साल 2016 में दुनियाभर में छाए रहे डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली। दुनिया में इस वर्ष कई देशों में सत्ता परिवर्तन और उल्लेखनीय घटनाक्रम हुए लेकिन सत्ता का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सबसे ताकतवर देश अमेरिका में हुआ जहां रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ने राष्ट्रपति चुनाव जीतकर पूरे विश्व को हैरत में डाल दिया।
नवम्बर में चुनाव में जहां डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के विजय की भविष्यवाणी की गई  थी और उन्हें  मजबूत दावेदार माना जा रहा था, ऐसे में ट्रंप ने श्रीमती क्लिंटन को पराजित करके दुनिया को हैरत में डाल दिया। 
 
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि तमाम चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में क्लिंटन को राष्ट्रपति पद की पहल पसंद माना जा रहा था लेकिन इन सभी सर्वेक्षणों और पूर्वानुमानों को गलत साबित करते हुए 70 वर्षीय अरबपति कारोबारी ट्रंप ने जीत दर्ज की और आठ वर्ष के अंतराल के बाद व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन पार्टी की वापसी का मार्ग प्रशस्त किया। वह 20 जनवरी 2017 को राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे।
                
इस वर्ष दूसरा सबसे महत्वपूर्ण चुनाव म्यांमार में रहा। कई वर्षों तक सैन्य शासन या सैन्य समर्थित शासन के अधीन रहे म्यांमार में नए युग की शुरुआत मार्च 2016 में हुई। पंद्रह मार्च 2016 को पूरे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से नए राष्ट्रपति का चुनाव कराया गया। इस चुनाव में आंग सान सूकी की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के उम्मीदवार हितिन क्याव देश के नए राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।
           
पुर्तगाल में 24 जनवरी 2016 को संपन्न चुनाव में मार्सिलो रेबेलो डिसूजा देश के नए राष्ट्रपति बने। फिलीपींस में राष्ट्रपति पद के लिए नौ मई 2016 को हुए चुनाव में पीडीपी लाबान पार्टी के रॉड्रिगो ड्यूटेर्ट ने लिबरल पार्टी के मार रोक्सास को हराकर चुनाव जीता। उन्होंने 30 जून को राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला।
 
जनवरी में ताइवान के मुख्य विपक्षी दल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की साई इंग-वेन भारी बहुमत से राष्ट्रपति निर्वाचित होकर इस देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनी। आइसलैंड में इतिहास के प्रोफेसर गुडनी जोहेनसन ने 26 जून 2016 को राष्ट्रपति चुनाव जीता। तेरह जुलाई 2016 को थेरेसा मे ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री बनीं।
            
ऑस्ट्रेलिया में प्रतिनिधि सभा तथा सीनेट के लिए जुलाई में हुए चुनावों में सत्तारूढ़ लिबरल ने मामूली बढ़त हासिल की जिससे प्रधानमंत्री पद पर मैकुलम टर्नबुल ही आसीन रहे। विश्व में यह वर्ष सत्ता परिवर्तन और चुनावों के अलावा कुछ और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के लिए भी इतिहास में दर्ज हो गया। चार सितम्बर 2016 को वेटिकन सिटी में मदर टेरेसा को कैथोलिक धर्म गुरू पोप फ्रांसिस ने "संत" की उपाधि प्रदान की। 
 
मदर टेरेसा को संत की उपाधि देने के समारोह में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 12 सदस्ई य प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंची थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी समारोह में पहुंची थी।
 
इस वर्ष हुई मिस वर्ल्ड-2016 का ताज छोटे से कैरेबियाई देश प्यूर्टो रिको की स्टेफनी डेल वेले के सिर पर सजा है। स्टेफनी इस वर्ष की विश्व सुंदरी चुनी गई। भारत की प्रियदर्शनी चटर्जी शीर्ष 10 में भी जगह नहीं बना सकी। भूरी आंखों वाली 19 वर्षीय स्टेफनी की स्पेनिश,अंग्रेजी और फ्रेंच भाषा पर अच्छी खासी पकड़ है।
 
वर्ष 2016 में दुनिया ने कुछ महान हस्तियों को खो दिया।  नौ फरवरी 2016 को नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोइराला का काठमांडू में निधन हो गया। वह 11 फरवरी 2014 से 10 अक्टूबर 2015 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे।
                
थाइलैंड के नरेश भूमिबोल अदुल्यतेज का 13 अक्टूबर को बैंकॉक में लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उन्होंने नौ जून 1946 को केवल 18 वर्ष की उम्र में राजगद्दी संभाली थी और वह 70 वर्षों से थाइलैंड के नरेश थे।                   
इजरायल की राजनीति में विशेष स्थान रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री एवं पूर्व राष्ट्रपति शिमोन पेरेज का 28 सितम्बर को निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। इजरायल की राजनीति श्री पेरेज के इर्द गिर्द की रहती थी।
          
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का 25 नवम्बर को लम्बी बीमारी के बाद हवाना में निधन हो गया। वह लगभग 90 वर्ष के थे। फिदेल कास्त्रो पांच दशक तक सत्ता में रहने के दौरान अमेरिका के घोर विरोधी रहे। उनके निधन से क्यूबा में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। (वार्ता)

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