ब्लॉगः क्या राहुल गांधी का पीएम नरेंद्र मोदी को गले लगाना एक 'हमला' था?

पुनः संशोधित शनिवार, 28 जुलाई 2018 (11:16 IST)
RSTV

- सौतिक बिस्वास

चार साल पहले सत्ता संभालने के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमतौर पर ख़बरों में बने रहे हैं। रणनीतिक रूप से नरेंद्र मोदी दुनिया भर के नेताओं को गले लगाते रहे जबकि दूसरी ओर अपने ही घर में उनसे दूरियाँ बनाए रखीं।

पिछले दिनों मोदी की मुख्य विपक्षी पार्टी, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की उन्हें गले लगाने की 'घटना' ने सुर्खियाँ बटोरीं। पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के बीते चार साल के प्रदर्शन को निशाना बनाते हुए राहुल गांधी सदन में बोल रहे थे। तभी नेहरू-गांधी परिवार की चौथी पीढ़ी के 48 वर्षीय राहुल गांधी ने में अपने तमाम राजनीतिक विरोधियों को भौचक्का कर दिया।

वो अपना भाषण ख़त्म करने के बाद पीएम मोदी की सीट की तरफ बढ़े और अचानक ही उन्हें गले लगा लिया। इसके बाद पीएम मोदी और उनकी पार्टी ने राहुल गांधी और संसद में सिकुड़ चुकी उनकी कमज़ोर पार्टी का मज़ाक उड़ाने का आनंद उठाया। इसके बाद मोदी के समर्थकों ने राहुल गांधी को भद्दे मज़ाक के साथ सोशल मीडिया पर भी ट्रोल किया।


संसद में मोदी को गले लगाने से पहले राहुल ने कहा था, "आपके भीतर मेरे लिए नफ़रत है। गुस्सा है। मगर मेरे अंदर आपके प्रति इतना सा भी गुस्सा, इतना सा भी क्रोध, इतनी सी भी नफ़रत नहीं है।"

गले लगाने की ये घटना राष्ट्रीय समाचारों में हेडलाइन बनी। मीडिया में इसे लेकर हड़बड़ी दिखी और एक अनाड़ी की तरह सोशल मीडिया पर हैशटैग #hugoplacy चल पड़ा। कुछ ने इसे ऐतिहासिक 'हग' (गले मिलना) बताया और ये साबित किया कि राहुल गांधी को जैसा कि उनके विरोधी बताते हैं, वो उससे कहीं ज़्यादा घाघ राजनेता हैं।


तो कुछ ने कहा कि कभी अनाड़ी रहे इस नेता ने आख़िर टेलीविजन पर दिखने वाली राजनीति करने की कला सीख ली है। ये कला उन्हें उस मज़बूत नरेंद्र मोदी को मात देने में मदद करेगी जो अपनी जीतने की कला और पक्के इरादे वाले दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

'दुश्मन को कस कर गले लगाना'
समाजशास्त्री शिव विश्वनाथन कहते हैं, "तस्वीर में एक ओर मोदी पर उनके काम का बोझ साफ़ झलक रहा था तो दूसरी तरफ राहुल कुछ नया करते नज़र आए। ऐसा लगा जैसे वो अपने स्टाइल में कुछ बदलाव का संकेत दे रहे हैं।"


राजनीति के जानकार इस गले लगाने को 'नाटकीय', 'अप्रत्याशित' और 'अविश्वसनीय' मानते हैं। साथ ही इसे जानबूझकर, सोच समझ कर तैयार की गई रणनीति का हिस्सा बताते हैं।

बरखा दत्त ने लिखा कि राहुल गांधी चाहते हैं कि लोगों के बीच इस गले लगाने को लेकर 'नफ़रत की राजनीति बनाम प्रेम की राजनीति' का संदेश जाए। इससे ये दिख सके कि एक नई पीढ़ी का शिष्ट आदमी कट्टर और कड़ी छवि के व्यक्ति के आगे टिक सकता है।


एक अख़बार ने तो यहाँ तक लिख डाला कि मोदी को गले लगाने की इस योजना को तो फरवरी में ही बनाया गया था। एक डेयरी फ़र्म का कार्टून भी चर्चा में रहा, इस कार्टून में ये आश्चर्य जताया गया था कि ये गले लगाने का प्रयास था या मोदी से भद्दा मज़ाक करने की कोशिश। मेरा मानना है कि कार्टून ने इसे सही समझा है।

कई लोगों का मानना है कि राहुल का मोदी को गले लगाना मोदी के दौर में 'विषैली राजनीतिक परिस्थिति' में 'दोस्ती की भावना' से था। लेकिन दो दलों का दिखने वाला ये गले लगना मोदी से लिपटने से कहीं अधिक हमलावर सा दिखता है।


राहुल गांधी शायद अमरीकी राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन से प्रेरित हो सकते हैं। उन्होंने कहा था, "अपने दोस्त को कस कर गले लगाओ, लेकिन अपने दुश्मनों को उससे भी अधिक कस कर। इतना कस कर कि वो हिलडुल भी ना सके।"
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

मुंगेर के निसार हैं 'लावारिस शवों के मसीहा'

मुंगेर के निसार हैं 'लावारिस शवों के मसीहा'
जहां धर्म और मजहब के नाम पर हिंदू और मुसलमानों के बीच तनाव की खबरें सुर्खियों में आती ...

शवों के साथ एकांत का शौक रखने वाला यह तानाशाह

शवों के साथ एकांत का शौक रखने वाला यह तानाशाह
चार अगस्त, 1972, को बीबीसी के दिन के बुलेटिन में अचानक समाचार सुनाई दिया कि युगांडा के ...

तो क्या खुल गया स्टोनहेंज का राज?

तो क्या खुल गया स्टोनहेंज का राज?
शायद आपने फिल्मी गानों में इन रहस्यमयी पत्थरों को देखा हो। इंग्लैंड में प्राचीन पत्थरों ...

कैंसर ने इरफान खान को बदल डाला

कैंसर ने इरफान खान को बदल डाला
अपने एक्टिंग से बॉलीवुड और हॉलीवुड को हिलाने वाले इरफान खान ने कैंसर की खबर के बाद पहला ...

दिल्ली का जीबी रोड: जिस सड़क का अंत नहीं

दिल्ली का जीबी रोड: जिस सड़क का अंत नहीं
दिल्ली की एक सड़क है, जिसका नाम सुनते ही लोगों की भौंहें तन जाती हैं और वे दबी जुबान में ...

वियना दुनिया का सबसे रहने लायक शहर, दिल्ली 112वें, मुंबई ...

वियना दुनिया का सबसे रहने लायक शहर, दिल्ली 112वें, मुंबई 117वें पायदान पर
लंदन। दुनिया के रहने लायक शहरों की सूची में भारत समेत दक्षिणी एशियाई देशों का प्रदर्शन ...

ब्रिटिश संसद के बाहर आतंकी हमला, तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर

ब्रिटिश संसद के बाहर आतंकी हमला, तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर
लंदन। ब्रिटेन में संसद के बाहर एक आतंकी हमले में आज एक व्यक्ति ने तेज रफ्तार कार पैदल ...

स्वतंत्रता बरकरार रखने के लिए रुका नहीं है कुर्बानियों का ...

स्वतंत्रता बरकरार रखने के लिए रुका नहीं है कुर्बानियों का सिलसिला
अंबाला का विक्रमजीत सिंह 5 साल पहले सेना में भर्ती होने के बाद कश्मीर में शहादत पा गया। ...