हरियाणा में गौवध पर प्रतिबंध

गौ संरक्षण एवं विकास हेतु नया कानून

चंडीगढ़| वार्ता| पुनः संशोधित बुधवार, 8 सितम्बर 2010 (15:31 IST)
हरियाणा सरकार में गायों के संरक्षण, कल्याण एवं विकास के लिए गौसेवा आयोग गठित करेगी। राज्य विधानसभा में कल हरियाणा गौसेवा आयोग विधेयक 2010 पारित किया गया।

गौसेवा आयोग गायों के संरक्षण एवं विकास हेतु स्थापित संस्थाओं पर निगरानी एवं नियंत्रण के साथ- साथ उनसे सम्बन्धित मुद्दों एवं विषयों पर कार्य करेगा। आयोग गौ पालन के आधुनिक एवं वैज्ञानिक उपाय सुझाएगा और कृषि कार्यों में जैविक खाद के उपयोग को बढ़ाने में सहायता करेगा।

आयोग राज्य में सभी प्रजाति की गायों के वध पर प्रतिबन्ध तथा उन पर अत्याचार रोकने से सम्बन्धित लागू कानूनों का अधिक प्रभावशाली तथा अर्थपूर्ण रूप से कियान्वयन सुनिश्चित करेगा। यह गाय के गोबर तथा मूत्र के वैज्ञानिक प्रयोग हेतु संस्थाओं के कार्य की निगरानी करेगा ताकि इनका कृषि के क्षेत्र में मिट्टी की उर्वरता, जैवऊर्जा, जैविक गैस, जैविक खाद तथा घरेलू उपयोग को बढ़ाया जा सके।
इसके अलावा आयोग स्वयंसेवी संगठनों द्वारा संचालित गौशाला एवं गौसदनों में उनकी वित्तीय तथा अन्य रूप में सहायता करने, इन्हें वैज्ञानिक ढंग से विभिन्न नस्लों की गायों के विकास के लिए प्रशिक्षित करने तथा देसी गायों की नस्लों, उनके दूध से निर्मित पदार्थों और बैलों के महत्व के बारे लोगों को जागरूक एवं शिक्षित करेगा। (वार्ता)


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