में मदद करता है। जब भी बाहर से घर पर आएं तो बर्फ की पट्टियों को गर्दन, अंडरआर्म्स, हाथ और पैरों पर लगाएं। इससे शरीर का टेम्परेचर जल्दी कम होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सुझाव: </strong>अपने घर को ठंडा बनाए रखने के उपाय करें। दिन के समय खिड़कियों पर पर्दे डालकर रखें ताकि सीधी धूप अंदर न आए। शाम को जब तापमान कम हो जाए, तब खिड़कियां खोलें। इस बीच कूलर से घर को ठंडा बनाकर रखें। एसी का उपयोग कम से कम करें।</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:42:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 19 May 2026 14:22:56 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/importance-of-thymus-gland-for-immunity-126051800035_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/importance-of-thymus-gland-for-immunity-126051800035_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/18/thumb/1_1/1779098842-3328.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/18/thumb/1_1/1779098842-3328.jpg</image>
      <description><![CDATA[Thymus Gland Immunity: आमतौर पर कई सालों से, डॉक्टर 'थाइमस' को बचपन का अंग मानते थे जो अधेड़ उम्र तक कमज़ोर पड़ जाता है। लेकिन, दो नए अध्ययनों से पता चलता है कि नजरअंदाज की जाने वाली ग्लैंड बड़ों भी में एक्टिव रहता है और लंबे समय तक सेहत और बीमारी ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/18/full/1779098842-3328.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Thymus Gland Immunity: आमतौर पर कई सालों से, डॉक्टर &#39;थाइमस&#39; को बचपन का अंग मानते थे जो अधेड़ उम्र तक कमज़ोर पड़ जाता है। लेकिन, दो नए अध्ययनों से पता चलता है कि नजरअंदाज की जाने वाली ग्लैंड बड़ों भी में एक्टिव रहता है और लंबे समय तक सेहत और बीमारी से लड़ने में बड़ी भूमिका निभाता है। हेल्दी थाइमस होने से मौत का खतरा कम होता है और कैंसर इम्यूनोथेरेपी के नतीजे बेहतर होते हैं।</p>
<h3>
	कैसा होता है थाइमस?</h3>
<p>
	थाइमस एक छोटा, तितली के आकार का अंग है जो ब्रेस्टबोन के पीछे होता है। इसका मुख्य काम T सेल्स को ट्रेन करना है, जो इन्फेक्शन और कैंसर के खिलाफ इम्यून सिस्टम के फ्रंट-लाइन फाइटर हैं। थाइमस (Thymus) हमारे शरीर की एक बेहद महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) का मुख्य आधार मानी जाती है। यह छाती के बीचों-बीच, फेफड़ों के बीच और दिल के ठीक ऊपर स्थित होती है।<br />
	<br />
	आम तौर पर माना जाता रहा है कि उम्र के साथ यह बेकार हो जाता है। पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन में मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. माइकल डी. सिरिग्लियानो ने &#39;द एपोक टाइम्स&#39; को बताया कि &#39;थाइमस ग्लैंड&#39; जिसके बारे में मुझे मानना ​​होगा कि यह मरीजों की देखभाल के मामले में सोच कहीं ज्यादा जरूरी है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	नेचर में छपी पहली स्टडी में, रिसर्चर्स ने 27,000 से ज़्यादा लोगों के चेस्ट स्कैन को एनालाइज़ करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया और रूटीन इमेजिंग में ऑर्गन के दिखने के आधार पर थाइमिक हेल्थ स्कोर बनाया। ज़्यादा स्कोर का मतलब थाइमस का ज्यादा हेल्दी और ज्यादा फंक्शनल होना था।</p>
<h3>
	बेहतर थाइमिक फंक्शन यानी रिस्क कम</h3>
<p>
	बेहतर थाइमिक फंक्शन का संबंध सभी वजहों से मौत के कम रिस्क से था, जिसमें लंग कैंसर, कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और दूसरी बीमारियां शामिल हैं। 12 साल के फॉलोअप में, बेहतर थाइमिक फंक्शन वाले लोगों में मौत का रिस्क लगभग 50 परसेंट कम, कार्डियोवैस्कुलर मौत का रिस्क 63 परसेंट कम और कम थाइमिक हेल्थ वाले लोगों की तुलना में लंग कैंसर होने का रिस्क 36 परसेंट कम था।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नेचर में पब्लिश हुई एक दूसरी बड़ी प्रॉस्पेक्टिव स्टडी में 25,000 से ज़्यादा एडल्ट्स को ट्रैक किया गया और उन नतीजों को और पक्का किया गया। बेहतर थाइमिक हेल्थ का मतलब था कि उम्र, लिंग और स्मोकिंग की आदतों से अलग, लंबी उम्र, फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम और कार्डियोवैस्कुलर मृत्यु दर कम होगी।</p>
<h3>
	कैंसर के इलाज के लिए एक गेम चेंजर</h3>
<p>
	इसका असर उम्र बढ़ने से कहीं ज़्यादा है। दूसरी स्टडी में, इम्यूनोथेरेपी से इलाज किए गए 1200 से ज़्यादा कैंसर मरीज़ों में यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें ट्यूमर से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम का इस्तेमाल होता है, हेल्दी थाइमस वाले मरीजों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा। जिन मरीजों की थाइमिक हेल्थ ज्यादा मजबूत थी, उनमें कैंसर बढ़ने का खतरा लगभग 37 परसेंट कम था और मौत का खतरा 44 परसेंट कम था, भले ही मरीज, ट्यूमर और इलाज के दूसरे फैक्टर्स को ध्यान में रखा गया हो।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	स्टडीज में यह भी पाया गया कि थाइमिक हेल्थ सिर्फ उम्र का फंक्शन नहीं है। यह बड़ों में बहुत अलग-अलग होता है और हमारे कंट्रोल में आने वाले फैक्टर्स से बनता है। महिलाओं में आमतौर पर पुरुषों की तुलना में थाइमस ज्यादा हेल्दी होता है। पहली स्टडी ने कम थाइमिक हेल्थ को सिस्टमिक इंफ्लेमेशन, मोटापा, स्मोकिंग और डायबिटीज जैसे मेटाबोलिक डिसऑर्डर से भी जोड़ा, ये सभी तेजी से उम्र बढ़ने और बीमारी के बढ़ते रिस्क से जुड़े हैं।<br />
