युवा क्यों छोड़ रहे हैं सेना की नौकरी

वेबदुनिया डेस्क

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शानदार के साथ देशसेवा युवाओं के लिए एक बेहतर करियर क्षेत्र है। सेना के तीनों अंगों में युवाओं के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है।

हालिया देखने में आया है कि युवाओं का सेना से मोह भंग होता जा रहा है और वे इस क्षेत्र में करियर के लिए उतने उत्सुक नहीं हैं, जितने पहले हुआ करते थे। पिछले कुछ समय में यह देखने में आया है कि युवा सेना की नौकरी से तय समय से पहले ही रिटायर होने का विकल्प चुन रहे हैं।

आखिर वे कौनसे कारण हैं जिनकी वजह से युवाओं को सेना में नौकरी करना रास नहीं आ रहा है? पिछले साल 10 हजार से भी अधिक जवानों ने सेना से समय से पूर्व रिटायर होने का विकल्प चुना। एक तरफ जहां देश में बेरोजगारी का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं सेना में शामिल ये युवा ऐसा कदम क्यों उठा रहे हैं? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब भारतीय सेना सहित विशेषज्ञ करियर काउंसलर भी तलाश कर रहे हैं।
जवानों के भारी संख्या में सेना की नौकरी छोड़ने की एक वजह अपने अधिकारियों से बढ़ती खटास को माना जा रहा है। पिछले दिनों लद्दाख और सांबा में अधिकारियों और जवानों के बीच खूनी संघर्ष हुए थे। इसके पीछे जवानों के साथ अमानवीय व्यवहार को माना जाता है।

कई युवा अपने परिवार की परंपरा को निभाने या पारिवारिक दबाव के कारण के लिए सेना में भर्ती हो जाते हैं, लेकिन वास्तव में उनकी रुचि किसी और क्षेत्र में होती है। रक्षामंत्री एके एटंनी के संसद में दिए बयान के अनुसार 2011 में 10 हजार 315 जवानों ने फौज से नाता तोड़ लिया, जबकि 2010 और 2009 में यह संख्या 7499 और 7249 थी।
इस पर चिंता जताते हुए रक्षामंत्री का तर्क है कि फौज में पहले से ज्यादा पढ़े-लिखे जवान भर्ती हो रहे हैं, लेकिन 35 की उम्र तक आते-आते वे बेहतर करियर के लिए फौज छोड़ने का फैसला कर रहे हैं। सेना का प्रशिक्षण भले ही अनुशासित और बेहद कठिन हो, लेकिन बेहतर भविष्य के लिए एक शानदार करियर विकल्प है।

हालांकि इस समस्या से सेना अपने स्तर पर निपट भी रही है, लेकिन देश के युवाओं को सेना में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है।

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