चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 8,000 करोड़ रुपए के इस क्षेत्र में अगले पांच साल में 50,000 रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। यह बात उद्योग मंडल एसोचैम ने कही है।
फाइजर, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन, नोवार्टिस समेत देश में करीब 100 कंपनियां खेल से जुड़ी दवाओं, कर्करोग, फेफड़ों से जुड़ी दवाओं का परीक्षण कर रही हैं।
एसोचैम ने कहा कि निकट भविष्य में भारी संख्या में पेटेंट अवधि समाप्त होने की वजह से इस साल विश्व के कुल चिकित्सीय अनुसंधान का करीब 15 प्रतिशत भारत में होने का अनुमान है। (भाषा)