सैयदना वारिस : गुजरात हाई कोर्ट ने लगाई डील क रने पर रोक

मुंबई| WD|
FILE
बोहरा समाज के के गुजर जाने पर समाज ने उनके बेटे सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को 53वां धर्मगुरु माना लेकिन इस फैसले को मरहूम सैयदना के सौतेले भाई खुजेमा कुतबुद्दीन ने पहले से बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है और अब उन्होंने अस्सिटेंट चैरिटी कमिशनर्स और गुजरात वक्फ बोर्ड के खिलाफ सैफुद्दीन को समाज के ट्रस्ट और संपत्ति के अकेले ट्रस्टी मानने पर गुजरात हाई कोर्ट में आठ याचिकाएं लगाई हैं।

बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए गुजरात हाई कोर्ट ने दाऊदी बोहरा समाज के प्रमुख मुफद्दल सैफुद्दीन और उनके एजेंट्‍स को 25 अप्रैल तक समाज की किसी भी संपत्ति और ट्रस्ट की संपत्ति को बेचने, हस्तांतरित करने पर रोक लगा दी।

एक अधिकारी के अनुसार अदालत ने समाज के लगभग 75 पब्लिक ट्रस्ट और 261 वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में मुफद्दल सैफुद्दीन और उनके एजेंट्‍स को किसी भी प्रकार की डिलिंग पर रोक लगा दी।
इससे पहले कुतबुद्दीन के पुत्र अब्देअली कुतबुद्दीन ने एक बयान में कहा कि 17 जनवरी को धर्मगुरु सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन के निधन के बाद वक्फ बोर्ड ने 23 जनवरी को मुफद्दल सैफुद्दीन के नाम एक आदेश जारी किया।

अब्देअली कुतबुद्दीन ने कहा, 'वक्फ बोर्ड के आदेश जारी करने के एक दिन बाद अब्दुल कादिर नुरूद्दीन जो शहज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन के दामाद हैं, उन्होंने 150 से अधिक चेंज रिपोर्ट पर दस्तखत किए जो अस्सिटेंट चैरिटी कमिशनर्स के ऑफिस में लगभग 20 जिलों से आई थीं।'


और भी पढ़ें :