बॉलीवुड 2016: कौन आगे? कौन पीछे?

समय ताम्रकर|
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बॉलीवुड के लिए वर्ष 2016 खास नहीं रहा। जब शाहरुख खान, अजय देवगन, रितिक रोशन जैसे मुख्य सितारों की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आईं तो नए स्टार्स की क्या बिसात। सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों की हालत बिजनेस के अभाव में अत्यंत खराब है। बिजली के खर्चे निकालने में परेशानी हो रही है। जब नई फिल्म नहीं चल रही है तो पुरानी फिल्मों को देखना कौन पसंद करेगा। वर्ष के अंतिम महीनों में नोटबंदी का असर भी फिल्मों के व्यवसाय पर दिखा।



2016 में आठ फिल्में सौ करोड़ क्लब में शामिल हुईं, लेकिन ये सफलता का पैमाना अब नहीं रहा। उदाहरण के लिए शिवाय, ऐ दिल है मुश्किल और हाउसफुल 3 इस क्लब की सदस्य बनीं, लेकिन लागत ज्यादा होने के कारण इनकी सफलता औसत दर्जे की रही। ऐसा नहीं है कि सिनेमा का क्रेज कम हो रहा है, लेकिन सिनेमाघरों में फिल्म देखने वाले दर्शकों की संख्या में कमी आ रही है। रिलीज वाले दिन ही शाम को फिल्म पांच से दस रुपये में मिल जाती है या डाउनलोड की जा सकती है। ऐसे में भला महंगे टिकट कौन खरीदेगा? पायरेसी से जूझने के लिए फिल्म उद्योग कुछ नहीं कर पा रहा है। तकनीक के आगे हार मान ली गई है। अब तो फिल्म प्रदर्शित होने के कुछ दिन पहले ही फिल्म लीक होने लगी है। 
 
 
ब्लॉकबस्टर 
हर वर्ष की फिल्में ही बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर होती हैं। इस वर्ष भी उनकी 'सुल्तान' ने 300.45 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सभी के गले तर कर दिए। यह सलमान की दूसरी तीन सौ करोड़ क्लब वाली फिल्म है। सलमान ने अपनी फॉर्मूला फिल्मों से हट कर कुछ अलग किया और नतीजा जबरदस्त रहा। इस फिल्म के लिए उन्होंने जितनी मेहनत की है, शायद ही पहले कभी की हो। दूसरी ब्लॉकबस्टर मूवी रही 'द जंगल बुक'। इस डब फिल्म ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की और लगभग 184 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। किसी भी हॉलीवुड फिल्म ने अब तक इतना कलेक्शन भारत से नहीं किया। फिल्म को बच्चों के साथ बड़ों का भी प्यार मिला। 
 
 
सुपरहिट 
अपनी फिल्मों की लागत कम करने का फायदा अक्षय कुमार को मिला। उनकी दो फिल्में एअरलिफ्ट और रुस्तम सुपरहिट रहीं। दोनों फिल्मों ने लागत से लगभग दोगुना कलेक्शन किया। एअरलिफ्ट को काफी सराहना भी मिली। इसी तरह 'नीरजा' भी सुपरहिट रही। नीरजा भनोत के जीवन पर बनी फिल्म में सिर्फ सोनम कपूर परिचित चेहरा थी, लेकिन अच्छे कंटेंट के कारण यह दर्शकों की पसंद का कारण बनी। खासतौर पर मल्टीप्लेक्स में फिल्म ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। हॉलीवुड मूवी 'द कॉंज्युरिंग 2' की सफलता भी चौंकाने वाली रही। 
 