	<br />
	सिरिग्लियानो ने कहा कि डेटा साफ दिखाता है कि लाइफस्टाइल &#39;निश्चित रूप से&#39; थाइमिक हेल्थ पर असर डालती है। उन्होंने कहा कि हालांकि इन कनेक्शन को कन्फर्म करने के लिए और रिसर्च की ज़रूरत है, लेकिन इस लंबे समय से नजरअंदाज किए गए अंग पर ध्यान देना ठीक वैसा ही हो सकता है जैसा डॉक्टर ने कहा था। नतीजों से पता चलता है कि थाइमिक फंक्शन को बनाए रखना या सुधारना हेल्दी एजिंग को बढ़ावा देने, बीमारी के खतरे को कम करने और कैंसर ट्रीटमेंट के नतीजों को बेहतर बनाने के लिए एक अच्छी स्ट्रेटेजी हो सकती है।</p>
<h3>
	उम्र के साथ बदलाव</h3>
<p>
	थाइमस ग्रंथि की सबसे खास बात यह है कि यह बचपन में सबसे बड़ी और सक्रिय होती है। यह बच्चों में रोगों से लड़ने की शक्ति विकसित करने के लिए बहुत सक्रिय रहती है। जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, थाइमस सिकुड़ने लगता है और धीरे-धीरे वसा (Fat) में बदल जाता है। इसीलिए बुजुर्गों में नई बीमारियों से लड़ने की क्षमता युवाओं के मुकाबले कम हो सकती है। यह थाइमोसिन (Thymosin) नामक हार्मोन छोड़ता है, जो T-सेल्स के बनने और उनके कार्य करने की क्षमता को नियंत्रित करता है। अगर थाइमस सही से काम न करे, तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है या शरीर अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करने लगता है।</p>
<p>
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:32:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 18 May 2026 15:40:03 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[International News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/how-to-cleanse-your-kidneys-kidney-ki-safai-ke-liye-3-gharelu-upay-126051200035_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/how-to-cleanse-your-kidneys-kidney-ki-safai-ke-liye-3-gharelu-upay-126051200035_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/12/thumb/1_1/1778580811-3593.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/12/thumb/1_1/1778580811-3593.jpg</image>
      <description><![CDATA[Kidney Cleansing: किडनी (वृक्क) हमारे शरीर का फिल्टर है, जो रक्त से गंदगी और विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालती है। इसे स्वस्थ और साफ रखने के लिए किचन में मौजूद कुछ चीजें बहुत प्रभावी हो सकती हैं। किडनी की प्राकृतिक सफाई के लिए यहाँ कुछ ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="How to Cleanse Your Kidneys Cleansing" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/12/full/1778580811-3593.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="How to Cleanse Your Kidneys" width="1200" /></p>
	</p>
	Kidney Cleansing: किडनी (वृक्क) हमारे शरीर का फिल्टर है, जो रक्त से गंदगी और विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालती है। इसे स्वस्थ और साफ रखने के लिए किचन में मौजूद कुछ चीजें बहुत प्रभावी हो सकती हैं। किडनी की प्राकृतिक सफाई के लिए यहाँ कुछ प्रमुख घरेलू उपाय दिए गए हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. हर्बल ड्रिंक्स और काढ़ा:</h3>
<p>
	<strong>धनिया काढ़ा: </strong>मुट्ठी भर खड़ा धनिया लें और उसे रात को पानी में भिगो दें। सुबह उसे 10 मिनट तक गुनगुने पानी में उबालें। इसे छानकर ठंडा होने पर पिएं। यह किडनी से नमक और गंदगी बाहर निकालने में मदद करता है। यदि आप चाहें तो उबालते वक्त इसमें थोड़ा अदरक, कालीमीर्च, हल्दी और शहद मिलाकर अंत में आधा नींबू भी निचोड़ देंगे तो यह एकदम जबरदस्त काढ़ा बन जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>अदरक की चाय: </strong>अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो किडनी की सूजन कम करते हैं। इसे पानी में उबालकर या शहद मिलाकर पीना फायदेमंद है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>भुट्टे के बाल (Corn Silk): </strong>मक्के के दानों पर जो सुनहरे बाल होते हैं, उन्हें पानी में उबालकर चाय की तरह पिएं। यह यूरिन इन्फेक्शन को रोकता है और किडनी की सफाई करता है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/healthy-food/summer-health-tips-n-drinks-126040700047_1.html" target="_blank">Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स</a></strong></p>
</p>
<h3>
	2. फलों का रस</h3>
<p>
	नींबू का रस: नींबू में सिट्रिक एसिड होता है जो कैल्शियम को जमने से रोकता है, जिससे पथरी (Kidney Stone) होने का खतरा कम हो जाता है। रोज सुबह गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पिएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>क्रैनबेरी जूस (Cranberry): </strong>यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के लिए रामबाण है और किडनी के बैक्टीरिया को साफ करता है। ध्यान रहे कि जूस बिना चीनी वाला हो।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar): </strong>एक गिलास पानी में 1-2 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है और किडनी स्वस्थ रहती है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/hypertension-in-elderly-patients-symptoms-125111800025_1.html" target="_blank">Sixty Plus Life: 60 साल की उम्र में BP बढ़ने पर हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी का खतरा सबसे ज्यादा, जानें कैसे बचें?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	3. खान-पान में बदलाव</h3>
