गुजरात चुनाव परिणाम : क्या कहते हैं राहुल गांधी के सितारे


को गुजरात व हिमाचल प्रदेश के चुनावी परिणाम आने वाले हैं। इन परिणामों का असर इन चुनावों में भाग लेने वाले प्रत्याशियों व दलों के अतिरिक्त एक और खास व्यक्ति पर पड़ेगा वह है कांग्रेस के नव-नियुक्त अध्यक्ष राहुल गांधी। आइए ज्योतिष की दृष्टि से जानने का प्रयास करते हैं कि आने वाला समय राहुल गांधी के लिए कैसा रहेगा।

राहुल गांधी की कुंडली मकर लग्न की है जिसके अधिपति शनि हैं। शनि सत्ता का कारक होता है। राहुल गांधी की जन्मपत्रिका शनि लग्नेश होने के कारण अति-महत्त्वपूर्ण ग्रह है। राहुल गांधी की राशि वृश्चिक है जिसके अधिपति मंगल हैं। राहुल गांधी की जन्मपत्रिका में शनि केन्द्र में नीचराशिस्थ होकर विराजमान है जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपने जीवन में अतिशय संघर्ष व परिश्रम के बाद भी अपेक्षित सफ़लता प्राप्त नहीं होती है।

यहां शनि की उच्च दृष्टि कर्मक्षेत्र पर है जो कि शुभ है। इस योग के कारण राहुल गांधी अधीनस्थ के स्थान पर नेतृत्व में सफ़ल होते नज़र आ रहे हैं। राहुल गांधी की कुंडली कर्मक्षेत्र का कारक शुक्र शत्रुक्षेत्री है। इसके परिणामस्वरूप उन्हें सत्ता प्राप्ति में अवरोध व विलम्ब होगा। अथक परिश्रम के बाद भी वे अपेक्षित सफ़लता से दूर रहेंगे वहीं सप्तम स्थान में अकेला शुक्र व नीचराशिस्थ सप्तमेश उन्हें दाम्पत्य सुख से वंचित कर रहा है।

चतुर्थेश मंगल छठे भावगत होने के कारण उन्हें जनमानस में लोकप्रियता से वंचित कर रहा है। वर्तमान में राहुल गांधी चन्द्र की महादशा व लग्नेश की अन्तर्दशा के प्रभाव में हैं। इसके अतिरिक्त वे शनि की साढ़ेसाती के अन्तिम चरण को भोग रहे हैं शनि लग्नेश होने के कारण शुभ हैं। जुलाई 2017 से राहुल गांधी लग्नेश शनि की अन्तर्दशा के प्रभाव में है यह दशा उनके लिए शुभ है जिसके चलते वे संगठन के उच्चतम पद पर आसीन हुए हैं। भले ही हाल के चुनावों में वे सत्ता से दूर रहेंगे किन्तु आने वाले दो वर्षों में उनका राजनीतिक भविष्य उज्जवल प्रतीत हो रहा है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस पुर्नप्रतिष्ठित होती नज़र आ रही है लेकिन सत्ता प्राप्ति के लिए उन्हें अभी लंबा संघर्ष एवं प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

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