76 के हुए जीतेन्द्र... हेमा मालिनी से क्यों नहीं हुई शादी?

गहनों के बदले फिल्म 
सात अप्रैल 1942 को अमृतसर में जन्मे फिल्म अभिनेता का वास्तविक नाम रवि कपूर है। नकली गहनों का व्यवसाय उनके पिता करते थे। फिल्म वाले अक्सर शूटिंग के लिए नकली गहनों का इस्तेमाल करते थे जिसको लेने-देने का काम जीतेन्द्र करते थे। एक बार वे महान फिल्मकार को गहने देने के लिए गए। शांताराम को जीतेन्द्र में कलाकार बनने की संभावना नजर आई। उन्होंने 1959 में प्रदर्शित फिल्म 'नवरंग' में संध्या के डबल का किरदार जीतेन्द्र को करने को दिया। पांच वर्ष बाद शांताराम ने ही जीतेन्द्र को 'गीत गाया पत्थरों' से लांच किया। इस फिल्म में जीतेन्द्र के अपोजिट शांताराम की बेटी राजश्री थी। जीतेन्द्र की गाड़ी धीरे-धीरे चल पड़ी और बाद में सरपट दौड़ने लगी। 
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