एलर्जी होने के अनेक कारण घर में ही छिपे होते हैं, लेकिन हम उन्हें इतना निरापद समझते हैं कि कभी उनकी ओर ध्यान ही नहीं देते। बारिश का मौसम एलर्जी पैदा करने के लिए सबसे मुफीद है। इसकी वजह यह है कि घर में पाई जाने वाली डस्ट स्माइट्स को पनपने के लिए नम और सीलन भरा वातावरण खूब भाता है।
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एलर्जी श्वसन तंत्र, नाक और त्वचा पर अपना असर दिखाती है। घर के कारपेट, बिस्तर और सॉफ्ट टॉयज में डस्ट स्माइट्स अपना कुनबा फैलाती है। हमारे शरीर से हर साँस में 10 हजार पार्टिकल झड़ते हैं। स्माइट्स इन्हीं पर पलती हैं। पालतु कुत्ते, बिल्ली आदि की त्वचा की परतें छोटे-छोटे टुकड़ों में लगातार गिरती रहती हैं।
इन जानवरों के बाल भी लगातार गिरते रहते हैं। घरों में पाए जाने वाले चूहे या कॉकरोच भी एलर्जीकारक तत्व छोड़ते रहते हैं। कुछ हेयर डाई भी एलर्जिक होते हैं। चमड़े के पर्स, घड़ियों के या कमर के पट्टे भी त्वचा की एलर्जी का कारण बन सकते हैं। कई लोगों की त्वचा को आर्टिफिशियल ज्वेलरी सूट ही नहीं करती, क्योंकि उससे उन्हें त्वचा की एलर्जी हो जाती है।