वृक्षों का वास रहने दे!

पर्यावरण दिवस

ND|
अज़हर हाशमी
में वृक्षों का वास रहने दे!
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झरनों में साँस रहने दे!

होते हैं वस्त्र के
छीन मत ये रहने दे!
वृक्ष पर घोंसला है चिडि़या का
तोड़ मत ये निवास रहने दे!

पेड़-पौधे चिराग हैं वन के
वन में बाक़ी उजास रहने दे!

वन विलक्षण विधा है की इस अमानत को खास रहने दे!

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