<p>
	<strong>पानी की पर्याप्त मात्रा: </strong>किडनी की सफाई का सबसे सरल तरीका दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना है। यह टॉक्सिन्स को पतला करके बाहर निकाल देता है।</p>
<p>
	<strong>सब्जियों का सेवन: </strong>मूली, गोभी, लहसुन और प्याज को डाइट में शामिल करें। लहसुन में मौजूद &#39;एलिसिन&#39; किडनी को भारी धातुओं के नुकसान से बचाता है।</p>
<p>
	<strong>लाल अंगूर: </strong>इसमें फ्लेवोनोइड्स होते हैं जो किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं और सूजन कम करते हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/roasted-potatoes-health-benefits-125112400011_1.html" target="_blank">Health Benefits of Roasted Potatoes : भुने आलू खाने से हेल्थ को मिलते हैं ये 6 सेहतमंद फायदे</a></strong></p>
</p>
<h3>
	क्या करें</h3>
<ul>
	<li>
		नमक (सोडियम) का सेवन कम करें।</li>
	<li>
		व्यायाम और योग को दिनचर्या में शामिल करें।</li>
	<li>
		यूरिन को देर तक रोक कर न रखें।</li>
	<li>
		साफ सुथरा और पर्याप्त मात्रा में पानी ही पिएं।</li>
</ul>
<h3>
	क्या न करें</h3>
<ul>
	<li>
		अधिक पेनकिलर्स (Dolo, Combiflam आदि) न खाएं।</li>
	<li>
		शराब और धूम्रपान से परहेज करें।</li>
	<li>
		जंक फूड और पैकेट बंद खाने से बचें।</li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>चेतावनी: </strong>अगर आपको पहले से किडनी की कोई गंभीर बीमारी है, आप डायलिसिस पर हैं, किडनी स्टोन है, लो या हाई ब्लड प्रेशर है, शुगर है, ब्लड पतला करने की दवा ले रहे हैं या आप गर्भवती महिला हैं, तो इनमें से कोई भी उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर (Nephrologist) से सलाह जरूर लें। अत्यधिक मात्रा में किसी भी काढ़े का सेवन न करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>अस्वीकरण (Disclaimer): </strong>चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 15 May 2026 16:43:54 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[home remedies]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/take-care-of-your-health-during-nautapa-learn-10-precautions-126050500033_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777977938-8706.jpg"/>
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      <description><![CDATA[nautapa se bachaav tips: ज्येष्ठ मास के वे 9 दिन जब सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब होता है वह नौतपा, जिसमें भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अपने चरम पर होता है। इस दौरान शरीर का तापमान संतुलित रखना और डिहाइड्रेशन से बचना सबसे बड़ी चुनौती होती है। नौतपा के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="तस्वीर में नौतपा के दिनों में स्वास्थ्य और सेहतमंद रहने संबंधी जागरूकता बढ़ाता फोटो" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777977938-8706.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>Precautions for Heat Exhaustion: </strong>इस बार नौतपा (Nautapa) की शुरुआत 25 मई 2026 से हो रही है तथा नौतपा की समाप्ति 2 जून 2026 को होगी। नौतपा, जिसे अक्सर गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान और उमस के कारण देखा जाता है, हमारे शरीर और सेहत पर कई तरह के असर डाल सकता है। यह एक सामान्य मौसम संबंधी स्थिति है, लेकिन अगर समय रहते सावधानियां नहीं बरती जाएं तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। नौतपा का मुख्य कारण शरीर का अत्यधिक पसीना, निर्जलीकरण, और इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन होता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों में यह अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/home-remedies/safar-mein-garmi-se-bachne-ke-5-desi-upay-126042900008_1.html" target="_blank">सफर में गर्मी से बचना है? अपनाएं ये 5 आसान देसी उपाय, नहीं होगा हीट स्ट्रोक</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसलिए नौतपा के दौरान सही सावधानियां बरतना बेहद ज़रूरी है। इसमें खाने-पीने की आदतों, पानी की मात्रा, ठंडक बनाए रखने और शरीर को थकान से बचाने की टिप्स शामिल हैं। इस लेख में हम आपको नौतपा से जुड़े प्रमुख उपाय बताएंगे...