शनि की कई बातें शो के दौरान पता चली: सलिल अंकोला

कलर्स चैनल के शो 'कर्मफलदाता शनि' में भगवान सूर्य की भूमिका सलिल अंकोला निभा रहे हैं। जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव देख लेने के बाद यह एक्टर आज एक बार फिर से अपने पांव पर खड़ा है और जाने-अनजाने शराब की लत से जूझ रहे कई लोगों के लिए एक प्रेरणा का काम कर रहा है। इस कलाकार ने अपनी निजी जिंदगी में तलाक और कोर्ट के चक्कर भी काटे हैं, लेकिन जिंदगी में अब वो आगे बढ़ रहा है। अपनी दूसरी शादी से एक तरीके से कायापलट हुई है। इस खिलाड़ी का अब बातें होती भी हैं तो सिर्फ नई और ताजा रोशनी की। आज जब सलिल से आप बात करते हैं तो उनके अंदर का खिलाड़ी पूरे जोश के साथ आपके सामने आकर खड़ा हो जाता है, जैसे सवालों की बॉलिंग पर हर बॉल पर शॉट मारने के मूड में हो। अपने इस नए-नवेले किरदार को वे मायथोलॉजिकल किरदार नहीं मानते। सलिल कहते हैं कि मायथो में कोई सीख दे रहा होता है या कोई प्रवचन होता है। एक पीरियड ड्रामा है। इसमें कोई तथास्तु भी नहीं होगा। इसमें शनि से जुड़ी बातें होंगी। उसकी मां कौन थी, वो खुद कौन था, कैसे बड़ा हुआ? मैं खुद शनि का भक्त हूं लेकिन शनि की कई बातें तो मुझे ये शो करने के बाद मालूम पड़ीं।
मैंने आपको और आपकी पत्नी रिया को रियलिटी शो में देखा था। सच बताइए, जिंदगी के उतार-चढ़ाव में कैसे अपने आपको एडजस्ट किया एक-दूसरे के साथ?
ये सब अपने दिमाग की बात है। जिंदगी का एक हिस्सा है। आप अपनी जिंदगी से क्या चाहते हैं, किस रूप में देखना चाहते हैं। अपनी जिंदगी का नजरिया बदल लीजिए, सब ठीक लगता है। आप अपनी जिंदगी को कैसे जीना चाहते हैं, बस जिंदगी वैसी हो जाती है। आप अगर उसे बहुत जटिल बना लेंगे तो वो भी जटिल हो जाएगी। आपको लगता है कि जिंदगी सीधी-साधी हो तो वो वैसी बन जाती है।
 
आपने अपनी जाती जिंदगी में कई लड़ाइयां लड़ी हैं। कई बार अपनी लड़ाइयों को जीतने से बड़ा मुद्दा होता है उन लड़ाइयों का सामना करना। ये मान लेना कि हां लड़ाई लड़नी है?
जिंदगी में हारना या जीतना ही सब कुछ नहीं होता। आपको किसी से जीतना नहीं होता, आपको अपने आपको जवाब देना होता है। हर दिन के अंत में आपको घर जाकर ये सोचना होता है कि आज आपने दिनभर में क्या किया? क्या मैंने आज सब सही किया या कुछ गलत किया? क्या मैंने किसी को अपनी वजह से दुख पहुंचाया। बस, वही मायने रखता है। अगर आप अपने स्वयं से बात नहीं कर पा रहे हैं, मतलब आप कहीं कुछ ठीक नहीं कर रहे हैं।
 
एक समय ऐसा भी था कि जब आप क्रिकेट में एक बड़े ही हॉट और गुड लुकिंग स्टार की तरह उभर रहे थे, किस तरह से लिया उस समय को?
ये वो समय था जब मेरी जाती जिंदगी में सब कुछ ठीक नहीं चल रह था। मैं आज भी ये मानता हूं कि रिया मेरी जिंदगी में तब होती या तब मेरी पत्नी होती तो बात कुछ और होती। मैं तो रिया को कहता रहता हूं कि काश! तब मेरे साथ होती, जब मैं देश के लिए खेल रहा था तो रिया हंसकर कह देती है कि वो तो मुमकिन नहीं था, क्योंकि जब तुम खेल रहे थे तब मैं 10वीं में पढ़ रही थी। उस समय तुम मुझसे शादी नहीं कर पाते। हर बात जिंदगी में किसी वजह से होती है। हम जिंदगी में कई लोगों से मिलते हैं और वे आपकी जिंदगी में आते हैं। ये ही जिंदगी की राह है। आपको इस राह से गुजरना होता है।
 
सीरियल 'कर्मफलदाता शनि' में काम करते हुए आपको कभी भी लगा कि आपने भी कठिन समय को देखा है?
आप बताओ किसकी जिंदगी यहां आसान है। लाइफ आपको हमेशा दो रास्ते दिखाती है तथा आपको खुद को देखना होता है कि आपको कौन-सा रास्ता चुनना है। हो सकता है कि समय कुछ ऐसा रहा कि आपने गलत रास्ता चुन लिया हो लेकिन आज कोई गम नहीं है, न कोई पछतावा है। वैसे भी जो हो गया उसके बारे में बार-बार सोचकर मैं क्यों अपना आज खराब कर लूं? कल क्या हो गया था, इसकी चिंता में मैं अपना आज और कल क्यों बिगाड़ लूं? जो हो गया, वो हो गया। आज जब मैं इस शो के बारे में बात करूं तो मैं कभी भी इस रोल को लेकर सहमत नहीं हो पा रहा था। वो तो मेरी पत्नी और सह-निर्माता राहुल की वजह से मैंने ये रोल कर लिया। क्या करूं, मैंने कभी ऐसे रोल किए नहीं ना। यहां बहुत लाउड होना पड़ता है। मैं बहुत-बहुत खुश हूं कि मैंने ये रोल किया है।
 
सीरियल के निर्माता सिद्धार्थ कुमार तिवारी का कहना है कि उनके शो में सूर्य के रोल में सलिल को लेना एक सही कदम है, क्योंकि जब सूर्य की बात करें तो चेहरे पर वो ओज भी होना चाहिए और सूर्य-सा रुतबा भी। क्या फर्क पड़ता है कि सालों पहले किसी के साथ क्या हुआ? मेरे लिए मायने रखता है कि वो मेरा सूर्य है पहले दिन से।

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