नवआरक्षक से रिश्वत लेते पुलिसकर्मी को धरदबोचा

देवास | Naidunia| पुनः संशोधित शनिवार, 3 मार्च 2012 (00:41 IST)
पुलिस में भर्ती हुए नव आरक्षक से माँगना एक पुलिसकर्मी को महँगा पड़ गया। फरियादी ने मामले की शिकायत उज्जैन रेंज के आईजी से कर दी। लोकायुक्त के दल ने शुक्रवार को रिश्वत लेते पुलिसकर्मी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक डीआरपी लाइन में पदस्थ आरक्षक भँवरसिंह मीणा ने हाल ही में आरक्षक बने जितेंद्र पाटीदार से कहा कि तुम्हारी भर्ती मैंने करवाई है, इसलिए मुझे दो लाख रुपए दो। जितेंद्र ने उज्जैन रेंज के आईजी उपेंद्र जैन को इसकी शिकायत की। इस पर आईजी ने लोकायुक्त उज्जैन के एसपी अरुण मिश्रा को जाँच का जिम्मा सौंपा। शुक्रवार को लोकायुक्त की योजनानुसार जितेंद्र ने फोन कर भँवरसिंह को माता टेकरी पर पैसे लेने के लिए बुलाया। वहाँ पहुँचे भँवरसिंह ने जैसे ही जितेंद्र से दस हजार रुपए लिए, लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जाँच में लिया गया। हालाँकि देवास पुलिस अधीक्षक अनिल शर्मा का कहना है कि अभी तक उनके द्वारा दोषी आरक्षक पर किसी पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। लोकायुक्त द्वारा मामले से संबंधित दस्तावेज दिए जाने पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रकरण दर्ज किया है

'जितेंद्र पाटीदार नामक नवआरक्षक ने आईजी से शिकायत की थी। शुक्रवार को दल देवास गया था। वहाँ आरक्षक भँवरसिंह मीणा को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया है। -अरुण मिश्रा, एसपी लोकायुक्त उज्जैन


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