मंत्र साधना में शुभ समय का रखें ध्यान...


 
 
 
* साधना के समय  अवश्य देखें तिथि एवं नक्षत्र... 
 
मंत्र साधना के लिए निम्नलिखित विशेष समय, माह, तिथि एवं नक्षत्र का रखना चाहिए। 
 
1. उत्तम माह - साधना हेतु कार्तिक, अश्विन, वैशाख, माघ, मार्गशीर्ष, फाल्गुन एवं श्रावण मास उत्तम होता है। 
 
2. उत्तम तिथि - मंत्र जाप हेतु पूर्णिमा़, पंचमी, द्वितीया, सप्तमी, दशमी एवं ‍त्रयोदशी तिथि उत्तम होती है। 
 
3. उत्तम पक्ष - शुक्ल पक्ष में शुभ चंद्र व शुभ दिन देखकर मंत्र जाप करना चाहिए। 
 
4. शुभ दिन - रविवार, शुक्रवार, बुधवार एवं गुरुवार मंत्र साधना के लिए उत्तम होते हैं।
 
5. उत्तम नक्षत्र - पुनर्वसु, हस्त, तीनों उत्तरा, श्रवण, रेवती, अनुराधा एवं रोहिणी ‍नक्षत्र मंत्र सिद्धि हेतु उत्तम होते हैं।
 
मंत्र साधना में साधन आसन एवं माला की विशेषताएं
 
आसन - मंत्र जाप के समय कुशासन, मृग चर्म, बाघम्बर और ऊन का बना आसन उत्तम होता है।
 
माला - रुद्राक्ष, जयन्तीफल, तुलसी, स्फटिक, हाथीदांत, लाल मूंगा, चंदन एवं कमल की माला से जाप सिद्ध होते हैं। रुद्राक्ष की माला सर्वश्रेष्ठ होती है। 

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