हिट 
अमिताभ बच्चन की 'पिंक' ऑफबीट फिल्म थी। इसका विषय और प्रस्तुतिकरण ऐसा नहीं था जो सभी को पसंद आए, लेकिन फिल्म ने शानदार सफलता हासिल की और दर्शा दिया कि आम दर्शक भी अब इस तरह की फिल्मों में रूचि लेने लगा है। और शाहरुख खान अभिनीत फिल्म 'डियर जिंदगी' भी अलग तरह की फिल्म थी जो कामयाब रही। इस फिल्म से वितरकों को भले ही बहुत लाभ न पहुंचा हो, लेकिन निर्माता ने लगभग 55 करोड़ रुपये की कमाई कर ली। टाइगर श्रॉफ की मसाला फिल्म 'बागी' भी हिट रही। एक्शन, इमोशन, रोमांस का तड़का सही मात्रा में लगा और फिल्म दर्शकों को पसंद आई। महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर बनी 'एमएस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी' ने शुरुआत तो बेहतरीन की थी और लगा कि फिल्म सुपरहिट रहेगी, लेकिन बाद में रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई और फिल्म 'हिट' की श्रेणी में रही। यह फिल्म केवल धोनी के नाम पर ही चली। हॉलीवुड मूवी 'कैप्टन अमेरिका: सिविल वार' को भी भारत में खासा पसंद किया गया। मेट्रो सिटीज़ में फिल्म ने बेहतरीन व्यवसाय किया और यह हिट रही। 
 
औसत 
इस श्रेणी में वे फिल्में रहीं जिनमें कमाई ज्यादा नहीं रही। कभी वितरक को थोड़ा मिला तो कभी निर्माता को। कुछ बमुश्किल अपनी लागत वसूल पाई। शिवाय, हाउसफुल 3, ऐ दिल है मुश्किल, बेफिक्रे, ढिशूम, जैसी फिल्मों को इस श्रेणी में देखना निराशाजनक है क्योंकि उम्मीद बहुत ज्यादा की थी। इन फिल्मों को सैटेलाइट और अन्य अधिकारों ने बचा लिया वरना सिनेमाघरों में इनका व्यवसाय खास नहीं था। उड़ता पंजाब, कपूर एंड संस, की एंड का, सरबजीत, जय गंगाजल भी औसत रहीं। सनम रे, तेरा सुरूर, हैप्पी भाग जाएगी का औसत रहना ही इनकी कामयाबी है। लागत निकाल कर थोड़ा मुनाफा इन छोटे बजट की फिल्मों ने कमाया। हॉलीवुड मूवी 'एक्स-मैन: एपोकैलिप्स' भी औसत रही। 
 
फ्लॉप
इस बार कई ऐसी फिल्में रहीं जो नाम बड़े और दर्शन छोटे वाली कहावत को चरितार्थ करती नजर आई। शाहरुख खान की 'फैन' और रितिक रोशन की 'मोहेंजोदारो' की नाकामयाबी से बॉलीवुड हिल गया। इन दोनों सितारों की पिछले कुछ वर्षों में कोई भी फिल्म इतनी बुरी तरह फ्लॉप नहीं रही। सीक्वल का जादू नहीं चल पाया। फोर्स 2, रॉक ऑन 2, कहानी 2, तुम बिन 2, राज़ रिबूट धराशायी हो गई। इन फिल्मों के निर्माताओं ने केवल अपनी पुरानी हिट फिल्मों का नाम भुनाने के लिए सीक्वल बना डाले, लेकिन जनता झांसे में नहीं आई। बार बार देखो, तीन, वज़ीर, रॉकी हैंडसम, ए फ्लाइंग जट्ट, फितूर, अज़हर, अकीरा और मिर्जिया जैसी फिल्में भी उम्मीद पर खरी नहीं उतरी और निर्माताओं तथा वितरकों के लिए नुकसान का सौदा रहीं। सेक्सी और द्विअर्थी संवादों वाली फिल्मों, मस्तीज़ादे, वन नाइट स्टैंड, लव गेम्स, ग्रेट ग्रांड मस्ती, क्या कूल हैं हम 3, को भी दर्शकों ने भाव नहीं दिए।  
 
सराहना मिली
कुछ ऐसी फिल्में भी प्रदर्शित हुईं जो भले ही कामयाबी हासिल नहीं कर पाई हों, लेकिन सराहना हासिल करने में सफल रहीं। इनमें अलीगढ़, पार्च्ड, फोबिया, रमन राघव 2.0 जैसी फिल्में शामिल हैं। 
 
