हलहारिणी अमावस्या विशेष : इन 10 उपायों से दूर होंगे सारे अनिष्ट...


 
 
 
* शनिश्चरी, हलहारिणी अमावस्या पर करें ये 10 उपाय, मिलेगी कष्टों से मुक्ति... 
 
आषाढ़ मास में पड़ने वाली अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या कहा जाता है। इस वर्ष यह  2017, को मनाई जाएगी। किसानों के लिए यह शुभ दिन है। यह दिन किसानों  के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि आषाढ़ मास में पड़ने वाली इस अमावस्या के समय  तक वर्षा ऋतु का आरंभ हो जाता है और धरती भी नम पड़ जाती है। फसल की बुआई के  लिए यह समय उत्तम होता है। इसे आषाढ़ी अमावस्या भी कहा जाता है। 
 
इसी दिन से गुप्त नवरात्रि प्रारंभ होने के कारण मां दुर्गा की गुप्त आराधना भी की जाएगी।  हलहारिणी अमावस्या शनिवार के दिन आने के कारण उसका महत्व और बढ़ गया है। इसे  शनिश्चरी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन हलहारिणी अमावस्या होने से हल पूजन,  शनिदेव का पूजन तथा पितृ पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन पितृ निवारण के लिए  निम्न उपाय करने से जीवन के समस्त कष्‍ट दूर होते हैं। 
हलहारिणी अमावस्या के दिन हल पूजन इसी बात का प्रतीक है। इसे मनाने का उद्देश्य यह  है कि किसी भी शुभ काम का आरंभ भगवान की आराधना, पूजन और धन्यवाद करते हुए  आरंभ करना चाहिए। रोजमर्रा के जीवन में उपयोग में आने वाली वस्तुओं का भी उचित  सम्मान करना चाहिए। इस दिन किसान विधि-विधान से हल का पूजन करके हरी-भरी  फसल बनी रहने के प्रार्थना करते हैं ताकि घर में अन्न-धन की कमी कभी भी महसूस न  हो।
 
24 जून का विशेष शुभ दिन है, क्योंकि आषाढ़ मास में शनिवार के दिन अमावस्या का  योग 10 वर्षों पश्चात बना है। इससे पहले 2007 में यह योग बना था, अब आगामी समय  में यह योग 17 वर्ष बाद आएगा वर्ष 2034 में, यह योग दोहराया जाएगा। 
हलहारिणी अमावस्या के साथ आर्द्रा नक्षत्र, वृद्धि योग और नाग करण होने से शनि दोषों  को दूर करने के लिए विशेष महत्व का दिन है। 20 जून से ही शनि वक्री हुए हैं इसीलिए शनि की दशा से राहत पाने के लिए यह दिन विशेष मायने रखता है।
 
आगे पढ़ें हलहारिणी अमावस्या के 10 उपाय : 
 

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