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फिर लापरवाही की भेंट चढ़ा मासूम!

खरगोन | Naidunia| पुनः संशोधित शनिवार, 8 अक्टूबर 2011 (23:10 IST)
शनिवार को जिला अस्पताल में व्याप्त लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई। इस कारण एक मासूम की जिंदगी भेंट चढ़ गई। परिवार जहाँ अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर खाली हाथ घर लौट गया, वहीं प्रबंधन बालक की हालत अत्यंत गंभीर होने की दुहाई दे रहा है। उल्लेखनीय है गत 4 अक्टूबर को भी इसी अस्पताल में एक बालिका की उपचार के दौरान हो गई थी, जिसकी जाँच प्रक्रियाधीन है।

जानकारी के अनुसार ग्राम मलतार निवासी कमल यादव अपने चार वर्षीय बेटे निर्मल को लेकर जिला अस्पताल पहुँचा। यह बालक मलेरिया और खून की कमी से पीड़ित बताया जा रहा है। कमल ने बताया कि वह अपने बेटे को लेकर अपराह्न 4 बजे अस्पताल परिसर पहुँच गया था। उसकी शिकायत है कि दो घंटे तक उसे उपचार नहीं मिला। यही वजह है कि शाम 6.45 पर उसके बेटे ने दम तोड़ दिया।

उधर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि 6 बजे यह बच्चा अस्पताल में दाखिल हुआ। बालक गंभीर रूप से अस्वस्थ था। मलेरिया पॉजीटिव होने के साथ खून की कमी भी थी। इलाज के दौरान बच्चे को बचाने का भरसक प्रयास किया गया।


हाल ही में अस्पताल अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। गत 4 अक्टूबर को भी अस्पताल में समय पर खून उपलब्ध नहीं होने के कारण आशापुर निवासी निशा (3) की मौत हो गई थी। प्रशासन ने इस मामले में जाँच की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। पूरे मामले में सिविल सर्जन डॉ. डीएस सोलंकी से रात्रि 8.10 बजे पर चर्चा करनी चाही गई, परंतु मोबाइल अनुत्तरित रहा।


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