</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नौतपा के लिए 10 जरूरी सावधानियां</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>1. भरपूर पानी पिएं: </strong>प्यास न लगने पर भी थोड़े-थोड़े अंतराल में पानी पीते रहें। शरीर में नमी बनाए रखने के लिए यह सबसे प्राथमिक नियम है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. तरल पदार्थों का सेवन:</strong> डाइट में छाछ/ मट्ठा, नींबू पानी, नारियल पानी, बेल का शरबत और आम पन्ना शामिल करें। ये प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स का काम करते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. धूप से बचाव:</strong> दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर को कपड़े या टोपी से ढंककर रखें और छाते का प्रयोग करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>4. सूती कपड़े पहनें: </strong>गहरे रंग और सिंथेटिक कपड़ों के बजाय हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। यह पसीना सोखने और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>5. एसी से निकलकर तुरंत धूप में न जाएं: </strong>शरीर के तापमान में अचानक बदलाव (AC की ठंडक से सीधे लू में जाना) से &#39;तापीय आघात&#39; यानी Thermal Shock लग सकता है, जिससे बुखार या सर्दी-जुकाम हो सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>6. लू के लक्षणों को पहचानें: </strong>यदि चक्कर आना, अत्यधिक सिरदर्द, उल्टी या तेज बुखार महसूस हो, तो तुरंत ठंडी जगह पर आराम करें और डॉक्टर से संपर्क करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>7. खाली पेट बाहर न जाएं:</strong> तेज धूप में कभी भी खाली पेट न निकलें। घर से निकलने से पहले कुछ खाकर और पर्याप्त पानी पीकर ही बाहर जाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>8. आंखों और त्वचा का ध्यान: </strong>बाहर जाते समय सनग्लासेस पहनें और सनस्क्रीन का प्रयोग करें ताकि सनबर्न से बचाव हो सके।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>9. हल्का और ताजा भोजन: </strong>गर्मी में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इसलिए गरिष्ठ, तला-भुना या बासी भोजन न करें। खीरा, ककड़ी, तरबूज और लौकी जैसी पानी से भरपूर सब्जियों का सेवन करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>10. कैफीन और शराब से दूरी: </strong>चाय, कॉफी और शराब का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर को डीहाइड्रेट यानी पानी की कमी करते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>घरेलू नुस्खा: </strong>नौतपा के दौरान बाहर जाते समय अपनी जेब में एक छोटा कच्चा प्याज रखना पुरानी परंपरा है। माना जाता है कि प्याज शरीर की गर्मी को सोख लेता है और लू से बचाने में मदद करता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सावधानी: </strong>अगर आपको घर में बुजुर्ग या बच्चे हैं, तो उनका विशेष ध्यान रखें क्योंकि उन्हें लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer): चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/home-remedies/loo-lagne-par-gharelu-upchar-126043000031_1.html" target="_blank">गर्मी में यदि लू लग जाए तो करें ये घरेलू उपचार</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 11 May 2026 09:21:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 19 May 2026 12:41:52 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[हंता वायरस क्या है? लक्षण, फैलने का तरीका और बचाव के जरूरी उपाय]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-news/hantavirus-symptoms-prevention-hindi-126050600059_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-news/hantavirus-symptoms-prevention-hindi-126050600059_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778070309-9648.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Hantavirus: 5 मई को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि उसे एक लग्जरी क्रूज जहाज पर बहुत करीबी संपर्क में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हंता वायरस के संचरण के कई मामलों का संदेह है, जिसमें 3 मौतों सहित 7 पुष्ट या संदिग्ध मामले दर्ज किए ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Hanta virus" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778070309-9648.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Hanta virus" width="1200" /></p>
	</p>
	Hantavirus: 5 मई को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि उसे एक लग्जरी क्रूज जहाज पर बहुत करीबी संपर्क में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हंता वायरस के संचरण के कई मामलों का संदेह है, जिसमें 3 मौतों सहित 7 पुष्ट या संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं। यह खबर वायरल होने के बाद लोग हंता वायरस के बारे में सर्च करने लगे हैं। चलिए जानते हैं कि यह वायरस क्या है, कैसे फैलता और क्या है इससे बचने के उपाय। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/healthy-food/summer-health-tips-n-drinks-126040700047_1.html" target="_blank">Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स</a></strong></p>
</p>
<h3>
	क्या है हंता वायरस?</h3>
<p>
	हंता या हंटा वायरस मुख्य रूप से चूहों और गिलहरियों के जरिए फैलने वाला एक गंभीर वायरस है। यह कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन समय-समय पर इसके मामले सामने आते रहते हैं। यह वायरस इंसान के फेफड़ों और गुर्दों पर सीधा हमला करता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. यह कैसे फैलता है? (Sancharan)</h3>
<p>
	यह वायरस हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता (कोविड-19 की तरह)। इसके फैलने के मुख्य तरीके ये हैं:</p>
