बिहार में क्‍यों नहीं चला मोदी का जादू...

पटना| पुनः संशोधित रविवार, 8 नवंबर 2015 (22:56 IST)
पटना। बिहार में 'मंडल रथ' पर सवार राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और कांग्रेस की ऐसी आंधी चली कि उसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 'जादू' भी उड़ गया और के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई से भी अधिक बहुमत हासिल कर ली।
राज्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, बिहार विधानसभा की 243 में से महागठबंधन ने 177 सीटें जीत ली है। इस चुनाव में राजद सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आया है, उसके 79 प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं। इसी तरह महागठबंधन में शामिल जदयू ने 71 और कांग्रेस ने इस चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 27 सीट जीत ली है। 
 
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मात्र 54 सीट ही जीत पाई। उसकी सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) दो-दो जबकि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सिर्फ एक सीट पर ही कब्जा जमा सकी। 
 
इस बार के चुनाव में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) ने अपना खाता खोलते हुए तीन सीटों पर सफलता पाई है। वहीं निर्दलीय ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
 
चुनाव के शुरुआती परिणाम और रुझान के बाद ही दोपहर में भारतीय जनता पार्टी ने हार स्वीकार कर ली और प्रधानमंत्री ने महागठबंधन के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी। बाद में भाजपा के अन्य राष्ट्रीय नेताओं के अलावाकांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी तथा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कुमार को फोन कर जीत पर बधाई दी। (वार्ता)
 

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