शेयर बाजार के लिए रिकपलिंग का वर्ष

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-कमल शर्मा
नए वर्ष के शुरुआती दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए एक शानदार रहे लेकिन बाद में अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों को लगे ग्रहण ने घरेलू निवेशकों को इतना तगड़ा झटका दिया कि आने वाले दिनों में इनमें से कई निवेशक शेयर बाजार से हमेशा के लिए दूर हो जाएँगे।
निवेशकों के मन में अभी भी एक सवाल है कि आगे यह बाजार कैसा रहेगा, क्‍या अमेरिका में मंदी के बढ़ रहे धीमे कदमों की आहट भारतीय बाजार पर पड़ेगी या नहीं। दुनिया भर के शेयर बाजारों में होने वाली उठापटक से हमारे बाजार अछूते रहेंगे या फिर हर असर हमारे बाजारों पर देखने को मिलेगा। यानी यह वर्ष डिकपलिंग का होगा या रिकप‍लिंग का।

गोल्‍डमैन सेक्‍स और मार्गन स्‍टेनली के इक्विटी बाजार के विशेषज्ञों ने शेयर बाजारों के लिए सबसे पहले डिकपलिंग की थ्‍योरी विकसित की थी। यह एक ऐसी विचारधारा है जिसके तहत कोई एक निश्चित बाजार अपना कामकाज दुनिया के दूसरे बाजारों के साथ किसी तरह के संबंध रखे बगैर या बाहरी परिबलों से प्रभावित हुए बगैर चालू रखते हैं। यह थ्‍योरी नई होने के बावजूद तर्कसंगत है और इसे स्‍वीकार करने का कोई कारण भी नहीं है।
अमेरिका में बढ़ती मंदी को थामने के लिए अमेरिकी फैड बैंक ने ब्‍याज दरों में तत्‍काल कमी की है लेकिन वहाँ मंदी फैलने का भय थम नहीं रहा है। क्रेडिट बाजार की होती ऐसी तैसी, सबप्राइम और डॉलर में बढ़ती कमजोरी जैसे कारकों ने डिकपलिंग थ्‍योरी के पक्षधरों को भी अपने दावे के संबंध में विचार करने पर विवश कर दिया है।

कुछ समय पहले ही घरेलू पूँजी बाजार के विशेषज्ञ यह कह रहे थे कि वैश्विक बाजारों की हलचल का असर भारतीय शेयर बाजार पर नहीं होगा जबकि अब भारतीय शेयर बाजार वैश्चिक हलचल से प्रभावित होते हैं और उनके आधार पर ही चाल तय होती है। इस आधार पर देखें तो डिकपलिंग थ्‍योरी का असर कम होता जा रहा है। वैश्वीकरण के दौर में कोई भी बाजार दुनिया भर के बाजारों में पड़ने वाले असर से अछूता नहीं रह सकता।
मार्गन स्‍टेनली के प्रमुख स्टीफन रोक का कहना है कि डिकपलिंग एक अच्‍छी थ्‍योरी है लेकिन आने वाले समय में यह सही होगी, कहा नहीं जा सकता। गोल्‍डमैन सेक्‍स के अर्थशास्‍त्री पीटर बैरेजीन तो इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए कहते हैं कि वर्ष 2008 रिकपलिंग का वर्ष रहेगा। रिकपलिंग यानी दुनिया भर के बाजारों का एक दूसरे बाजार के साथ नाता बढ़ना। यह डिकपलिंग के विपरीत थ्‍योरी है। इन बयानों के आने के बाद लगता है कि बाजार विशेषज्ञों को अपने विचार बदलने पड़ सकते हैं।
गोल्‍डमैन सेक्‍स के अर्थशास्‍त्री जिन 38 देशों की अर्थव्‍यवस्‍था पर नजर रखते हैं उनमें से 26 देशों की विकास दर कमजोर पड़ेगी। जबकि 12 देशों की आर्थिक विकास दर बढ़ेगी। नतीजन इस साल अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक विकास दर 4.70 फीसदी से घटकर चार फीसदी रह जाएगी।

आईसीआईसीआई बैंक के ग्‍लोबल रिसर्च विभाग के मुखिया जी. रामचंद्र का कहना दुनिया भर के अधिकतर विश्‍लेषक अब डिकपलिंग थ्‍योरी में भरोसा नहीं रखते। यदि अमेरिका में मंदी आई तो इसका असर जापान, यूरोप और चीन की अर्थव्‍यवस्‍था पर गहरा पड़ेगा ही।
यदि चीन में इसका असर होगा तो उसकी वजह से दूसरे एशियाई बाजारों मसलन कोरिया, ताईवान, फिलीपिंस और इंडोनेशिया पर प्रभाव पड़ेगा ही। जबकि, भारत पर इसका असर सीमित रहेगा। इसका मतलब यह हुआ कि इस वर्ष निवेशकों को दुनिया भर के शेयर बाजारों में घटने वाली हर घटना पर नजर और दुनिया की मुख्‍य अर्थव्‍यवस्‍थाओं की खोज खबर लेते रहनी होगी। यानी आम निवेशक के लिए एक संदेश कि खूब पढ़ो, और हर खबर का विश्‍लेषण करना सीखो अन्‍यथा बाजार में कमा नहीं पाओगे।
पेन्निसुला लैंड : डार्क हॉर्स
पुराने जमाने के कई बड़े बुजुर्ग आज भी ऐसे ढेरों किस्‍से सुनाते हैं जिनसे पता चलता है कि पहले कई धन्‍ना सेठ या आम आदमी पैसे जमीन में गाड़कर रखते थे। अब नए जमाने में लोग जमीन की खरीद-फरोख्‍त का काम कर पैसा कमाते हैं, लेकिन इक्विटी कल्‍चर वाले जानते हैं कि जितने पैसों में महँगी जमीन खरीदेंगे उससे कम दाम में बेहतरीन रियलिटी स्‍टॉक खरीदकर कम समय में मोटा मुनाफा बैंक में जमा कर लेंगे।
यदि आप इस समय बेहतरीन रियलिटी स्‍टॉक की तलाश कर रहे हैं तो अशोक पिरामल समूह की कंपनी पेन्निसुला लैंड से उम्‍दा कोई नहीं, जहाँ आने वाले समय में मोटे मुनाफे की बड़ी संभावना छिपी हुई है।