<p>
	<strong>सांस के जरिए: </strong>जब चूहों का सूखा मल, मूत्र या लार हवा में बारीक कणों के रूप में मिल जाते हैं और इंसान उस हवा में सांस लेता है।</p>
<p>
	<strong>सीधा संपर्क: </strong>संक्रमित चूहे के मल-मूत्र को छूने के बाद अपनी नाक, मुंह या आंखों को छूना।</p>
<p>
	<strong>काटना: </strong>यदि कोई संक्रमित चूहा इंसान को काट ले (यह बहुत दुर्लभ है)।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/regional-hindi-news/bengaluru-zombie-drug-rumor-viral-video-police-fact-check-126041000066_1.html" target="_blank">What is zombie drug : आखिर क्या है भारत में जॉम्बी वायरस का सच, युवाओं के वायरल वीडियोज से मचा हड़कंप</a></strong></p>
</p>
<h3>
	2. मुख्य लक्षण (Symptoms)</h3>
<p>
	इसके लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ़्तों का समय लग सकता है। इसे दो चरणों में समझा जा सकता है:</p>
<p>
	<strong>शुरुआती लक्षण (फ्लू जैसे): </strong>बुखार, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में दर्द (विशेषकर कूल्हों, पीठ और कंधों में), सिरदर्द, चक्कर आना और पेट दर्द।</p>
<p>
	<strong>गंभीर लक्षण (फेफड़ों पर असर): </strong>4-10 दिनों के बाद फेफड़ों में पानी भर जाना, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, तेज खांसी और सीने में जकड़न। इसे &#39;हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम&#39; (HPS) कहा जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. हंता वायरस के दो मुख्य रूप</h3>
<p>
	<strong>HPS (Hantavirus Pulmonary Syndrome): </strong>यह मुख्य रूप से अमेरिका में पाया जाता है और फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसकी मृत्यु दर लगभग 38% है।</p>
<p>
	<strong>HFRS (Hemorrhagic Fever with Renal Syndrome): </strong>यह मुख्य रूप से यूरोप और एशिया में पाया जाता है और यह गुर्दों (Kidneys) को प्रभावित करता है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-us-war-putin-warning-global-impact-covid-like-crisis-middle-east-tensions-126032600072_1.html" target="_blank">कोरोना वायरस महामारी से भी बदतर होंगे ईरान-अमेरिका युद्‍ध के परिणाम, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी में क्या कहा</a></strong></p>
</p>
<h3>
	4. बचाव के उपाय (Prevention)</h3>
<p>
	हंता वायरस से बचने का सबसे प्रभावी तरीका चूहों से दूरी बनाए रखना है:</p>
<p>
	<strong>घर की सफाई: </strong>चूहों के छिपने की जगहों को सील करें और घर में साफ-सफाई रखें।</p>
<p>
	<strong>सफाई का तरीका: </strong>चूहों के मल-मूत्र वाली जगह पर सीधी झाड़ू न लगाएं (इससे धूल उड़ती है)। सफाई से पहले वहां कीटाणुनाशक (Disinfectant) या ब्लीच का छिड़काव करें और मास्क पहनें।</p>
<p>
	<strong>भोजन की सुरक्षा: </strong>अपने खाने-पीने की चीजों को ढककर रखें ताकि चूहे उन तक न पहुंच सकें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>महत्वपूर्ण बात: </strong>अच्छी खबर यह है कि हंता वायरस आम तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस बात पर ज़ोर देता है कि मनुष्यों से मनुष्यों में संक्रमण होना बहुत दुर्लभ है। एजेंसी यह भी पुष्टि करती है कि आम जनता के लिए जोखिम कम है, क्योंकि हंतावायरस मुख्य रूप से कृन्तकों से मनुष्यों में फैलता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि दुनिया भर में हर साल हंतावायरस के 10,000 से 100,000 मामले दर्ज किए जाते हैं। अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप के उन देशों में से एक है जहां सबसे अधिक मामले हैं, और यहां मृत्यु दर लगभग 32% है, जो वैश्विक औसत से अधिक है।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 17:49:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 06 May 2026 17:58:04 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/cold-water-drinking-benefits-and-risks-126042700018_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/cold-water-drinking-benefits-and-risks-126042700018_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/27/thumb/1_1/1777271048-7785.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/27/thumb/1_1/1777271048-7785.jpg</image>
      <description><![CDATA[summer season health tips: गर्मियों में चिलचिलाती धूप से आते ही फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना स्वर्ग जैसा अहसास देता है, लेकिन क्या यह आपकी सेहत के लिए सही है? आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही 'अत्यधिक ठंडे पानी' को लेकर कुछ चेतावनी देते हैं। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="ठंडा पानी पीना अच्छा है या बुरा" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/27/full/1777271048-7785.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="cold water" /></p>
</p>
<p>
