बाइबिल के अनुसार यीशु जन्म के 3 कारण जानिए...


आखिर के पुत्र को मनुष्य रूप में इस धरती पर आने की क्या आवश्यकता थी। परमेश्वर चाहते तो इतने वर्षों से जैसा चला आ रहा था वैसा ही रहने देते। लेकिन उन्होंने अपने इकलौते पुत्र को धरती पर भेजा।   
 
 
के के कारण भी हमें पवित्र में मिलते हैं जो इस प्रकार हैं : -
 
1. परमेश्वर को धरती पर प्रगट करने के लिए यीशु मसीह का जन्म हुआ। क्योंकि परमेश्वर को किसी ने नहीं देखा उनको मनुष्यों के बीच में प्रभु यीशु मसीह ने ही प्रगट किया। 
 
पवित्र बाइबिल के नए नियम की पुस्तक यूहन्ना के पहले अध्याय और उसकी अट्ठारहवीं आयत में लिखा है 'परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, इकलौता पुत्र जो उसकी गोद में है उसी ने उसे प्रगट किया।'
 
2. परमेश्वर और मनुष्य के बीच की खाई पर एक पुल बनाने के लिए यीशु मसीह मनुष्य रूप में जगत में आए। जिससे वे परमेश्वर की बात मनुष्यों को बता सकें कि परमेश्वर उनसे क्या चाहते हैं। 
 
बाइबिल के नए नियम की पहली ‍तीमुथीयुस पुस्तक के दूसरे अध्याय और उसकी पांचवीं आयत में लिखा है 'क्योंकि परमेश्वर एक ही है और मनुष्य के बीच में एक ही बिचवई है अर्थात मसीह यीशु जो मसीह है।'
 
3. यीशु मसीह के मनुष्य रूप में इस जगत में आने का प्रमुख कारण है मनुष्यों का उद्धार। परमेश्वर सारी मानव जाति से प्रेम करते हैं इसलिए उन्होंने अपने इकलौते बेटे को इस जगत में मनुष्यों के उद्धार के लिए भेज दिया। 
 
बाइबिल में यूहन्ना के तीसरे अध्याय और उसकी सोलहवीं आयत में हम पाते हैं 'परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया ताकि जो कोई उस पर विश्वास करें वह नाश न हो बल्कि अनंत जीवन पाए।' > >  
 

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