नौकरियों का बाजार गर्म

एचआर अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में जॉब पोर्टल और ऑनलाइन जॉब सर्च विकल्प देने वाले कंसलटेंट्स के जरिए 70 फीसदी नौकरियों को मंजूरी मिली है। सेवा क्षेत्र की बड़ी कंपनी के वरिष्ठ एचआर अधिकारी ने कहा कि भारत में जॉब पोर्टल और कंसलटेशन कारोबार बढ़ने से जो लोग नौकरी बदलने के बारे में सोचते हैं वे तेजी से अपनी नौकरी बदल लेते हैं। मुझे लगता है कि यह मुद्दा कर्मचारी और नियोक्ता के बीच का है जिसका संबंध वेतन, कार्यभार, रुचि क्षेत्र बदलना है, जिससे अदला-बदली की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। रावत ने कहा कि नए कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण से संबंधित लागत का स्तर 2009 के मुकाबले 2010 में काफी ज्यादा है। 65
फीसदी एचआर अधिकारियों ने बताया कि उच्च एट्रिशन दर से स्थायी कर्मचारियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है साथ ही कार्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। वैश्विक स्तर पर भारतीयों की रोजगार संभावनाएं आगामी एक साल में काफी ज्यादा सकारात्मक हैं। एक सर्वे के मुताबिक, हालाँकि 2010 की तीसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था और व्यय क्षमता में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। नेल्सन वैश्विक ग्राहक विश्वास सर्वे के अनुसार 12 माह में दस में से 9 भारतीय (91 फीसदी) अपनी नौकरी संभावनाओं के प्रति सकारात्मक हैं। नौकरी संभावनाओं में विश्वास भारतीयों के वित्तीय स्तर पर सकारात्मक होने का सूचक भी है। सर्वे में कहा गया है कि 10 में से आठ भारतीय (83 फीसदी) अपने व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति के प्रति आगामी 12 माह के दौरान काफी सकारात्मक हैं और यह आँकड़ा वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। रिपोर्ट में हालाँकि कहा गया है कि साल-दर-साल के हिसाब से इस वित्त वर्ष के पहली दो तिमाहियों की वृद्धि दर काफी स्थिर रही है। देश की अर्थव्यवस्था के प्रति भारतीयों के सकारात्मक रुख में कोई इजाफा नहीं हुआ है, वहीं वैश्विक रुख में गिरावट दर्ज की गई है।