पिरामल होल्डिंग्‍स लिमिटेड और मोरारजी रियलिटीज लिमिटेड के वर्ष 2005 में हुए विलय से पेन्निसुला लैंड अस्तित्‍व में आई। मुंबई स्थित यह रियल इस्‍टेट डेवलपर, नॉन लैंड बैंक अवधारणा वाली यह कंपनी अब मुंबई के अलावा दक्षिण व पश्चिम भारत में अपने पैर पसार रही है। इस कंपनी का उसूल है मौजूदा जरूरत के मुताबिक जमीन खरीदो और इसे विकसित करो। कंपनी अब तक मुंबई में 22 लाख वर्गफुट रियल इस्‍टेट विकसित कर चुकी है, जिसमें 38 फीसदी आवासीय परियोजनाएँ, 38 फीसदी व्‍यावसायिक और शेष रिटेल परियोजाएँ हैं।
पेन्निसुला के पास इस समय मुंबई में 39 लाख वर्गफुट बिक्री योग्‍य क्षेत्र है, जिसे विकसित किया जा रहा है। इसमें दो आवासीय और तीन व्‍यावसायिक परियोजनाएँ हैं जो वर्ष 2011 तक विकसित हो जाएँगी। इनसे 39 अरब रुपए की आय और 26 अरब रुपए का लाभ होगा। इन परियोजनाओं में स्‍वान मिल और डॉन मिल पेन्निसुला लैंड की सहभागी है।

कंपनी के पास मुंबई से बाहर तेजी से उभरते शहरों में 225 लाख वर्गफुट की परियोजनाएँ पाइपलाइन में हैं। इनमें टाउनशिप और सेज परियोजनाएँ हैं। इन परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप में अगले छह से सात साल में विकसित किया जाएगा। कंपनी की पुणे, नासिक, गोवा और नागपुर में अनेक परियोजनाएँ हैं। कंपनी ने हाल में हैदराबाद में रैलीज के पास से 31 एकड़ भूमि ली है। इसमें शेष 85 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का विकल्‍प है।
इसके अलावा पेन्निसुला की चेन्‍नई, बेंगलुरू, अहमदाबाद और मैसूर जैसे शहरों में अपना विस्‍तार करने की योजना है। कंपनी दो रियल इस्‍टेट फंड लांच कर रही है। कंपनी इस फंड का 25 फीसदी हिस्‍सा अपने विभिन्‍न परियोजनाओं में लगाएगी ताकि पूँजी के मामले में दूसरे स्‍त्रोतों पर निर्भरता को कम किया जा सके।

पेन्निसुला लैंड की बिक्री वित्‍त वर्ष 2007 में 327.2 करोड़ रुपए रही और शुद्ध लाभ 128.9 करोड़ रुपए रहा। वित्‍त वर्ष 2008 में कंपनी की बिक्री 645.1 करोड़ रुपए और शुद्ध मुनाफा 197.3 करोड़ रुपए, वित्‍त वर्ष 2009 में बिक्री 1056.4 करोड़ रुपए एवं शुद्ध लाभ 376.6 करोड़ रुपए रहने की उम्‍मीद है। वर्ष 2007 में इसकी प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 6.1 रुपए थी। वित्‍त वर्ष 2008 में ईपीएस 8.4 रुपए और वित्‍त वर्ष 2009 में 16 रुपए रहने की आस है।
रियल इस्‍टेट, टैक्‍सटाइल, रिटेल और इंजीनियरिंग जैसे उद्योगों से जुड़े अशोक पिरामल समूह की इस कंपनी में प्रमोटरों की शेयरधारिता 62.3 फीसदी है, जबकि विदेशी निवेशकों के पास 3.6 फीसदी और संस्‍थागत व नॉन प्रमोटरों के पास 21.7 फीसदी शेयर हैं। आम जनता के पास इसके केवल 12.4 फीसदी शेयर हैं। समूह की चैयरपर्सन उर्वी पिरामल हैं और पेन्निसुला लैंड का कामकाज राजीव पिरामल देखते हैं। पेन्निसुला लैंड का शेयर का दाम आज 100 रुपए था। शेयर बाजार में सुधार बढ़ने के साथ इसके 170 रुपए तक जाने की उम्‍मीद की जा सकती है। पिछले 52 सप्‍ताह की बात की जाए तो पेन्निसुला लैंड के शेयर का भाव ऊपर में 168 और नीचे में 61 रुपए था।
स्‍पष्‍टीकरण : पेन्निसुला लैंड में खरीद सलाह जारी करते समय मेरा अपना निवेश है।

•य‍ह लेखक की निजी राय है। किसी भी प्रकार की जोखिम की जवाबदारी वेबदुनिया की नहीं होगी।


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