	<strong>thanda paanee peena achchha hai ya bura:</strong> गर्मियों का मौसम हो या धूप में बाहर जाना, अक्सर हम ठंडा पानी पीने की आदत रखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ठंडा पानी पीना हमेशा सही नहीं होता? कई लोग फ्रिज का ठंडा पानी तुरंत पीने से बचते हैं, जबकि कुछ इसे गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने का सबसे अच्छा तरीका मानते हैं।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/healthy-food/summer-health-tips-n-drinks-126040700047_1.html" target="_blank">Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	तो सवाल यह उठता है– ठंडा पानी पीना सही है या गलत? इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।</h3>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्यों गलत है ज्यादा ठंडा पानी?</h3>
<h3>
	पाचन में बाधा:</h3>
<p>
	हमारा शरीर भोजन को पचाने के लिए एक निश्चित तापमान (लगभग 37°C) बनाए रखता है। जब हम बर्फ जैसा पानी पीते हैं, तो शरीर को उस पानी को गर्म करने के लिए अपनी ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	वेगस तंत्रिका पर असर:</h3>
<p>
	बहुत ठंडा पानी गले की &#39;वेगस नर्व&#39; को प्रभावित कर सकता है, जो शरीर के स्वायत्त कार्यों को नियंत्रित करती है। इससे हृदय गति कुछ समय के लिए कम हो सकती है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/sattu-a-boon-for-health-in-summer-126040900005_1.html" target="_blank">10 Health benefits of Sattu: सत्तू के सेवन से सेहत को मिलेंगे ये 10 फायदे</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	पोषक तत्वों का अवशोषण रुकना:</h3>
<p>
	ठंडा पानी पीने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे शरीर खाए गए भोजन से विटामिन और पोषक तत्वों को पूरी तरह सोख नहीं पाता।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	गले में संक्रमण और बलगम:</h3>
<p>
	ठंडा पानी गले में &#39;म्यूकस&#39; (बलगम) की परत बना सकता है, जिससे गले में खराश, टॉन्सिल और सांस की नली में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	दांतों के लिए नुकसानदेह:</h3>
<p>
	अगर आपके दांत संवेदनशील हैं, तो बहुत ठंडा पानी इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है और तेज झनझनाहट पैदा कर सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या है सही तरीका?</h3>
<p>
	<strong>मटके का पानी: </strong>आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मटके के पानी को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं। यह पानी को स्वाभाविक रूप से उतना ही ठंडा करता है जितना शरीर के लिए सुरक्षित है। इसका pH लेवल भी क्षारीय होता है जो एसिडिटी कम करता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सामान्य तापमान:</strong> प्यास बुझाने और हाइड्रेटेड रहने के लिए सामान्य या हल्का ठंडा पानी सबसे बेहतर है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	धूप से आते ही न पिएं: बाहर की गर्मी से आने के तुरंत बाद पानी न पिएं। 5-10 मिनट रुकें, जब शरीर का तापमान सामान्य हो जाए, तब पानी पिएं।</h3>
<h3>
	क्या कभी ठंडा पानी सही होता है?</h3>
<p>
	जी हां, भारी वर्कआउट के बाद बहुत मामूली ठंडा पानी शरीर के कोर तापमान को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन वह भी &#39;बर्फ जैसा&#39; नहीं होना चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ठंडा पानी-FAQs </h3>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>1. क्या ठंडा पानी पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है?</strong></p>
<p>
	ठंडा पानी पीने से तुरंत कोई गंभीर नुकसान नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक या अत्यधिक ठंडा पानी पीने से पाचन में समस्या, गले में खराश, या सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ सकता है। गर्मियों में हल्का ठंडा या कमरे के तापमान का पानी पीना शरीर के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. धूप में ठंडा पानी पीना सही है या गलत?</strong></p>
<p>
	धूप में बहुत ठंडा पानी पीने से शरीर को शॉक लग सकता है, जिससे सिरदर्द या पेट में गड़बड़ी हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि धूप में कमरे के तापमान वाला पानी या हल्का ठंडा पानी पीना बेहतर है, ताकि शरीर को धीरे-धीरे ठंडक मिले।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. फ्रिज का पानी सीधे पीना सुरक्षित है?</strong></p>
<p>
	फ्रिज का पानी सीधे पीना अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन अत्यधिक ठंडा पानी पेट और पाचन तंत्र के लिए भारी हो सकता है। विशेषकर वृद्ध या पेट की समस्या वाले लोग इसे हल्का गर्म करके पी सकते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/health-care/ways-to-avoid-heat-wave-126042000012_1.html" target="_blank">Summer Health: लू से बचना है? तो ये 5 &#39;देसी ड्रिंक्स&#39; हैं आपके रक्षक</a></strong></p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 09:05:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 14:39:13 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[World Laughter Day 2026: विश्व हास्य दिवस, हंसी के जादू से जीवन में भरें खुशियां]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-celebrate-world-laughter-day-126050200045_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/health-care/how-to-celebrate-world-laughter-day-126050200045_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777721257-5088.jpg"/>
