नेहरू जी के दो आदर्श किस्से

चाँदी का फावड़ा और जल कर

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* नेहरूजी तब इलाहाबाद नगर पालिका के अध्यक्ष थे। अधिशासी अधिकारी ने उनकी स्वीकृति से कुछ ऐसे लोगों के पानी की आपूर्ति काट दी, जिन्होंने काफी समय से जल कर जमा नहीं किया था। उनमें नेहरूजी के घर का कनेक्शन भी था, जो मोतीलालजी के नाम था। इस कटौती से उनके घर में भी समस्या उत्पन्न हो गई।

मोतीलालजी ने इस संबंध में जवाहरजी से दरयाफ्त किया, तो नेहरूजी ने सारी बात बता दी। इस पर मोतीलालजी ने कहा- 'अपने घर का भी ध्यान न रखा?'

जवाहरजी ने कहा- 'लेकिन, नियम तो सभी के लिए हैं।'

* एक बार नेहरूजी पंजाब के एक स्थान पर एक सिंचाई योजना का उद्घाटन करने गए, तो अधिकारियों ने उन्हें चाँदी का फावड़ा थमाकर योजना का उद्घाटन करने का अनुरोध किया। नेहरूजी ने चाँदी का फावड़ा फेंककर पास में पड़ा लोहे का फावड़ा उठाकर उद्घाटन करते हुए कहा- 'भारत का किसान क्या चाँदी के फावड़े से खेती करता है?'
अधिकारीगण शर्मिंदा होकर रह गए।

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