स्टेम कोशिका अनुसंधान पर विधेयक जल्द

नई दिल्ली (भाषा) | भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 18 सितम्बर 2009 (17:45 IST)
सरकार ने स्टेम कोशिका से इलाज की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जल्द ही इसके लिए स्टेम कोशिका पर लाया जाएगा ताकि ऐसे अनुसंधानों को बढ़ावा दिया जा सके।

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. वीएम कटोच ने कहा कि सरकार स्टेम सेल से केस दर केस आधार पर इलाज की पक्षधर है और जल्द ही इसके लिए स्टेम कोशिका अनुसंधान पर विधेयक लाया जाएगा ताकि ऐसे अनुसंधानों को बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि आईसीएमआर ने पहले ही स्टेम सेल अनुसंधान के लिए एक मसौदा दिशा निर्देश तैयार कर लिया है इसी के आधार पर विधेयक तैयार किया गया है।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यद्यपि प्रजननशील क्लोनिंग के बिलकुल विरूद्ध रहा है क्योंकि इसकी सुरक्षा, सफलता, उपयोगिकता और नैतिक स्वीकार्यता हमेशा संदिग्ध रही है लेकिन समय की आवश्यकता को देखते हुए स्टेम सेल से केस दर केस आधार पर इलाज पर विचार किया जा सकता है।
आजाद ने कहा कि आईसीएमआर ने बायोमेडिकल के लिए नैतिक दिशा निर्देश तैयार किए हैं, जिनके माध्यम से भारतीय आचार समिति में सुधार लाने में भारी सहायता मिली है। इसके आधार पर तैयार किया गया एक बिल शीघ्र ही में पेश किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत में क्लोनिंग अनुसंधान के लिए कोई भी कानून नहीं बना है और यह इस क्षेत्र के लिए पहले नियामक दिशा निर्देश होंगे। डॉ कटोच ने कहा कि संसद में यह बिल अगले साल पेश किया जाएगा।
आजाद ने कहा कि सरकार देश में स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यो में व्यापक सुधार लाने के लिए और वित्तीय सहायता देने के लिए कटिबद्ध है।


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