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कौन-सी बीमारी में पहनें कौन-सा रत्न, पढ़ें 20 बेशकीमती रत्न

Author पं. प्रणयन एम. पाठक|
मानता है कि रत्नों को कुंडली के अनुसार धारण करने से जातक में रोगों से लड़ने की शक्ति पैदा करते हैं। आयुर्वेद में रत्नों की भस्म द्वारा रोग निवारण के प्रयोग बताए गए हैं।


 


रत्न भाग्योन्नति में सहायक होते हैं क्योंकि रत्नों में ग्रहों की ऊर्जा होती है। यही शुभ ऊर्जा स्वास्थ्य भी प्रदान करती है। अतः रोग अनुसार रत्न धारण करें जैसे -
 
 
1 पन्ना - अच्छी स्मरण शक्ति के लिए धारण करें।

2 नीलम - गठिया, मिर्गी, हिचकी एवं नपुंसकता को नष्ट करता है। 

 
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