स्टार्स का दम 
सलमान खान का जलवा बरकरार रहा। दर्शकों में उनकी लोकप्रियता की चमक बढ़ती जा रही है। अपने नाम पर ही आरंभिक सप्ताह में वे भीड़ जुटा लेते हैं। 'सुल्तान' की कामयाबी इसका सबूत है। शाहरुख खान का ग्राफ नीचे आ रहा है। उनकी फिल्म 'फैन' सौ करोड़ का आंकड़ा भी नहीं छू पाई और यह स्थिति उनके लिए अत्यंत खतरनाक है। वे तेजी से नीचे फिसले हैं। 2015 अक्षय के लिए निराशाजनक रहा था, लेकिन 2016 में उन्होंने अच्छी वापसी की। अलग-अलग मिजाज की फिल्म कर कामयाबी हासिल की। अजय देवगन 'शिवाय' में ही उलझे रहे। खूब पसीना बहाया, लेकिन परिणाम आशा के अनुरूप नहीं रहा। रितिक रोशन तो इस वर्ष को भूल जाना पसंद करेंगे। रणबीर कपूर अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। 'ऐ दिल है मुश्किल' ने उन्हें थाम जरूर लिया है, लेकिन एक बड़ी हिट की उन्हें अभी भी सख्त जरूरत है। रणवीर सिंह 'बेफिक्रे' रहे। उनकी स्थिति में खास परिवर्तन नहीं हुआ। वरुण की स्थिति भी रणवीर जैसी रही। सिद्धार्थ मल्होत्रा और अर्जुन कपूर कोई खास तीर नहीं मार पाए। जॉन अब्राहम अब और पीछे चले गए हैं। शाहिद कपूर भी पिछड़ते जा रहे हैं। इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी इस बार फीके रहे। इमरान हाशमी की स्टार वैल्यू बहुत कम हो गई है। अमिताभ बच्चन इस उम्र में भी छाए हुए हैं। टाइगर श्रॉफ का प्रदर्शन भी मिलाजुला रहा। फरहान अख्तर का ब्रेक अप भी हुआ और फिल्में भी फ्लॉप रहीं।  
 
हीरोइनों के रूप में आलिया भट्ट तेजी से आगे बढ़ी हैं। कम उम्र में ही उन्होंने बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। हर तरह के भूमिका को वे आसान बना देती हैं। दीपिका पादुकोण इस वर्ष नदारद रही। कैटरीना कैफ को दो फ्लॉप फिल्मों ने पीछे ढकेल दिया। अनुष्का शर्मा टॉप थ्री हीरोइनों में आ गई हैं। में उन्होंने सलमान खान के सामने खड़े होने का दम दिखाया वहीं 'ऐ दिल है मुश्किल' में बड़े सितारों के बीच उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। करीना कपूर खान मां बनने को लेकर चर्चाओं में रहीं। जैकलीन फर्नांडिस जहां की तहां रहीं। विद्या बालन इस वर्ष भी खाली हाथ रहीं। प्रियंका चोपड़ा का मन अब बॉलीवुड में नहीं लगता। ऐश्वर्या राय बच्चन ने 'ऐ दिल है मुश्किल' के जरिये अपनी स्थिति को थोड़ा सुधारा है। श्रद्धा कपूर ने इस वर्ष भी हिट फिल्म का सिलसिला जारी रखा है। बागी के जरिये वे आगे बढ़ी हैं। सोनम कपूर ने भी 'नीरजा' के रूप में अपने करियर की बेहतरीन फिल्म दी है। अकीरा और फोर्स 2 में सोनाक्षी सिन्हा का एक्शन पसंद नहीं ‍किया गया। कंगना रनौट का हाल भी दीपिका की तरह रहा, एक भी फिल्म में वे इस वर्ष नजर नहीं आईं।  
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