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      <description><![CDATA[World Laughter Day In Hindi: मई महीने के पहले रविवार को मनाया जाने वाला वर्ल्ड लाफ्टर डे (World Laughter Day) सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हंसी सबसे सस्ती और प्रभावी दवा है, जो हमारे शरीर और मन दोनों को लाभ पहुंचाती है। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="विश्व हास्य दिवस पर हंसता हुआ इमोजी चेहरा और हंसने, खुश रहने का महत्व बताता फोटो" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777721257-5088.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>World Laughter Day:</strong> पूरी दुनिया में हर साल मई के पहले रविवार को विश्व हास्य दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हंसी सिर्फ मज़ाक या मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर और मन दोनों के लिए सबसे बड़ी दवा है। आज के तनावपूर्ण जीवन में, हंसी मानसिक शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मकता का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/important-days-and-dates/world-press-freedom-day-2026-not-just-journalism-its-a-celebration-of-your-voice-126050200015_1.html" target="_blank">World Press Freedom Day: विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2026: सिर्फ पत्रकारिता नहीं, यह आपकी &#39;आवाज&#39; का उत्सव है!</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	विश्व हास्य दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम हर दिन थोड़ी हंसी, थोड़ी मुस्कान और थोड़ी खुशी अपने जीवन में लाएं। यह दिन परिवार, मित्रों और सहकर्मियों के साथ खुशियां बांटने का अवसर भी है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	विश्व हास्य दिवस का इतिहास</h3>
<p>
	विश्व हास्य दिवस की शुरुआत भारत से 1998 में हुई, जब डॉक्टर मदन कटारिया ने लाफ्टर योगा (Laughter Yoga) की पहल की। उनका मानना था कि हंसी केवल मन का उत्साह ही नहीं बढ़ाती, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। इसके बाद यह विचार दुनियाभर में फैल गया और हर साल मई के पहले रविवार को विश्व हास्य दिवस मनाने का ट्रेंड शुरू हुआ।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	विश्व हास्य दिवस मनाने के आसान तरीके</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>1. लाफ्टर योगा सेशन करें – </strong>दोस्तों या परिवार के साथ हंसी योग करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. हास्य फिल्मों या वीडियो देखें –</strong> कम से कम 30 मिनट रोज हंसी का आनंद लें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. मजेदार बातें शेयर करें – </strong>सोशल मीडिया पर #WorldLaughterDay के साथ मजेदार पोस्ट करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>4. हंसी प्रतियोगिताएं आयोजित करें – </strong>ऑफिस, स्कूल या स्थानीय समुदाय में।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>5. आत्म-हंसी अपनाएं –</strong> खुद पर हंसना सीखें, यह आत्मविश्वास और खुशी बढ़ाता है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/home-remedies/loo-lagne-par-gharelu-upchar-126043000031_1.html" target="_blank">गर्मी में यदि लू लग जाए तो करें ये घरेलू उपचार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	हंसने के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ </h3>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>1. तनाव कम करती है –</strong> हंसी तनाव हार्मोन को घटाती है और मानसिक शांति देती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. हृदय और रक्त परिसंचरण के लिए फायदेमंद –</strong> हंसी दिल को स्वस्थ रखती है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है –</strong> हंसी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>4. सकारात्मक सोच बढ़ाती है –</strong> हंसी मूड सुधारती है और नकारात्मक विचारों को कम करती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>5. सामाजिक संबंध मजबूत करती है –</strong> हंसी से लोग आपस में जुड़ते हैं और रिश्ते मजबूत बनते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	विश्व हास्य दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है। यह हमारे जीवन में खुशियां, स्वास्थ्य और सकारात्मकता लाने का संदेश है। इस दिन को मनाकर हम न केवल अपने लिए, बल्कि अपने आस-पास के लोगों के लिए भी खुशियां बढ़ा सकते हैं। याद रखें- एक हंसी से आप किसी का दिन बदल सकते हैं!</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/with-the-help-of-ai-it-is-now-possible-to-become-a-father-126050200036_1.html" target="_blank">बांझ (एज़ोस्पर्मिया) पुरुषों के लिए बड़ी राहत भरी खबर: AI की मदद से अब बन सकते हैं पिता</a></strong></p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 02 May 2026 16:59:43 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[health care]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[गर्मी में यदि लू लग जाए तो करें ये घरेलू उपचार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/loo-lagne-par-gharelu-upchar-126043000031_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/home-remedies/loo-lagne-par-gharelu-upchar-126043000031_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777540262-5271.jpg"/>
