जन्म से भले ही किसी के बाल काले हों लेकिन युवाओं के सिर पर रंगीन बालों की खुमारी छा रही है। यही कारण है कि लड़के हों या लड़कियां अपने बालों के असली रंगों को छोड़ बरगंडी, डार्क ब्राउन, रेड कलर करवा रहे हैं। उन्हें रंगीन बालों से प्यार हैं लेकिन वह इसके नुकसान से बेखबर हैं।
डॉक्टरों के अनुसार परमानेंट हेयर कलर करवाने वालों को बाद में त्वचा संबंधी दिक्कतों सामना करना पड़ता है। इसलिए यदि हेयर कलर करवाना भी हो तो परमानेंट के बजाय टेम्परेरी कलर करवाएं तो बेहतर है।
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वाणी अपने काले बालों से बोर हो चुकी हैं, यही वजह है कि वह इन दिनों अपने बालों पर डार्क ब्राउन कलर करवाकर बेहद खुश है। उसके मुताबिक जब एक ही कपड़ा रोज नहीं पहन सकते तो एक ही रंग के बालों को रोज कैसे देख सकते हैं। उसकी मानें तो हेयर कलर करवाकर गजब का आत्मविश्वास खुद में महसूस होता है। इतना ही नहीं आपकी बदली हुई छवि दूसरों के साथ-साथ खुद आपको भी बेहद पसंद आती है। उन्होंने 6 महीने के लिए यह कलर करवाया है, इसके बाद बरगंडी हेयर कलर करवाएंगी।
23 वर्षीय नीरज के अनुसार उसे जब पार्टी आदि में जाना होता है तो वह कुछ समय तक रहने वाले हेयर कलर का इस्तेमाल करता है। ऐसे हेयर कलर स्प्रे, जेल, मूज आदि के स्वरूप में आते हैं और एक ही शैंपू की धुलाई के बाद उतर जाते हैं। उसे लाइट ब्राउन कलर पसंद है, इसलिए वह ब्रांडेड हेयर कलर अपने बालों में करवाएगा।
फिजीशयन के अनुसार खासतौर से परमानेंट हेयर कलर इस्तेमाल करना नुकसानदायक होता है। इसमें क्योंकि कई कैमिकल सम्मिलित होते हैं, इसलिए बाल सफेद जल्दी हो जाते हैं। यदि हेयर कलर इस्तेमाल करना भी हो तो परमानेंट के बजाय टेम्परेरी होना चाहिए। परमानेंट हेयर कलर में अधिक मात्रा में अमोनिया होता है।
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जो बालों को सफेद करने के अलावा उनकी कोमलता खत्म कर देता है। इसके इस्तेमाल से कम उम्र में ही युवाओं के बाल अधिक झड़ने का खतरा हो जाता है। इसलिए जहाँ तक हो सके तो परमानेंट हेयर कलर के इस्तेमाल से बचना चाहिए ताकि शौक के चक्कर में सर के बाल न गंवाने पड़ें। हेयर कलर से क्या होते हैं नुकसान बालों का झड़ना बालों का सफेद होना साँस लेने में दिक्कत गले में कफ जमना सर्दी-जुकाम त्वचा में जलन एलर्जी आंखें लाल होना खुजली बहरापन