...अब ध्यान आंध्रप्रदेश के लिए राजधानी पर

हैदराबाद| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2014 (15:16 IST)
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हैदराबाद। तेलंगाना राज्य के गठन को संसद से मंजूरी मिलने के बाद अब सारा ध्यान शेष राज्य के लिए नई राजधानी ‘ढूंढ़ने’ पर केंद्रित हो गया है।

केंद्र की प्रतिबद्धता के अनुरूप आंध्रप्रदेश के लिए नई राजधानी की पहचान तेलंगाना राज्य के औपचारिक गठन के बाद 45 दिन के भीतर करनी होगी।

तेलंगाना और शेष आंधप्रदेश के लिए यद्यपि हैदराबाद ‘संयुक्त’ राजधानी होगा, लेकिन तटीय आंध्र और रॉयलसीमा क्षेत्र के लोग जल्द से जल्द नई राजधानी चाहेंगे। शेष आंध्र का निर्माण करने वाले तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों में बंदरगाह शहर विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, और तिरुपति बड़े शहर हैं।
इन सभी शहरों की अपनी-अपनी खास विशेषता है और ये नए राज्य की राजधानी का दर्जा पाने के दावेदार हैं।

विशाखापट्टनम, जिसे विजाग भी कहा जाता है, में एक बड़ा बंदरगाह, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कई उद्योग हैं और यह पूर्वी नौसैनिक कमान का मुख्यालय है। यह देश के पूर्वी भागों से अच्छी तरह से जुड़ा है और यहां सार्वत्रिक संस्कृति है।
विजाग में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, लेकिन यह नौसेना की कमान के नियंत्रण में है। रक्षा मंजूरी न मिलने से असैन्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के प्रयास सफल नहीं रहे हैं।

विजयवाड़ा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक केंद्र होने के साथ ही ‘व्यावसायिक राजधानी’ और ‘राजनीतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता है। यह रेलवे से अच्छी तरह से जुड़ा है। यहां वर्तमान में एक घरेलू हवाई अड्डा है, जहां से नई दिल्ली सहित बड़े शहरों के लिए रोजाना उड़ानों का संचालन होता है। (भाषा)

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