जान-जहान | यूँ रहें स्वस्थ | यौन समस्याएँ | आहार | आयुर्वेद | चिकित्सा पद्धतियाँ | घरेलू नुस्खे | जडी-बूटियाँ | सेहत समाचार
मुख पृष्ठ » विविध » सेहत » यूँ रहें स्वस्थ » खतरनाक है आज की लाइफ स्टाइल
अखिलेश आर्येन्दु
ND
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी की पत्रिका में प्रकाशित रपट के मुताबिक भारत के युवाओं में दिल की बीमारी का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसकी वजह इनका पश्चिमी लाइफ स्टाइल को बगैर सोचे-समझे अपनाना है। गौरतलब है कि 1993 में उदारीकरण, वैश्वीकरण और निजीकरण को अपनाने के बाद समाज के तकरीबन हर क्षेत्र में जबर्दस्त बदलाव आया है, खासकर लाइफ स्टाइल और रुचियों में तो आमूलचूल बदलाव देखने को मिला है।

सेहत और सुविधा दोनों के बारे में नजरिया बदला है। फास्ट फूड और पहनावे ने कई ऐसी समस्याएं पैदा कर दीं जो 15-20 साल पहले नहीं हुआ करती थीं। पत्रिका के मुताबिक फास्ट फूड की वजह से मोटापा, उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मामलों में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पत्रिका की रपट बताती है कि आने वाले दिनों में दिल और धमनी की बीमारियों में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए अभी से हर युवा को इस तरफ गौर करने की जरूरत है।

पिछले साल इस पत्रिका ने भारत के 1100 युवाओं पर सर्वेक्षण किए। इस सर्वेक्षण से यह बात उजागर हुई कि पश्चिमी लाइफ स्टाइल अपनाने की वजह से भारतीय युवा और युवातियां ऐसी बीमारियों की शिकार होते जा रहे हैं जो अत्यंत गंभीर और खतरनाक है। दिल्ली स्थित सेंटर ऑफ क्रॉनिक डिजीज कंट्रोल ने इसे ताज्जुब में डालने वाला मामला नहीं बताया है, क्योंकि भारत में जिस तरह के बदलाव 1993 के बाद आए हैं उससे ये सब तो होना ही था।

ND
यह बात गौर करने वाली है कि भारत की जलवायु पश्चिमी लाइफ स्टाइल को किसी भी स्तर पर सपोर्ट नहीं करती है। फास्ट फूड, कसे हुए कपड़े और वक्त पर खान-पान न करना, इन सभी चीजों ने ऐसी समस्याएं पैदा कर दी हैं जो बहुत ही खतरनाक हैं। पत्रिका की रपट से यह बात उजागर होती है कि भारत के युवाओं में उच्च रक्तचाप का प्रतिशत 11 से बढ़कर 34 फीसद है और महिलाओं में 5 से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह मधुमेह का प्रतिशत 5 से बढ़कर 12 प्रतिशत से अभी अधिक हो गया।

पत्रिका ने युवा-युवातियों में बढ़ते इन तमाम समस्याओं के समाधान भी सुझाए हैं। इन सुझावों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक, फास्ट फूड पर तत्काल नियंत्रण, पश्चिमी की बजाय भारतीय जीवनशैली अपनाने पर जोर, फलों और सब्जियों का अधिक सेवन और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर रोक आदि शामिल हैं।

यह बहुत आश्चर्य में डालने वाली बात है कि जिन कोकाकोला, पेप्सी और दूसरे विदेशी पेयों पर अमेरिका और दूसरे कई देशों में प्रतिबंध लगाया जा चुका है, उसे भारत में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। आयातित चीजों पर ज्यादा जोर की वजह से ही भारतीय समाज में समस्याएं बढ़ रही हैं।
संबंधित जानकारी