शतभिषा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति का भविष्यफल

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शास्त्र में समस्त आकाश मंडल को 27 भागों में विभक्त कर प्रत्येक भाग का नाम एक-एक रखा गया है। सूक्ष्मता से समझाने के लिए प्रत्येक नक्षत्र के 4 भाग किए गए हैं, जो चरण कहलाते हैं। अभिजित को 28वां नक्षत्र माना गया है और इसका स्वामी ब्रह्मा को कहा गया है।
आइए जानते हैं में जन्मे जातक कैसे होते हैं?

नक्षत्र मंडल में शतभिषा नक्षत्र को 24वां नक्षत्र माना गया है। 'शतभिषा' का शाब्दिक अर्थ है 'सौ भीष्' अर्थात 'सौ चिकित्सक' अथवा 'सौ चिकित्सा'। 'श्त्तारक' इस नक्षत्र का एक वैकल्पिक नाम है जिसका शाब्दिक अर्थ है 'सौ सितारे'।
कुछ ज्योतिषियों ने इसकी दृष्टि मानी है और कुछ के मान से इसका अस्तित्व नगण्य है तो दृष्टि कैसी? यदि राहु मेष लग्न में उच्च का हो तो इसके परिणाम भी शुभ मिलते हैं।

अगले पन्ने पर जानिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक का भविष्यफल...



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