एक बच्चे की नीति से चीनी परेशान

बीजिंग| भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011 (12:34 IST)
में एक बच्चे की नीति ने भले ही जनसंख्या में करोड़ों के इजाफे को कम किया हो, लेकिन यह नीति अब देश के लिए परेशानी भी बन रही है। इसी नीति का परिणाम है कि चीन में अब युवाओं की अपेक्षा बुजुर्गों की संख्या में खासा इजाफा हो गया है।

हालांकि आंकड़ों के मुताबिक 1979 से शुरू की गई इस नीति को अगर देश में लागू नहीं किया जाता, तो देश की जनसंख्या मौजूदा 1.35 अरब की आबादी से कहीं ज्यादा होती।

इस नीति के कई दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं, जिनमें सामूहिक बंध्याकरण और आठ महीने तक के गर्भ के गर्भपात जैसे मामले तक भी शामिल हैं। कन्या भ्रूण को मारने की घटनाएं भी देखने में आती हैं।
इस नियम का उल्लंघन करने वाले दंपतियों का कई सालों का वेतन काटने और उन्हें जेल भेजने तक का प्रावधान है।

लेकिन नियम लागू होने के तीन दशक बाद अब समाजशास्त्रियों और अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि चीन विकास की ओर बढ़ रहा एकमात्र ऐसा देश है, जो धनी होने के पहले बूढ़ा हो जाएगा। (भाषा)


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