यात्रा पर जाने से पहले, जरूर करें यह 6 काम

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4 समयशूल व दिशाशूल - उषाकाल में पूरब को, गोधू‍लि में पश्चिम को, अर्धरात्रि में उत्तर को और मध्याह्नकाल में दक्षिण को नहीं जाना चाहिए। वहीं राशि के अनुसार कुंभ और मीन के चन्द्रमा में अर्थात पंचक में दक्षिण कदापि न जाएं। मेष, सिंह और धनु राशि का चंद्रमा पूर्व में, वृष, कन्या और मकर राशि का दक्षिण में, मिथुन, तुला और कुम्भ का पश्चिम में, कर्क, वृश्चिक, मीन का चन्द्रमा उत्तर में रहता है। यात्रा में चन्द्रमा सम्मुख या दाहिने शुभ होता है। पीछे होने से मरणतुल्य कष्टऔर बाईं ओर होने से धनहानि होती है।
 
 
5 त्याज्य वस्तुएं - किसी विशेष कारण या फल की प्राप्ति के लिए परदेस या अन्यत्र शहर की यात्रा पर जा रहे हैं, तो यात्रा के तीन दिन पहले दूध, पांच दिन पहले हजामत, तीन पहले तेल, सात दिन पहले मैथुन त्याग देना चाहिए। यदि इतना न हो सके तो कम से कम एक दिन पहले तो ऊपर की सब त्याज्य वस्तुओं को अवश्य ही छोड़ देना चाहिए।

6 शकुन विचार - यह है यात्रा के शकुन विचार- यात्रा के दौरान कुछ चीजों का देखना शुभ माना जाता है। पुष्प, सौभाग्यवती नारी, दर्पण, धनुष, पक्षी, मछली, गोबर, बछड़े के साथ गाय, माथे पर तिलक लगाए हुए ब्राह्मण, चिड़िया, जल भरा घड़ा या कोई दूसरा बर्तन, फल, दही, धुआंरहित जलती आग, वेश्या, धोबी, शराब, पान, दूध, घी, शहद, हाथी-घोड़ा, ध्वज, कन्या, राजा, कुश, हंस, मोर, खुश रहने वाली कोई बात, बकरी, मित्र और वाद्य का दर्शन शुभ माना गया है। 

 कैसे लागू होता है दिशाशूल, क्यों न करें इस दौरान यात्रा

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