अशिक्षा है सभी दुखों का कारण-दलाई लामा

लखनऊ| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 10 दिसंबर 2010 (23:21 IST)
के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने मनुष्य के अधिकांश दुखों के लिए अज्ञान और अशिक्षा को जिम्मेदार बताते हुए शुक्रवार को कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उजाला फैलाकर ही सुखी विश्व का निर्माण किया जा सकता है।

दलाई लामा ने यहाँ धम्म सोसायटी द्वारा आयोजित ‘विश्व के वर्तमान परिदृश्य में बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में व्याप्त और तकलीफें बेवजह पैदा नहीं हुई हैं। वस्तुत: सभी दुख कर्मों और क्लेश से पैदा होते हैं, लेकिन तकलीफों का सबसे बड़ा कारण अशिक्षा और अज्ञानता है।
उन्होंने कहा कि सभी दुख क्लेश और दुर्भावनाओं से पैदा नहीं होते बल्कि अधिकांश शिक्षा और ज्ञान की कमी से भी उत्पन्न होते हैं। विद्या से ही दुख दूर किए जा सकते हैं और गौतम बुद्ध के उपदेशों में भी यही बात कही गई है।

विश्व में बढ़ती असहिष्णुता की तरफ इशारा करते हुए दलाई लामा ने कहा कि दुनिया में मौजूद तमाम धार्मिक परंपराओं में मानसिकता को साफ करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में माने जा रहे सभी धर्मों में सैद्धांतिक अंतर हैं, लेकिन इसके बावजूद वे सभी मूलत: एक ही संदेश देते हैं और वह है लोगों के दुखों को दूर करना और उन्हें खुशी देना।

दलाई लामा ने कहा कि चित्त की शुचिता के विषय पर उनकी वैज्ञानिकों से पिछले करीब 30 वर्षों से चर्चा होती रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने शांति के लिए जरूरी पाक मन के महत्व को समझा है। अमेरिका में चित्त और ‘कुशल तथा अकुशल’ भावनाओं के विषय पर शोध किए जा रहे हैं। (भाषा)


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