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कमांडो 2 : फिल्म समीक्षा

की पहचान एक्शन हीरो की है, क्योंकि उन्होंने ने बतौर एक्शन हीरो खुद को साबित किया है।  तीन साल पहले रीलीज़ 'कमांडो' में विद्युत के काफी सराहे गए थे। अब विद्युत की इसी एक्शन खूबी को हाईलाइट करती फिल्म 'कमांडो-2 आई है। 

कमांडो-2 में विद्युत जामवाल की एक्शन सीन करने की छवि को ही ध्यान में रखा गया है, यहां तक कि स्टंट सीन गढ़ने के लिए कहानी को भी बिना बात के घुमाया गया है। अगर आप बिना कहानी की एक्शन फिल्म देख सकते हैं तो इसी तरह की फिल्म है। 
 
कैप्टन करणवीर सिंह (विद्युत जामवाल) का सेकंड मिशन विदेश से ब्लैकमनी को देश में वापसी लाना है। भारत सरकार, नोटबंदी के बाद रिजल्ट दिखाने को बेताब है, जल्दी से जल्दी कालेधन के रूप में छुपे अरबों रुपए बरामद करना चाहती है। यह धन विदेशी बैंकों से लाया जाना है और इसे देश के नागरिकों के अकांउट में पहुंचाने की चाहत सरकार की है। इस इच्छा के रोडे हैं यूनियन होम मिनिस्टर (शेफाली शाह) के बेटे जैसे लोग जिनकी बडी राशि विदेशों में पड़ी है। 
 
मलेशिया में मनी लॉन्डिरिंग का नंबर वन सरगना विक्की चड्डा (वंश भारद्वाज) अपनी खूबसूरत वाइफ मारिया (ईशा गुप्ता) के साथ अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। विक्की को विदेश से भारत लाने की जिम्मेदारी कैप्टन करणवीर सिंह और उनकी टीम को सौंपी जाती है। इस मिशन को एक के बाद एक फाइट सीन की मदद से पूरा किया जाता है, यही फिल्म की कहानी है। 
 
इस फिल्म को और भी बेहतर बनाया जा सकता था। सरकार द्वारा नियुक्त किया गया बंदा (हीरो विद्युत जामवाल) एक कातिल, कालेधन का कारोबार करने वाले विलेन के पीछे लगा रहा। जामवाल ने हर वो काम किया है जो दर्शकों को जमकर पसंद आए। उनके स्टंट खतरनाक हैं, वह लगातार कूद रहे हैं, घूम रहे हैं, पलट रहे हैं और हवा में जमकर उछालें मार रहे हैं, लेकिन जामवाल के फाइटिंग हुनर को स्क्रिप्ट का साथ नहीं मिला। 
 
फिल्‍म की स्क्रिप्ट उबाऊ है। छोटी बातें कहने में लंबे फुटेज खर्च किए गए हैं। कई सीन ठूंसे गए लगते हैं। आगे क्या होगा इसका अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है। डायलॉग में कुछ नयापन नहीं है। निर्देशन  भी सपाट है। एक के बाद एक घटनाओं को दिखाया गया है। 
 
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है विद्युत जामवाल के एक्शन सीन। जामवाल पर्दे पर एक्शन करते हुए अच्छे दिखते हैं, लेकिन उनके एक्शन सीन को स्क्रिप्ट का साथ नहीं मिलता। फ्रेडी दारुवाला और ईशा गुप्ता का अभिनय ठीक ठाक है। जामवाल के एक्शन सीन इस फिल्म को दो स्टार दिलावाते हैं।  
 
 
बैनर : सनशाइन पिक्चर्स, पेन मूवीज़  
निर्माता : विपुल अमृतलाल शाह 
निर्देशक : देवेन भोजानी 
कलाकार : विद्युत जामवाल, अदा शर्मा, फ्रेडी दारूवाला, अनूप सिंह, शैफाली शाह, सतीश कौशिश
रेटिंग : 2/5
 
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