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      <description><![CDATA[भीषण गर्मी और तपती धूप के कारण 'लू' (Heatstroke) लगना एक गंभीर समस्या हो सकती है। जब शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है, तो शरीर अपनी शीतलता खो देता है। यदि किसी को लू लग जाए, तो डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ प्रभावी घरेलू ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="lu ka gharelu upay" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777540262-5271.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="lu ka gharelu upay" width="1200" /></p>
	</p>
	भीषण गर्मी और तपती धूप के कारण &#39;लू&#39; (Heatstroke) लगना एक गंभीर समस्या हो सकती है। जब शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है, तो शरीर अपनी शीतलता खो देता है। यदि किसी को लू लग जाए, तो डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ प्रभावी घरेलू उपचार राहत दिला सकते हैं। यहाँ लू से बचाव और उपचार के सबसे सटीक उपाय दिए गए हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1. ठंडी सिकाई और शरीर का तापमान कम करना</h3>
<p>
	लू लगने पर सबसे पहला लक्ष्य शरीर के बढ़ते तापमान को कम करना होता है।</p>
<p>
	<strong>ठंडा पानी: </strong>प्रभावित व्यक्ति के सिर, गर्दन, बगल और पैरों के तलवों पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।</p>
<p>
	<strong>स्नान: </strong>यदि व्यक्ति होश में है, तो उसे ठंडे पानी से नहलाएं या गीली चादर में लपेट दें। इससे शरीर की अतिरिक्त गर्मी तेजी से बाहर निकलती है।</p>
<p>
	<strong>तौलिया: </strong>ऐसे भी कर सकते हैं कि उसे भूमि पर लेटाकर एक गिले तौलिए से सिर से लेकर पांव तक उसकी लू उतारें।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2. कच्चे आम का पना (सबसे अचूक उपाय)</h3>
<p>
	भारतीय आयुर्वेद में कच्चे आम का पना लू के लिए &#39;रामबाण&#39; माना गया है।</p>
<p>
	<strong>बनाने की विधि: </strong>कच्चे आम को उबालकर या भूनकर उसका गूदा निकाल लें। इसमें थोड़ा गुड़/चीनी, काला नमक, भुना हुआ जीरा और पुदीना मिलाकर जूस तैयार करें।</p>
<p>
	<strong>फायदा: </strong>यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करता है और भीतर से ठंडक प्रदान करता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	3. प्याज का रस: एक प्राचीन औषधि</h3>
<p>
	लू के इलाज में प्याज का उपयोग बहुत पुराने समय से किया जा रहा है।</p>
<p>
	<strong>इस्तेमाल कैसे करें: </strong>प्याज का रस निकालकर इसे छाती पर और कानों के पीछे मलने से शरीर का तापमान कम होता है। डॉक्टर की सलाह से पैरों के तलवे में भी प्याज का रस लगा सकते हैं।</p>
<p>
	<strong>सेवन: </strong>एक चम्मच प्याज के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर पीने से भी राहत मिलती है। गर्मी में कच्चा प्याज खाना लू से बचाव का बेहतरीन तरीका है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	4. इमली और धनिए का पानी</h3>
<p>
	<strong>इमली: </strong>इमली को पानी में भिगोकर उसका रस पीने से शरीर की गर्मी शांत होती है। इसमें आवश्यक खनिज होते हैं जो डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।</p>
<p>
	<strong>धनिया और पुदीना: </strong>ताजे धनिए या पुदीने का रस निकालकर उसमें थोड़ी चीनी मिलाकर पीने से पेट और शरीर की जलन दूर होती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	5. हाइड्रेशन और तरल पदार्थ</h3>
<p>
	लू लगने पर शरीर में पानी और नमक की भारी कमी हो जाती है, जिसे संतुलित करना अनिवार्य है:</p>
<p>
	<strong>नारियल पानी: </strong>यह प्राकृतिक ग्लूकोज और खनिजों का सबसे अच्छा स्रोत है।</p>
<p>
	<strong>छाछ (मट्ठा): </strong>सेंधा नमक और जीरा डालकर ताजी छाछ पिएं। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर को रिकवर करने में मदद करते हैं।</p>
<p>
	<strong>जूस:</strong> बेल का शरबत या सत्तू का घोल भी लू में जीवनरक्षक की तरह काम करता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां:</h3>
<p>
	लू लगने पर मरीज को चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थ बिल्कुल न दें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं।</p>
<p>
	मरीज को सीधे एसी (AC) के सामने न बिठाएं, बल्कि उसे किसी ठंडी और हवादार छाया वाली जगह पर ले जाएं।</p>
<p>
	यदि व्यक्ति को तेज बुखार हो, बेहोशी छाने लगे या सांस लेने में दिक्कत हो, तो बिना देरी किए तुरंत अस्पताल ले जाएं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>अस्वीकरण (Disclaimer): </strong>चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 14:28:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 14:45:21 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[home remedies]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया फीचर टीम</authorname>
    </item>
  </channel>
</rss>
