स्टेम कोशिका से ब्लड कैंसर का उपचार

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भाषा|
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प्रयोगशाला में बनाई गई स्टेम कोशिकाएँ निकट भविष्य में कई प्रकार के का कर सकती हैं। जापानी स्टेम कोशिका युकियो नाकामुरा ने बताया कि एप्लास्टिक एनीमिया (लाल रक्त कणिकाओं की कमी और ेलेसेमिया) का स्टेम कोशिका तकनीक से उपचार किया जा सकता है।

नाकामुरा ने कहा, 'जापानी वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई तकनीक में एम्ब्रयोनिक स्टेम कोशिकाओं का उपयोग नहीं होता, इसलिए यह नैतिक विवादों से परे है।' स्टेम कोशिका प्रक्रिया का विवरण देते हुए उन्होंने कहा 'एंटी कैंसर तत्वों के माध्यम से रक्त कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के साथ सामान्य हीमेटोपायोटिक कोशिकाओं (एचएससी)को भी खत्म कर दिया जाता है।' नाकामुरा ने कहा कि एप्लास्टिक एनीमिया और थलेसेमिया मरीजों को बार-बार रक्त के घटकों की जरूरत पड़ती है, लेकिन ऐसे दाता मिलने मुश्किल होते हैं जिनका रक्त मरीजों के रक्त के समान हो।
नाकामुरा भारत-जापान संयुक्त संस्थान निची-इन सेंटर फॉर रीजनरेटिव मेडिसिन (एनसीआरएम) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्टेम कोशिका बैठक में आए हुए हैं। नाकामुरा ने कहा कि उनके दल ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे प्रयोगशाला में अन्य कोशिकाओं से लाल रक्त कणिकाओं का उत्पादन किया जा सकता है। इसे पशुओं में सुरक्षित और प्रभावी तरीके से साबित किया जा चुका है।
रिकेन बायो रिसोर्स सेंटर का सेल इंजीनियरिंग संभाग नॉट-फॉर-प्रॉफिट ‘सेल बैंक’ है, जिसमें मानव और पशु कोशिकाएँ दान में ली जाती हैं।

उन्होंने कहा 'हम पूरे विश्व के वैज्ञानिकों को कोशिकाएँ उपलब्ध कराते हैं, जिनका पहले गहन परीक्षण किया जाता है। इसका उद्देश्य विकासात्मक जीवविज्ञान के क्षेत्र में योगदान देना है।' भारत के परिप्रेक्ष्य में एनसीआरएम के निदेशक अब्राहम ने कहा 'कई मामलों में थलेसेमिया आनुवांशिक तौर पर दूसरी पीढ़ी में आता है।' अब्राहम ने कहा कि एनसीआरएम जापानी तकनीक के सहयोग से कई शोध शुरू करने वाला है।


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