यूँ सहेजें गर्म कपड़े...

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शीतकाल में हम कई तरह के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं। एक बार खरीद लेते पर ये कपड़े कई साल हमारे काम आते हैं। यदि इनके प्रति हम अपना रवैया थोड़ा नर्म रखें तो ये कपड़े कई सालों तक नए बने रह सकते हैं। तो आएँ रखें इनका ख्याल कुछ इस तरह...।

लेदर जैकेटः आजकल अधिकतर लोग लेदर की जैकेट पहनना अधिक पसंद कर रहे हैं। इस जैकेट को धोने की आवश्यकता नहीं होती है। इन्हें मुलायम ब्रश से रगड़ देने से ये साफ हो जाती हैं। इसके अलावा अच्छी कंपनी की किसी भी जैकेट को घर में न साफ कर ड्राइक्लीनिंग ही करवाएँ।

यदि कभी घर में सफाई की आवश्यकता पड़े तो पेट्रोल से भीगा ब्रश नीचे से बल देते हुए चलाएँ। जैकेट साफ हो जाएगी। बाहर से आकर जैकेट उतार कर यूँ ही न डालें, कुछ देर धूप, हवा में टाँग दें जिससे उसका पसीना सूख जाए। फिर उसे हैंगर में लगाकर रखें।
  शीतकाल में हम कई तरह के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं। एक बार खरीद लेते पर ये कपड़े कई साल हमारे काम आते हैं। यदि इनके प्रति हम अपना रवैया थोड़ा नर्म रखें तो ये कपड़े कई सालों तक नए बने रह सकते हैं। तो आएँ रखें इनका ख्याल कुछ इस तरह...।      


इनर वेयर : ठंड से बचाव के लिए आज 'थर्मल वेयर' या 'इनर' (अंदर पहनने वाला रेशेयुक्त परिधान) का प्रयोग भी काफी होता है। ये ठंड से पूरी तरह से बचाव करने में सक्षम होते हैं। एक बार अच्छी कंपनी का इनर ले लेने पर दो-तीन साल तक ये काम में आ सकते हैं। लेकिन इनकी धुलाई पर ध्यान देना होता है।

इन्हें कभी भी रगड़ कर या ब्रश से घिसकर न धोएँ। जहाँ तक हो सके मशीन में भी न धोएँ। यदि मशीन में धोना चाहती हैं तो एकदम स्लो मशीन चला कर धोएँ, क्योंकि तेज रगड़ से इनके रेशे दबकर गर्माहट कम करते हैं। हल्के हाथों से साबुन मलकर और हल्के हाथों से निचोड़कर इन्हें सुखाएँ।

स्टाइलिश शॉल : शॉल ठंड से बचाव के साथ-साथ आपको स्टइलिश लुक भी देती है। बहुमूल्य कश्मीरी पश्मीना आदि शॉलों का सदैव ड्राइकलीन ही करवाएँ। यदि किसी अन्य शॉल को धोना चाहती हैं तो उसे रीठे के फैन से धोएँ। अच्छी तरह खंगालकर आखिरी पानी में नींबू का रस व जरा-सी ग्लिसरीन मिला देने से इनकी स्वाभाविक चमक व ताजगी बनी रहती है।

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- प्रतिभा तिवारी
कोट व जर्किन : कोट व जर्किन एक बार बन जाने पर कई सालों तक चलते हैं। अतः इनके रख-रखाव पर ध्यान देना आवश्यक है। जब भी बाहर से आएँ, कुछ देर इन्हें हवा में अवश्य रखें। इन्हें पतले हैगर में न लटकाएँ क्योंकि इनके मुठ्ठे लटक जाते हैं जिससे पहनने पर ये ठीक नहीं लगते। कोट व जर्किन को टाँगने के लिए सदैव चौड़े हैंगर का इस्तेमाल करें।


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