अंपायरिंग में बनाएं करियर

वेबदुनिया डेस्क

WD| पुनः संशोधित मंगलवार, 1 मई 2012 (14:53 IST)
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जिस तरह से क्रिकेट देश-दुनिया में छा रहा है, उससे इसमें करियर के अवसर भी उजले हैं। क्रिकेट में अंपायरों को बहुत सम्मान प्राप्त है और अंपायर खेल का खास हिस्सा होते हैं। अगर आप में क्रिकेट के प्रति जोश जुनून है और आप इस खेल की बारिकियां समझते हैं तो आप भी अंपायर बन सकते हैं।

डेविड शेफर्ड, स्टीव बकनर, साइमन टफेल, वेंकट राघवन, असद रऊफ आज क्रिकेट जगत में अनजाने नाम नहीं हैं। बिली बॉडन की चौके, छक्के का इशारा करने की अनोखी अदा के सभी दीवाने हैं। अगर आप क्रिकेट की बारीकियों का ज्ञान रखते हैं। आप में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, धैर्य, सहनशीलता जैसे गुण हैं तो क्रिकेट मैच में अंपायर बनकर भी करियर बना सकते हैं।
व्यावसायिक तौर पर अंपायर बनने हेतु स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय या क्लब लेवल (अंडर-16), अंडर-19 (सिटी), अंडर-19 (जोनल) आदि स्तर पर क्रिकेट का अनुभव होना चाहिए। इसके साथ ही क्रिकेट के नियमों के सीखने की आवश्यकता होती है। स्थानीय क्लब या स्कूल लेवल, जूनियर लेवल आदि मैचों में का अनुभव भी जरूरी है।
क्रिकेट अंपायरिंग के लिए स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन बोर्ड परीक्षा आयोजित करता है जिसे पास करने के बाद स्टेट लेवल मैचों के अंपायर बनने की योग्यता प्राप्त हो जाती है। इसके बाद रणजी ट्रॉफी स्तर पर होने वाले अंपायरिंग लेवल टेस्ट दे सकते हैं। रणजी ट्रॉफी स्तर पर 5 वर्ष अंपायरिंग करने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा आयोजित ऑल इंडिया अंपायरिंग टेस्ट दिया जा सकता है। यह परीक्षा उत्तीर्ण कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग कर ‍करियर बनाया जा सकता है।

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