दफ्तरों की दिक्कतों को कम करे 'एर्गोनोमिक्स'

नई दिल्ली| ND| पुनः संशोधित मंगलवार, 19 फ़रवरी 2008 (13:34 IST)
कम्प्यूटर और दूसरी मशीनों पर लगातार काम करने के कारण पीठ और गर्दन में दर्द एक आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि 'एर्गोनोमिक्स' के जरिए कर्मचारियों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाए बिना उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक 90 प्रतिशत लोगों को अपने जीवनकाल में किसी न किसी समय ीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकयत से जूझना पड़ता है। ऐसे में काम करने के गलत तरीकों और गलत मुद्रओं में बैठने और काम करने से समस्या और भी अधिक ब़ढ़ जाती है।

जानकारों के अनुसार इस विज्ञान पर आधारित फर्नीचर भी बाजार में आसानी से उपलब्ध है। आकार और गुणवत्ता के आधार पर इसकी कीमत आठ हजार रुपए से शुरू होती है। यह फर्नीचर लोगों को काम करने का आरामदेह और स्वस्थ माहौल उपलब्ध कराता है। 'एर्गोनोमिक्स' के चलते पीठ दर्द जैसी बहुत सी परेशानियों से बचा जा सकता है।
क्या है : दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय सरूप के अनुसार 'एर्गोनोमिक्स' यानी व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से दैनिक व्यवहार में आने वाली मशीनों को ढालने का विज्ञान बेहद लाभदायक है। कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद और सुविधाजनक वर्कस्टेशन उनकी कार्यक्षमता और उपस्थिति में सुधार कर सकते हैं।


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